Calcium Deficiency: हमारे शरीर के लिए आवश्यक तत्वों में एक महत्वपूर्ण तत्व कैल्शियम भी है। हमारे शरीर का हड्डियों से बना ढांचा और दांत कैल्शियम से मिलकर ही बना होता है। हृदय और मांसपेशियों के सुचारू रूप से काम करने के लिए भी कैल्शियम बेहद आवश्यक है। एक संतुलित आहार में दूध और दही जैसे खाद्य पदार्थ का सेवन करना इसीलिए आवश्यक माना जाता है क्योंकि यह कैल्शियम के अच्छे स्रोत हैं। कैल्शियम की कमी के कारण शरीर की लंबाई भी नहीं बढ़ती है और हड्डियां कमजोर होती हैं एवं हड्डियों के जल्दी टूटने और फैक्चर होने का डर रहता है।
कैल्शियम की कमी होने पर शरीर में दिखते हैं ये लक्षण
अगर आपको दिखाई देते हैं शरीर में यह 5 लक्षण तो हो सकते हैं कैल्शियम की कमी का संकेत-
1 - दांतों में समस्या
कम उम्र में ही यदि किसी व्यक्ति को दांत से जुड़ी परेशानियों जैसे, दांत का जड़ से हिलना, दांतों से खून आना, दांतो का पतला होना और दातों का कमजोर होना इत्यादि कैल्शियम की कमी के परिणाम हैं। दांत कैल्शियम से बने होते हैं और कैल्शियम दातों को मजबूती प्रदान करता है एवं कैल्शियम की कमी दांतो से जुड़ी समस्या के लिए जिम्मेदार होता है।
2-त्वचा और नाखून से जुड़े लक्षण
कैल्शियम की कमी के कारण त्वचा ड्राई हो जाती है व नाखून पतले और भुरभुरे से होने लगते हैं। त्वचा में सूजन, खुजली एवं एग्जिमा इत्यादि की समस्या भी कैल्शियम की कमी के कारण हो सकता है।
3- हड्डियों से जुड़ी समस्या
कैल्शियम हमारे शरीर के हड्डियों को मजबूती प्रदान करता है। कैल्शियम की कमी के कारण हड्डियां बहुत कमजोर हो जाती हैं और हड्डियों से जुड़ी कई समस्या पैदा होने लगती हैं। कैल्शियम की कमी के कारण रीढ़ की हड्डी में दर्द, घुटनों में दर्द इत्यादि की समस्या बनी रहती है।
4- थकावट एवं अनिद्रा की समस्या
कैल्शियम की कमी के कारण हमारा शरीर हमेशा थका हुआ महसूस करता है। नींद ना आने की समस्या भी कई लोगों को कैल्शियम की कमी की वजह से ही होती है। कभी-कभी कैल्शियम की कमी के कारण हाथ और पैर भी सुन्न हो सकते हैं।
कैल्शियम की आवश्यकता शरीर के बाकी हिस्सों को भी होती है। यह मांसपेशियों को सही तरीके से काम करने के लिए मददगार होता है। इसकी कमी के कारण ब्रेन सेल्स भी वीक होने लगते हैं और भूल जाने की समस्या पैदा हो सकती है। कभी-कभी याददाश्त कमजोर होने के पीछे का कारण कैल्शियम की कमी भी होती है।
(डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।)
