ऐसी आम धारणा बनी हुई है कि अंडे की जर्दी यानी कि उसका पीला भाग सेहत और खासकर दिल के लिए नुकसानदेह है। फिटनेस कॉन्शियस लोग अंडे का सफेद हिस्सा तो बड़े चाव से खाते हैं, लेकिन जर्दी को कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के डर से डस्टबिन में फेंक देते हैं। इसके उलट मशहूर कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. आलोक चोपड़ा का कहना है कि यह धारणा पूरी तरह वैज्ञानिक तथ्यों पर आधारित नहीं है और अंडे की जर्दी को लेकर फैला यह डर एक बड़ा मिथक है।
डॉ. आलोक चोपड़ा ने तोड़ा अंडे की जर्दी से जुड़ा मिथक (Photo: iStock)
डॉ. चोपड़ा के अनुसार, दिल की बीमारियों और आर्टरी ब्लॉक होने का असली कारण आहार में मौजूद कोलेस्ट्रॉल नहीं, बल्कि शरीर में होने वाली सूजन और खराब लाइफस्टाइल है।
डाइट का कोलेस्ट्रॉल बनाम ब्लड कोलेस्ट्रॉल
आम तौर पर लोग समझते हैं कि हम जो कोलेस्ट्रॉल खाते हैं, वह सीधे हमारी नसों में जाकर जमा हो जाता है। डॉ. चोपड़ा के अनुसार मानव शरीर का तंत्र ऐसे काम नहीं करता।
हमारे शरीर के लिए कोलेस्ट्रॉल इतना जरूरी है कि हमारा लीवर खुद हर दिन बड़ी मात्रा में कोलेस्ट्रॉल बनाता है। जब हम भोजन में कोलेस्ट्रॉल, जैसे अंडे की जर्दी लेते हैं, तो लीवर खुद-ब-खुद इसका निर्माण कम कर देता है ताकि संतुलन बना रहे।
अंडे की जर्दी में केवल कोलेस्ट्रॉल ही नहीं होता, बल्कि यह ल्यूटिन, ज़ियाक्सैंथिन, कोलीन, विटामिन A, D, E, K और हेल्दी फैट्स का एक रिच सोर्स है। जर्दी को हटा देने से अंडे का लगभग आधा न्यूट्रिशन खत्म हो जाता है।
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दिल का असली दुश्मन है इन्फ्लेमेशन
डॉ. आलोक चोपड़ा बताते हैं कि नसों में थक्के जमने या दिल के दौरे की मुख्य वजह सिर्फ कोलेस्ट्रॉल का स्तर नहीं है। असली समस्या तब शुरू होती है जब शरीर में क्रॉनिक इन्फ्लेमेशन होती है।
बहुत ज्यादा प्रोसेस्ड फूड, रिफाइंड शुगर, ट्रांस फैट, तनाव, धूम्रपान और शारीरिक गतिविधि की कमी से धमनियों की अंदरूनी परत में सूजन आ जाती है। जब नसों में सूजन होती है, तब जाकर वहां ऑक्सीडाइज्ड एलडीएल यानी कि बैड कोलेस्ट्रॉल जमा होने लगता है। अगर शरीर में सूजन नहीं है, तो सामान्य कोलेस्ट्रॉल धमनियों को नुकसान नहीं पहुंचाता।
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अंडा खाने का सही और सुरक्षित तरीका
अंडा सेहत के लिए बेहतरीन है, लेकिन इसे कैसे खाया जा रहा है, यह बहुत मायने रखता है:
उबला या कम तेल में पकाएं: अंडे को बहुत ज्यादा तेल, बटर या प्रोसेस्ड चीज में फ्राई करने के बजाय उबालकर या हल्के ऑलिव ऑयल या घी में ऑमलेट बनाकर खाएं।
सॉस और प्रोसेस्ड मीट से बचें: अंडे के साथ प्रोसेस्ड सॉसेज, बेकन या रिफाइंड ब्रेड खाने से बचें, क्योंकि ये चीजें शरीर में इन्फ्लेमेशन बढ़ाती हैं।
संतुलन है जरूरी: एक सामान्य स्वस्थ व्यक्ति प्रतिदिन 1 से 2 पूरे अंडे बिना किसी झिझक के अपनी डाइट में शामिल कर सकता है।
डॉ. आलोक चोपड़ा का कहना है कि अंडे की जर्दी को डाइट से बाहर निकालना समझदारी नहीं है। दिल को सेहतमंद रखने के लिए सिर्फ कोलेस्ट्रॉल से डरने के बजाय अपनी पूरी लाइफस्टाइल को सुधारना जरूरी है।
