Monsoon Migraine Headache: झमाझम बारिश का मौसम भला किसे पसंद नहीं। बारिश में लोगों को ही अच्छा लगता है। इस दौरान ठंडी हवा, मिट्टी की खुशबू और हरियाली मन को अलग ही सुकून देती है। लेकिन क्या आप जानते हैं, कुछ लोगों के लिए यही मौसम परेशानी भी लेकर आता है? बहुत से लोगों के साथ अक्सर यह देखा जाता है कि जैसे ही बारिश शुरू होती है या मौसम बदलता है, उनके सिर में तेज दर्द शुरू हो जाता है। कई लोगों को लगता है कि शायद बारिश की वजह से सिरदर्द हो रहा है। लेकिन क्या सच में ऐसा होता है?
बरसात और माइग्रेन का क्या है कनेक्शन
यशोदा हॉस्पिटल्स, हैदराबाद के कंसल्टेंट न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. भरत कुमार सुरिसेट्टी बताते हैं कि बारिश खुद माइग्रेन की वजह नहीं बनती। असल में, मौसम में अचानक होने वाले बदलाव कुछ लोगों में माइग्रेन का दौरा शुरू कर सकते हैं। अगर आपको भी हर साल मॉनसून में बार-बार सिरदर्द की शिकायत रहती है, तो इसकी वजह और बचाव के तरीके जानना जरूरी है।
बारिश नहीं मौसम बदलना है परेशानी की वजह
डॉ. भरत कुमार सुरिसेट्टी के अनुसार, बारिश से पहले और बारिश के दौरान मौसम में कई बदलाव आते हैं। कभी हवा भारी लगती है, कभी नमी बढ़ जाती है और कभी तापमान अचानक बदल जाता है। जिन लोगों को पहले से माइग्रेन की समस्या होती है, उनके शरीर और दिमाग पर इन बदलावों का असर पड़ सकता है। यही कारण है कि मौसम बदलते ही उन्हें सिरदर्द शुरू हो जाता है। यानी परेशानी की वजह सिर्फ बारिश नहीं, बल्कि मौसम का बदलना है।
परेशानी की असली वजह
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माइग्रेन का दर्द आम सिरदर्द से अलग होता है
हर सिरदर्द माइग्रेन नहीं होता। माइग्रेन में अक्सर सिर के एक तरफ तेज और धड़कन जैसा दर्द होता है। इसके साथ जी मिचलाना, उल्टी जैसा महसूस होना या तेज रोशनी और तेज आवाज से परेशानी भी हो सकती है। कुछ लोगों को दर्द शुरू होने से पहले धुंधला दिखाई देता है या आंखों के सामने चमक जैसी महसूस होती है। यही वजह है कि माइग्रेन का दर्द सामान्य सिरदर्द से कहीं ज्यादा परेशान करने वाला होता है और कई बार रोजमर्रा के काम भी रुक जाते हैं।
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ये गलतियां भी बढ़ा सकती हैं परेशानी
मॉनसून में मौसम बदलना एक वजह हो सकती है, लेकिन यह अकेली वजह नहीं है। अगर आप दिनभर कम पानी पीते हैं, समय पर खाना नहीं खाते, देर रात तक जागते हैं, ज्यादा तनाव लेते हैं या डॉक्टर की बताई दवा बीच में छोड़ देते हैं, तो माइग्रेन होने की संभावना और बढ़ जाती है। इसलिए सिर्फ मौसम को दोष देना सही नहीं होगा। अपनी रोज की आदतों का भी ध्यान रखना जरूरी है।
किन गलतियों से बचा जाना चाहिए
इन बातों का ध्यान रखेंगे तो मिल सकती है राहत
अगर आपको अक्सर माइग्रेन की शिकायत रहती है, तो अपनी दिनचर्या को नियमित रखें। रोज लगभग एक ही समय पर सोएं और उठें। दिनभर भरपूर पानी पिएं और खाना कभी न छोड़ें। ज्यादा तनाव लेने से बचें और जितना हो सके खुद को शांत रखें। एक छोटी डायरी में यह भी लिख सकते हैं कि सिरदर्द कब हुआ और उससे पहले आपने क्या किया था या मौसम कैसा था। इससे आपको समझने में मदद मिलेगी कि आपका माइग्रेन किस वजह से बढ़ता है।
कब डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है
अगर हर बार मौसम बदलते ही सिरदर्द शुरू हो जाए, दर्द पहले से ज्यादा होने लगे या बार-बार आने लगे, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। डॉ. भरत कुमार सुरिसेट्टी कहते हैं कि समय पर जांच और सही इलाज से माइग्रेन को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर ऐसी दवा भी देते हैं जिससे भविष्य में माइग्रेन के दौरे कम हो सकते हैं। इसलिए बार-बार होने वाले सिरदर्द को सामान्य समझकर टालना ठीक नहीं है।
कब लें डॉक्टर की सलाह
ध्यान देने वाली बात
जैसा कि हमने ऊपर चर्चा की है कि मॉनसून का मौसम हर किसी को एक जैसा प्रभावित नहीं करता है। लेकिन जिन लोगों को पहले से माइग्रेन की परेशानी है, उनके लिए मौसम में बदलाव मुश्किलें बढ़ा सकता है। अच्छी बात यह है कि अगर आप अपनी दिनचर्या ठीक रखें, समय पर खाना खाएं, पर्याप्त पानी पिएं और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह लें, तो माइग्रेन को काफी हद तक काबू में रखा जा सकता है। अगर बारिश के मौसम में हर साल सिरदर्द आपको परेशान करता है, तो इसे हल्के में लेने की बजाय समय रहते विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।
