Obesity In Women: हमारे देश में ज्यादातर महिलाओं का स्थिति लगभग एक समान देखने को मिलती हैं। सुबह आंख खुलते ही मोबाइल, फिर घर और ऑफिस की जिम्मेदारियां, काम का तनाव, भागदौड़ और खुद के लिए बिल्कुल समय न होना - ये ज्यादातर महिलाओं की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा हैं। भारत में आज लाखों महिलाओं की जिंदगी कुछ ऐसी ही हो गई है। यही वजह है कि भारत में बढ़ता वजन अब सिर्फ एक सौंदर्य से जुड़ी समस्या नहीं रह गया, बल्कि सेहत के लिए भी बड़ी चिंता बनता जा रहा है।
भारतीय महिलाएं क्यों हो रहीं हैं तेजी से मोटापे की शिकार
नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे (NFHS-6) के मुताबिक भारत में करीब 43 फीसदी महिलाएं ओवरवेट या मोटापे का शिकार हैं। यह आंकड़ा बताता है कि समस्या सिर्फ खाने-पीने की नहीं, बल्कि हमारी पूरी लाइफस्टाइल में छिपी हुई है। हेल्थ इन्फ्लूएंसर और फिटनेस कोच अक्षय एस शेट्टी कहते हैं अच्छी बात यह है कि वजन कम करने के लिए भूखे रहने या घंटों जिम में पसीना बहाने की जरूरत नहीं है। रोज की कुछ छोटी-छोटी आदतों में बदलाव करके भी बड़ा फर्क लाया जा सकता है।
आखिर महिलाओं का वजन इतनी तेजी से क्यों बढ़ रहा है - Women obesity In India Reasons
फिटनेस कोच अक्षय का कहना है कि ज्यादातर महिलाओं में वजन बढ़ने की वजह आलस या इच्छाशक्ति की कम होना नहीं है, बल्कि इसकी असली वजह उनकी रोजमर्रा की जिंदगी है। सुबह से रात तक काम में व्यस्त रहने की वजह से उनकी शारीरिक गतिविधि कम हो जाती है। ऐसा भी देखा जाता है कि कई महिलाएं घंटों एक ही जगह बैठकर काम करती हैं। इसके अलावा तनाव, समय पर खाना न खाना और नींद पूरी न होना भी वजन बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाते हैं। धीरे-धीरे ये आदतें शरीर में ज्यादा चर्बी जमा होने की वजह बनती हैं।
महिलाओं में मोटापे की ये है वजह
टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़ें: प्रेगनेंसी में बार-बार होती है एसिडिटी, डॉक्टर ने बताए राहत पाने के आसान तरीके, ज्यादातर महिलाएं करती हैं ये गलती
दिनभर की छोटी-छोटी गलतियां पड़ती हैं भारी
कई बार हम यह समझ ही नहीं पाते कि हमारी रोज की आदतें वजन बढ़ाने का कारण बन रही हैं। बहुत बार ऐसा होता है कि काम के बीच जो मिला, वही खा लिया जैसे कभी बिस्कुट, कभी नमकीन, तो कभी मीठी चाय के साथ कुछ स्नैक्स। शाम तक शरीर थक जाता है और रात का खाना भी देर से होता है। ऐसी आदतों के कारण शरीर को जरूरत से ज्यादा कैलोरी मिलती रहती है, लेकिन उसे खर्च करने का मौका नहीं मिलता। नतीजा, वजन बढ़ने लगता है।
टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़ें: सेहत के बारे में क्या बताता है हेयरफॉल, बाल झड़ने के ये 10 पैटर्न खोल सकते हैं आपकी हेल्थ के कई राज
कौन सी गलतियों से बचें
सिर्फ 15 मिनट की शुरुआत भी बदल सकती है तस्वीर
आपने अक्सर देखा होगा कि वजन कम करने के नाम पर अक्सर लोग बड़ी-बड़ी प्लानिंग बना लेते हैं और कुछ दिनों बाद छोड़ देते हैं। लेकिन एक्सपर्ट्स का कहना है कि शुरुआत छोटी होनी चाहिए। सुबह सिर्फ 15 मिनट टहलना, घर में हल्का व्यायाम करना या थोड़ा ज्यादा चलना भी फायदेमंद हो सकता है। यह जरूरी नहीं कि फिट रहने के लिए आप रोज जिम जाएं, बल्कि शरीर को नियमित रूप से एक्टिव रखना ही सबसे बड़ा कदम है। जब यह आदत बन जाती है तो धीरे-धीरे शरीर में बदलाव दिखने लगते हैं।
सही खाने का मतलब कम खाना नहीं होता
फिटनेस कोच अक्षय कहते हैं कि वजन कम करने के लिए भूखे रहना या पसंदीदा खाना छोड़ देना जरूरी नहीं है। इसके बजाए खाने में ऐसी चीजें शामिल करनी चाहिए जो पेट को लंबे समय तक भरा रखें जैसे
- दाल
- पनीर
- अंडा
- दूध
- दही और अन्य प्रोटीन से भरपूर चीजें।
इसके अलावा आपको पूरे दिन क्या खाना है, इसकी पहले से थोड़ी योजना बना लेना भी मददगार होता है। इससे बार-बार कुछ भी खाने की आदत कम होती है और शरीर को बेहतर पोषण मिलता है।
कम खाना सेहतमंद होना जरूरी नहीं
नींद की कमी भी बढ़ा सकती है मोटापा
बहुत सी महिलाएं अपनी नींद के साथ समझौता करती हैं। देर रात तक मोबाइल चलाना या काम करना अब आम बात हो गई है। लेकिन पर्याप्त नींद न मिलने का असर सीधे वजन पर पड़ सकता है। विशेषज्ञ बताते हैं कि जब शरीर को पूरा आराम नहीं मिलता तो भूख ज्यादा लग सकती है और थकान भी बनी रहती है। इसलिए रोज एक तय समय पर सोना और उठना उतना ही जरूरी है जितना सही खाना खाना।
असली बदलाव छोटी आदतों से आता है
फिटनेस कोच अक्षय शेट्टी के अनुसार, मोटापे से लड़ने का सबसे अच्छा तरीका अपनी रोजमर्रा की आदतों को सुधारना है। वजन कम करना कोई एक हफ्ते या एक महीने का काम नहीं है। जब आप रोज थोड़ा ज्यादा चलना शुरू करते हैं, समय पर खाना खाते हैं, अच्छी नींद लेते हैं और अपने शरीर की जरूरतों को समझते हैं, तब धीरे-धीरे बदलाव दिखने लगता है। यही छोटे-छोटे कदम लंबे समय में बड़ी सफलता दिलाते हैं।
याद रखिए, सेहत सुधारने के लिए आपको परफेक्ट बनने की जरूरत नहीं है। बस हर दिन एक छोटा अच्छा बदलाव करने की जरूरत है। यही बदलाव आगे चलकर आपकी बेहतर सेहत और बेहतर जिंदगी की वजह बन सकता है।
