Covid Vaccine Can Be Beneficial For Kidney Patients: कोविड महामारी ने हमारी जिन्दगी को कई मायनों में बदल दिया, और गुर्दे (किडनी) भी इससे अछूते नहीं रहे। UCLA हेल्थ की हाल‑फिलहाल हुई स्टडी ने दिखाया है कि कोविड‑19 वैक्सीन का असर सिर्फ वायरस से सुरक्षा तक सीमित नहीं बल्कि यह किडनी की सुरक्षा में भी मदद कर रही है। खासकर जिन लोगों को एक्यूट किडनी इंजरी (AKI) हुआ हो, उनमें वैक्सीन ने किडनी फंक्शन में सुधार और आगे की डायलिसिस जरूरत में कमी दिखाई है। यानी वैक्सीन ने एक तरह से किडनी को बचाने वाली ढाल का काम किया है। चलिए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं...
Covid Vaccine Can Be Beneficial For Kidney Patients
अस्पताल में CRRT स्कोप में कमी
स्टडी के अनुसार, नॉन‑टीकाकृत (Unvaccinated) AKI वाले मरीजों में 15.8% को अस्पताल में लगातार किडनी रिप्लेसमेंट थेरेपी (CRRT) की जरूरत पड़ी, जबकि टीकाकृत (Vaccinated) में यह केवल 10.9% थी।
डिस्चार्ज के बाद भी फायदेमंद प्रभाव
टीकाकृत मरीजों में अस्पताल से जाने के बाद क्रिटिकल डायलिसिस की संभावना 2.56 गुना कम पाई गई। यानी सपोस करें, वैक्सीन के कारण किडनी को “फॉलो‑अप” में और राहत मिल रही है।
अस्पताल में मृत्यु दर में फर्क
जो मरीज वैक्सीन नहीं लगे थे, उनमें अस्पताल के दौरान मृत्यु‑दर वैक्सीन लगे मरीजों से 5.54 गुना ज्यादा थी। और लम्बी अवधि के फॉलो‑अप में यह अंतर करीब 4.78 गुना तक रहा।
शोध की सीमाएं
हर शोध की तरह, इस एक में भी कुछ सीमाएं थीं जैसे बेसलाइन क्रिएटिनिन का डेटा पूरे रूप से उपलब्ध नहीं था, और कोविड की गंभीरता के डाटा में समानता नहीं दिखी। साथ ही, इसमें बूस्टर डोज के असर को नहीं परखा गया।
वैक्सीन बनी किडनी के लिए ढाल
UCLA की डॉ. निलूफर नोबख्त का कहना है कि कोविड‑19 वैक्सीन कई तरह से फायदेमंद है। यह सिर्फ संक्रमण से नहीं बचाती, बल्कि गुर्दे के लंबे समय तक स्वस्थ रहने में भी मदद करती है।
निष्कर्ष
कोविड‑19 वैक्सीन ने किडनी संबंधी मरीजों में भी राहत देने का काम किया है चाहे वो अस्पताल में डायलिसिस की कमी हो, डिस्चार्ज के बाद फंक्शनल सुधार हो या मृत्यु‑दर में गिरावट। ऐसे में जो लोग किडनी की समस्या से गुजर चुके हैं या जिनका जोखिम ज्यादा है, उन्हें वैक्सीन लेना और भी जरूरी हो जाता है।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
