सिर्फ लुक्स ही नहीं, हेल्थ भी सुधारते हैं कटे हुए बाल और नाखून! आयुर्वेद से जानें कैसे

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  • Updated Sep 16, 2025, 02:51 PM IST

आयुर्वेद के अनुसार, जब सिर के बाल, मूंछ या नाखून लंबे हो जाते हैं तो शरीर पर अतिरिक्त भार महसूस होता है। यह भार सीधा-सीधा मानसिक और शारीरिक हलचल पर असर डालता है। बाल और नाखून काटने से शरीर हल्का महसूस करता है, जिससे काम करने में ऊर्जा और एकाग्रता बढ़ती है।

आयुर्वेद केवल रोगों के उपचार का विज्ञान नहीं है, बल्कि यह जीवनशैली को संतुलित और स्वस्थ बनाने का मार्गदर्शन भी करता है। दैनिक जीवन की छोटी-छोटी आदतें शरीर और मन दोनों पर गहरा प्रभाव डालती हैं। इन्हीं में से एक आदत है, समय-समय पर बाल और नाखून काटना। आयुर्वेद के अनुसार, जब सिर के बाल, मूंछ या नाखून लंबे हो जाते हैं तो शरीर पर अतिरिक्त भार महसूस होता है। यह भार सीधा-सीधा मानसिक और शारीरिक हलचल पर असर डालता है। बाल और नाखून काटने से शरीर हल्का महसूस करता है, जिससे काम करने में ऊर्जा और एकाग्रता बढ़ती है।

हेल्थ सुधारने में कारगर हैं कटे हुए नाखून और बाल (Image: istock)

स्वच्छता को आयुर्वेद में 'आचार' का हिस्सा माना गया है। लंबे नाखून और बिना संवारे बालों में धूल, गंदगी और पसीना आसानी से जमा हो जाता है। यह वातावरण बैक्टीरिया और फंगस के विकास को बढ़ावा देता है, जिससे संक्रमण और त्वचा रोगों का खतरा बढ़ जाता है। नियमित रूप से बाल और नाखून काटने से इन जीवाणुओं का जमाव रुकता है और शरीर शुद्ध व स्वस्थ बना रहता है। लंबे नाखूनों के किनारों में अक्सर अदृश्य सूक्ष्मजीव पनप जाते हैं। ये जीवाणु भोजन बनाते समय या चेहरे को छूते समय शरीर के भीतर प्रवेश कर सकते हैं।

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