आंखों का सूखापन तब होता है जब आपकी आंखें नम रहने के लिए पर्याप्त आंसू नहीं बनाती हैं, या जब आपके आंसू सही तरीके से नमी नहीं दे पाते हैं। इससे आपकी आंखें असहज महसूस कर सकती हैं, और कुछ मामलों में यह नजर से जुड़ी समस्याएं भी पैदा कर सकती है। हर साल लाखों लोग इस समस्या से परेशान होते हैं। इसका कारण वह माहौल होता है जिसमें आप रहते हैं। हमेशा एयर-कंडीशन में रहना, प्रदूषण, मोबाइल-कंप्यूटर का ज्यादा इस्तेमाल जैसे कारणों की वजह से आंखों में सूखापन आ सकता है। सर्दियों में इसकी समस्या बढ़ जाती है, आइए जानते हैं क्यों।
सर्दियों में क्यों बढ़ जाता है आंखों का सूखापन
सर्दियों में शायद आपने भी अपने आंखों की दिक्कतों में बढ़ोत्तरी देखी होगी। इसका कारण होता है, प्रदूषण। ठंडे तापमान के कारण हवा में धुंध और प्रदूषण के लिए जिम्मेदार छोटे कण बढ़ जाते हैं। इसके साथ ही हवा की नमी भी कम हो जाती है। अगर आंख में पहले से सूखेपन की समस्या है तो ठंडी हवा के संपर्क में आने से जलन बढ़ सकती है। इसके अलावा सर्दी या एलर्जी की दवाई को तौर पर एंटी-हिस्टामाइन लेने से भी आंखों में सूखापन बढ़ सकता है।
सूखी आंखों के लक्षण
आंख में सूखापन के सामान्य लक्षणों में आंखों का लाल होना, आंखों में पानी आना, चुभन महसूस होना, किरकिरापन, धुंधलापन, या आंखों में भारीपन और थकान महसूस हो सकता है। यदि आंखों की सर्जरी हुई है या ग्लूकोमा के लिए कॉन्टैक्ट लेंस या ड्रॉप्स का उपयोग करने पर भी ये लक्षण दिख सकते हैं।
आंखें सूखने पर क्या करें
सूखी आंखों के लिए घर पर ही कुछ काम करने चाहिए, जैसे कि आंखों पर साफ पानी से छींटे मारना, एयर-प्यूरीफायर और रूम ह्यूमिडिफायर का इस्तेमाल करना, धूल और एलर्जी से बचने के लिए चश्मे पहनना। आंखों मे सूखापन महसूस होने पर भरपूर पानी पीना चाहिए और स्क्रीन के सामने कम से कम समय बिताने की कोशिश करनी चाहिए। अगर स्थिति बनी हुई है तो आपको डॉक्टर से बात करनी चाहिए। डॉक्टर की सलाह पर आई ड्रॉप का इस्तेमाल करना चाहिए।
आंखों में सूखेपन के दौरान क्या न करें
आंखों में सीखेपन की स्थिति में किसी भी तरह के गैर-फार्मास्युटिकल उत्पाद, जैसे गुलाब जल या बाम आदि का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए। इससे आंखों में इंफेक्शन हो सकता है जो नजर के लिए खतरनाक हो सकता है।
