COVID-19 Variant JN.1: तिरुवनंतपुरम जिले के काराकुलम के RT PCR टेस्ट में यह पता चला कि एक मरीजे JN.1 से संक्रमित है। कोरोना का ये नया वैरिएंट दुनिया भर में चिंता पैदा कर रहा है। देशभर के स्वास्थ्य अधिकारी इस वेरिएंट को लेकर डरे हुए हैं। इस बात की आशंका है कि कोविड-19 का ये वेरिएंट पिछले वेरिएंट के मुकाबले ज्यादा खतरनाक साबित हो सकता है। ऐसे में देशभर में इसे लेकर जागरुक होने की जरूरत है। आइये आपको बताते हैं कि आखिर क्या है कोविड-19 का ये नया वेरिएंट और क्या हैं इसके लक्षण। इतना ही नहीं, इससे बचने के उपाय भी जानना जरूरी है।
क्या है JN.1 वेरिएंट?
ओमिक्रोन का सब वेरिएंट BA.2.86 को पिरोला के तौर पर भी जाना जाता है। इसी वेरिएंट को JN.1 वेरिएंट कहा जाता है। इस वेरिएंट का पहला केस अमेरिका में साल 2023 में सितंबर में आया था। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक 15 दिसंबर को चीन में इस सब वेरिएंट के 7 मामले पाए गए थे। सीडीसी ने एक हालिया अपडेट में कहा है कि भले ही वेरिएंट BA.2.86 और JN.1 बहुत अलग लगते हैं, लेकिन स्पाइक प्रोटीन में JN.1 और BA.2.86 के बीच केवल एक ही म्युटेशन है।
क्या हैं JN.1 के लक्षण?
अगर आप JN.1 वायरस से संक्रमित होते हैं तो आपको बुखार, नाक बहना, गले में खराश और सिरदर्द जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। इसके ज्यादातर लक्षण गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल दिक्कतों जैसी हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि ज्यादातर रोगियों को सांस लेने में तकलीफ होती है। यह संक्रमण आमतौर पर 4 से 5 दिनों के भीतर ठीक हो जाता है।
अगर दिखें ये लक्षण तो क्या करें?
अगर आप में भी इस संक्रमण के लक्षण दिखते हैं तो तत्काल COVID-19 टेस्ट कराइए। अगर कोविड या वैसा ही कोई दूसरा संक्रमण नजर आता है तो यह गंभीर हो सकता है। कुछ मरीजों में कुछ लक्षण दूसरों की तुलना में अधिक गंभीर हो सकते हैं।
क्या हैं JN.1 से बचाव के उपाय?
जेएन.1 वायरस से निपटने के लिए पहले की तरह ही कोविड प्रोटोकॉल का पालन करें। लोग मास्क पहनें और वायरल का लक्षण दिखे तो तत्काल मेडिकल टे्स्ट कराएं। अगर लक्षण बने रहते हैं तो आप खुद ही क्वारंटीन हो जाइए, इससे संक्रमण फैलने से रुक सकता है।
