C-Section Births Linked To Increased Pain: अक्सर लोग सोचते हैं कि सी-सेक्शन यानी ऑपरेशन से डिलीवरी आसान होती है, लेकिन नई स्टडी ने इस सोच को पूरी तरह गलत साबित कर दिया है। टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, यूनाइटेड किंगडम की एक नई स्टडी में पाया गया है कि ऑपरेशन से बच्चा जन्म देने वाली महिलाएं न सिर्फ ज्यादा दर्द झेलती हैं, बल्कि उन्हें नींद पूरी न होने और इमोशनल थकान जैसी परेशानियां भी लंबे समय तक बनी रहती हैं। इस स्टडी ने यह भी दिखाया कि ऐसे मामलों में महिलाओं को रिकवरी में ज्यादा वक्त लगता है और वे अक्सर डिलीवरी के हफ्तों बाद तक बेचैनी, नींद की कमी और दर्द महसूस करती रहती हैं।
C-Section Births Linked To Increased Pain
स्टडी में हुआ बड़ा खुलासा
इस स्टडी में यह पाया गया कि सी-सेक्शन से डिलीवरी कराने वाली महिलाओं में दर्द और बेचैनी का स्तर सामान्य डिलीवरी की तुलना में काफी ज्यादा होता है। शोधकर्ताओं ने बताया कि ऑपरेशन के बाद शरीर को ठीक होने में समय लगता है, और यही वजह है कि महिलाओं को लगातार थकान और नींद की कमी महसूस होती है।
रिसर्च में शामिल महिलाओं ने बताया अपना अनुभव
स्टडी के दौरान जब डॉक्टरों ने सी-सेक्शन से डिलीवरी कराने वाली महिलाओं से बातचीत की, तो ज्यादातर ने बताया कि उन्हें कई हफ्तों तक दर्द, सूजन और नींद न आने की दिक्कत रही। कई महिलाओं ने यह भी कहा कि रात में बच्चा संभालते वक्त उठना उनके लिए बेहद मुश्किल हो जाता था क्योंकि घाव का दर्द बढ़ जाता था।
सामान्य डिलीवरी की तुलना में धीमी रिकवरी
रिसर्च के मुताबिक, सी-सेक्शन के बाद रिकवरी का प्रोसेस धीमा होता है। क्योंकि इसमें शरीर के ऊतकों को काटा जाता है, जिससे घाव भरने में समय लगता है। इस दौरान शरीर दर्द और थकान से जूझता है। वहीं, सामान्य डिलीवरी में प्राकृतिक रूप से रिकवरी जल्दी शुरू हो जाती है और नींद की गुणवत्ता भी जल्दी सुधरती है।
नींद की कमी से बढ़ती हैं इमोशनल समस्याएं
रिसर्च में यह भी बताया गया कि ऑपरेशन के बाद नींद पूरी न होने से महिलाओं में मूड स्विंग, डिप्रेशन और चिड़चिड़ापन जैसी मानसिक परेशानियां बढ़ जाती हैं। नींद शरीर के हीलिंग प्रोसेस के लिए बहुत जरूरी होती है, लेकिन सी-सेक्शन के दर्द और घाव के कारण नींद में रुकावट आने लगती है।
विशेषज्ञों की सलाह
हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि सी-सेक्शन के बाद महिलाओं को खुद पर ज्यादा दबाव नहीं डालना चाहिए। उन्हें परिवार से सहयोग लेना चाहिए ताकि शरीर और मन दोनों को आराम मिल सके। सही डाइट, हल्का एक्सरसाइज और पर्याप्त नींद से धीरे-धीरे शरीर रिकवर करता है। डॉक्टरों की सलाह के बिना कोई भी दवा या घरेलू नुस्खा अपनाने से बचना चाहिए।
स्टडी का संदेश
यूनाइटेड किंगडम की इस नई स्टडी ने साफ कर दिया कि सी-सेक्शन से डिलीवरी आसान नहीं होती, बल्कि यह महिलाओं के लिए डबल चैलेंज की तरह है, एक तरफ शरीर का दर्द और दूसरी तरफ नींद की कमी और मानसिक तनाव। इसलिए, जरूरी है कि समाज और परिवार ऐसे वक्त में मां को भावनात्मक और शारीरिक दोनों तरह से पूरा सपोर्ट दें।
सी-सेक्शन से डिलीवरी करवाने वाली महिलाओं के लिए यह स्टडी एक अहम चेतावनी है कि ऑपरेशन के बाद की परेशानियों को हल्के में न लिया जाए। हर मां के लिए यह फेज बेहद चुनौतीपूर्ण होता है, और इस समय उन्हें सबसे ज्यादा जरूरत होती है प्यार, सहानुभूति और देखभाल की।
