Glucoma Cause and Treatment: ग्लूकोमा आंखों की समस्याओं के एक समूह को कहा जाता है जो दृष्टि तंत्रिका को क्षति पहुंचाते हैं। कई लोगों के मन में इसे लेकर ग़लतफ़हमी हैं जिससे इसके निदान और उपचार में देरी हो सकती है। लोगों को इसके लक्षणों के बारे में अच्छी तरह से जानकारी होनी चाहिए और अपनी आँखों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अक्सर जांच करानी चाहिए। डॉ. नरेंद्र वाला, कंसल्टेंट ग्लूकोमा, संकरा आई सेंटर, इंदौर से जानें ग्लूकोमा से जुड़े कुछ मिथक और इनके तथ्य।
Glucoma Cause and Treatment
मिथक 1: ग्लूकोमा केवल बुजुर्गों को होता है
तथ्य: ग्लूकोमा होने का खतरा उम्र के साथ बढ़ता है, विशेषकर 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों में। हालाँकि, कुछ प्रकार के ग्लूकोमा 20-40 वर्ष की आयु के बीच और यहां तक कि शिशुओं और छोटे बच्चों में भी हो सकते हैं। हर किसी के लिए नियमित रूप से अपनी आंखों की जांच कराना जरूरी है। इससे समस्याओं के बदतर होने से पहले ही उनका पता लगाने में मदद मिलती है।
मिथक 2: हमेशा ग्लूकोमा के लक्षण नज़र आते हैं
तथ्य: ग्लूकोमा का आमतौर पर कोई लक्षण नहीं होता है और शुरुआती चरण में इसका पता लगाना मुश्किल होता है। इसे अक्सर "साइलेंट थीफ ऑफ साइट" कहा जाता है। इसी कारण से, आंखों की जांच कराना बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि इसके लक्षण केवल तभी नज़र आते हैं जब आपकी अधिकांश दृष्टि हानि हो चुकी होती है।
मिथक 3: ग्लूकोमा का कोई इलाज नहीं है
तथ्य: ग्लूकोमा का कोई इलाज नहीं है, लेकिन इसका जल्द पता लगने और आँखों की सही देखभाल से इसकी वृद्धि को धीमा किया जा सकता है। इससे आप अपनी आंखों की रोशनी खोने से बच सकते हैं। उपचार में आई ड्रॉप, निगली जाने वाली गोलियाँ, लेजर सहायता और समस्या कितनी गंभीर है इसके आधार पर सर्जरी शामिल है।
मिथक 4: केवल ग्लूकोमा के पारिवारिक इतिहास वाले लोगों को ही इसका जोखिम है
तथ्य: ग्लूकोमा का पारिवारिक इतिहास होने से जोखिम बढ़ जाता है, लेकिन यह किसी को भी हो सकता है। अपनी आंखों की अक्सर जांच कराना बहुत जरूरी है। यह समस्याओं का शीघ्र पता लगाने और उन्हें हल करने में मदद करता है, जिससे आपको दृष्टि संबंधी गंभीर समस्याएँ होने की संभावना घट जाती है।
मिथक 5: आंखों के व्यायाम से ग्लूकोमा ठीक हो सकता है
तथ्य: आंखों का व्यायाम करने से ग्लूकोमा ठीक नहीं हो सकता लेकिन आंखों का व्यायाम करना हमेशा फायदेमंद होता है। आपको नेत्र रोग विशेषज्ञ की मदद से उचित उपचार कराना चाहिए और चिकित्सक द्वारा दी गई सही दवाएं लेनी चाहिए, अपनी आदतें बदलनी चाहिए और जरूरत पड़ने पर ऑपरेशन कराना चाहिए।
मिथक 6: ग्लूकोमा के कारण हुई दृष्टि हानि ठीक नहीं हो सकती
तथ्य: दुर्भाग्य से, ग्लूकोमा के कारण हुई दृष्टि हानि को पूरी तरह से ठीक नहीं किया जा सकता है। हालाँकि, शीघ्र निदान और अच्छे नियंत्रण के उपयोग से आमतौर पर अधिक दृष्टि हानि होने से रोका जा सकता है। नियमित रूप से आंखों की जांच कराने से हमारी दृष्टि अच्छी रहती है और हमारा जीवन खुशहाल रहता है।
ग्लूकोमा के बारे में इन ग़लतफ़हमियों को दूर करना बहुत ज़रूरी है। इससे लोगों को इस रोग के बारे में अधिक समझने में मदद मिलती है और उन्हें अपनी आंखों की अच्छी देखभाल करने का प्रोत्साहन मिलता है। भले ही आप युवा हों या आपको देखने में कोई समस्या न हो पर फिर भी अपनी आँखों की जांच कराना बहुत महत्वपूर्ण है। इससे हमें समस्याओं का शीघ्र पता लगाने और उनसे अच्छी तरह निपटने में मदद मिलती है। ग्लूकोमा के बारे में तथ्यों की जानकारी पाकर लोग अपनी आंखों की देखभाल अच्छी तरह कर सकते हैं। इससे आने वाले कई वर्षों तक उनकी दृष्टि बचाने में मदद मिल सकती है।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी उपरोक्त एक्सपर्ट द्वारा दी गई है। टाइम्स नेटवर्क इस जानकारी से जुड़ी कोई जिम्मेदारी नहीं लेता है।
