Can We Eat Ragi In Diabetes In Hindi: आजकल लोग रागी का सेवन काफी करने लगे हैं। वे रागी के आटे रोटी, दलिया, खिचड़ी और माल्ट आदि का सेवन कर रहे हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि इसे गेहूं की तुलना में अधिक स्वस्थ अनाज माना जाता है। इसकी सबसे अच्छी बात यह है कि यह ग्लूटेन फ्री होता है। आजकल लोगों में ग्लूटेन युक्त अनाज जैसे गेहूं पचाने में काफी दिक्कत होती है। वे जैसे ही गेहूं की रोटी या इससे बनी कोई चीज खाते हैं, तो उनका पेट फूल जाता है। साथ ही, पाचन संबंधी समस्याएं होने लगती हैं। वहीं, रागी की तुलना में गेहूं पचने में आसान होते हैं, इसलिए ये जल्दी ग्लूकोज में मेटाबॉलाइज हो जाते हैं। रागी में फाइबर और प्रोटीन की मात्रा अच्छी होती है, ये धीरे-धीरे पचते हैं और पेट को लंबे समय तक भरा रखते हैं। इसलिए वेट लॉस की बात हो या स्वस्थ रहने की, लोग रागी डाइट में शामिल करना ज्यादा पसंद कर रहे हैं। वहीं, बड़े-बड़े सेलिब्रिटीज रोगी की रोटी खा रहे हैं। फिटनेस एक्सपर्ट भी रागी डाइट में शामिल करने की सलाह दे रहे हैं।
Can We Eat Ragi In Diabetes In Hindi
जिन लोगों को डायबिटीज या हाई ब्लड शुगर की बीमारी है, उन्हें गेहूं के आटे की रोटी कम खाने की सलाह दी जाती है। क्योंकि एक आम धारणा है कि यह जल्दी शुगर बढ़ाती है। ऐसे में डायबिटीज के मरीजों के बीज भी रागी की रोटी और इससे बने अन्य पकवान का सेवन काफी बढ़ गया है। ऐसा माना जाता है कि रागी ब्लड शुगर में स्पाइक का कारण नहीं बनती है और इसे कंट्रोल रखने में मदद करती है। लेकिन क्या वाकई ऐसा है? क्या डायबिटीज के मरीजों के लिए रागी खाना फायदेमंद होता है? फ्रीडम फॉर डायबिटीज के फाउंडर और डायबिटीज स्पेशलिस्ट डॉ. प्रमोद त्रिपाठी ने सोशल पर इस विषय पर खुलकर बात की है। यहां जानें डायबिटीज के मरीजों के लिए कितनी सुरक्षित है रागी।
डायबिटीज के मरीजों के लिए कितना सुरक्षित है रागी - Is Ragi Good For Diabetes In Hindi
डॉ. प्रमोद ने अपने अपने फ्रीडम फॉर डायबिटीज के इंस्टाग्राम पेज पर एक वीडियो शेयर किया है। जिसमें उन्होंने डायबिटीज और रागी के सेवन को लेकर चर्चा की है। उनकी मानें तो सफेद चावल और मैदा के अलावा, अगर डायबिटीज के मरीजों को किसी अनाज ने सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया है तो वह रागी है। लोगों को आमतौर पर यह लगता है कि रागी या नाचनी बहुत ही हेल्दी अनाज है। डॉक्टर्स भी यह सुझाव देते हैं कि रागी हेल्दी है और इसे अपनी डाइट में शामिल करें। लेकिन वास्तव में ऐसा नहीं है। यह शुगर के मरीजों के लिए बहुत अच्छा अनाज नहीं है।
Is Ragi Good For Diabetes In Hindi
रागी का ग्लाइसेमिक इंडेक्स होता है अधिक - Ragi Glycemic Index In Hindindi
डॉ. के अनुसार, रागी का ग्लाइसेमिक इंडेक्स बहुत ज्यादा हाई होता है। यह लगभग 65-70 के आसपास होता है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ (NIH) के अनुसार, ग्लाइसेमिक इंडेक्स फूड की एक रैंकिंग होती है। इसकी मदद से इस बात का पता चलता है कि किस फूड को खाने से शुगर कितनी तेजी से बढ़ेगा या कम होगा। ग्लाइसेमिक इंडेक्स 0 से 100 तक चलता है। जो फूड धीरे-धीरे पचते और अवशोषित होते हैं उनकी रेटिंग 55 या उससे कम होती है। लेकिन इससे अधिक वाले फूड जल्दी पचते हैं और तेजी से ब्लड शुगर बढ़ाते हैं।
कार्बोहाइड्रेट से भरपूर
डॉ. बताते हैं कि ग्लाइसेमिक इंडेक्स अधिक होने के साथ-साथ रागी में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा भी ज्यादा होती है। इसमें अमाइलोस कंटेंट होते है, यह एक ऐसा कार्बोहाइड्रेट है जो जल्दी पचता है और अवशोषित होता है। जब इस बात का पता हमारे हैदराबाद स्थिति ऑडिट कंसल्टेंट को पता चला तो उन्होंने बताया कि वह इसके बारे में नहीं जानते थे। उनके पिताजी को किडनी से जुड़ी बीमारी और उन्हें खुद न्यूरोपैथी की समस्या रागी खाने की वजह से काफी ज्यादा बढ़ गई।
Should Diabetes Patient Eat Ragi In Hindi
क्या डायबिटीज के मरीजों को रागी खानी चाहिए - Should Diabetes Patient Eat Ragi In Hindi
अगर किसी व्यक्ति को डायबिटीज की बीमारी है, तो डॉ. प्रमोद रागी को डाइट में न शामिल करने का सुझाव देते हैं। बल्कि इसके अलावा कई अन्य अनाजों का सेवन करने की सलाह देते हैं। उनके अनुसार ऐसे कई अनाज हैं जो डायबिटीज के मरीजों के लिए रागी बेहतर और हेल्दी साबित हो सकते हैं।
डायबिटीज के मरीजों के लिए बेस्ट अनाज - Best Millet For Diabetes In Hindi
जिन लोगों को डायबिटीज है वह रागी के बजाए कंगनी (Foxtail Millet), चेना या बरी (Proso Millet) या बार्नयार्ड मिलेट (Barnyard Millet) आदि जैसे स्वस्थ अनाज शामिल कर सकते हैं। यह उनके ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल रखने में मदद करेंगे।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
