Heatwave Warning Signs: इस समय देश के कई शहरों में इतनी तेज गर्मी पड़ रही है कि घर से बाहर निकलना भी मुश्किल लग रहा है। दोपहर की गर्म हवा और तेज धूप सिर्फ थकान ही नहीं देती, बल्कि शरीर को अंदर से बीमार भी कर सकती है। सबसे ज्यादा खतरा छोटे बच्चों और बुजुर्गों को होता है, क्योंकि उनका शरीर गर्मी जल्दी सहन नहीं कर पाता। कई बार लोग सोचते हैं कि “थोड़ी कमजोरी है, ठीक हो जाएगी”, लेकिन यही लापरवाही बड़ी परेशानी बन सकती है। शरीर गर्मी बढ़ने पर पहले ही कुछ संकेत देने लगता है। अगर इन्हें समय पर समझ लिया जाए, तो बड़ी दिक्कत से बचा जा सकता है। इसलिए जरूरी है कि बच्चों और बुजुर्गों में दिखने वाले कुछ खास लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें।
बच्चों और बुजुर्गों में हीटवेव के 7 खतरनाक संकेत
शरीर बहुत ज्यादा गर्म लगना
अगर बच्चा बिना वजह बहुत गर्म महसूस हो या बुजुर्गों का शरीर आग की तरह तपने लगे, तो सावधान हो जाएं। कई बार लोगों को लगता है कि सामान्य गर्मी है, लेकिन यह शरीर का खतरे का संकेत हो सकता है। ऐसे में तुरंत ठंडी जगह पर बैठाएं और पानी पिलाएं।
बार-बार चक्कर आना और कमजोरी लगना
तेज गर्मी में शरीर से बहुत पसीना निकलता है। इससे शरीर में पानी की कमी होने लगती है। ऐसे में चक्कर आना, आंखों के आगे अंधेरा छाना या बार-बार बैठने का मन करना आम संकेत हैं। अगर बच्चा खेलते-खेलते अचानक सुस्त हो जाए या बुजुर्गों को चलने में कमजोरी लगे, तो इसे हल्के में न लें।
बच्चों और बुजुर्गों में ये संकेत न करें अनदेखा
बहुत ज्यादा पसीना आना या पसीना बंद हो जाना
गर्मी में पसीना आना सामान्य बात है, लेकिन अगर जरूरत से ज्यादा पसीना आने लगे तो शरीर थकने लगता है। वहीं कई बार हालत इतनी खराब हो जाती है कि शरीर से पसीना आना ही बंद हो जाता है। अगर त्वचा बहुत गर्म और सूखी लगे, तो तुरंत ध्यान देने की जरूरत है।
सिर दर्द और उल्टी जैसा महसूस होना
अगर तेज गर्मी में किसी को सिर भारी लगे, जी मिचलाए या उल्टी जैसा लगे, तो यह शरीर के ज्यादा गर्म होने का संकेत हो सकता है। छोटे बच्चे अक्सर रोने लगते हैं या चिड़चिड़े हो जाते हैं। बुजुर्गों में बेचैनी और घबराहट बढ़ सकती है।
सांस तेज चलना और दिल घबराना
जब गर्मी ज्यादा बढ़ जाती है, तो शरीर को संभालने में दिल को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। ऐसे में सांस तेज चलने लगती है और घबराहट महसूस हो सकती है। अगर बच्चा तेजी से सांस ले रहा हो या बुजुर्गों को बेचैनी हो रही हो, तो तुरंत आराम करवाएं।
ज्यादा सुस्ती या बेहोशी सबसे बड़ा खतरा
अगर कोई बार-बार आंखें बंद करने लगे, ठीक से बात न करे या बेहोश जैसा लगे, तो यह खतरनाक स्थिति हो सकती है। ऐसे में देर बिल्कुल न करें। तुरंत डॉक्टर को दिखाएं और मरीज को ठंडी जगह पर ले जाएं।
गर्मी में ऐसे रखें अपनों का ध्यान
बच्चों और बुजुर्गों को दोपहर की तेज धूप से बचाकर रखें। उन्हें थोड़ी-थोड़ी देर में पानी, नींबू पानी, छाछ या ORS देते रहें। हल्के कपड़े पहनाएं और घर को ज्यादा गर्म न होने दें। याद रखें, गर्मी में शरीर छोटे-छोटे संकेत देता है। अगर समय रहते ध्यान दे दिया जाए, तो बड़ी परेशानी से बचा जा सकता है।
