World Brain Day: सिर्फ बैठे-बैठे दिन बिताते हैं? कम चलने-फिरने का Brain Health पर क्या पड़ता है असर, एक्सपर्ट से जानिए

World Brain Day: क्या आप भी अपना पूरा दिन बैठे-बैठे या सोफे पर पड़े-पड़े गुजारते हैं, लेकिन क्या आपने सोचा है कि क्या पूरे दिन बैठे रहने से दिमाग पर असर पड़ता है? चलिए डॉक्टर से जानते हैं लंबे समय तक बैठे रहने के नुकसान और इससे बचने के आसान उपाय।

World Brain Day: आज की भागदौड़ वाली जिंदगी में काम भले ज्यादा हो गया हो, लेकिन शरीर की गतिविधि पहले से काफी कम हो गई है। घंटों ऑफिस की कुर्सी पर बैठना, घर आकर मोबाइल या टीवी देखना और दिनभर बहुत कम चलना-फिरना अब आम बात हो गई है। ज्यादातर लोग इसे सामान्य मानते हैं, लेकिन यही आदत धीरे-धीरे दिमाग की सेहत पर भी असर डाल सकती है। कई वैज्ञानिक शोध बताते हैं कि अगर शरीर लंबे समय तक निष्क्रिय रहे, तो इसका असर याददाश्त, ध्यान लगाने की क्षमता और मानसिक सेहत पर भी पड़ सकता है। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि कम चलने-फिरने का ब्रेन हेल्थ से क्या संबंध है और रोजमर्रा की कौन-सी छोटी आदतें दिमाग को स्वस्थ रखने में मदद कर सकती हैं।

World Brain Day

कम चलने-फिरने का दिमाग पर असर

ज्यादा देर बैठे रहने से दिमाग भी हो सकता है सुस्त

अमृता हॉस्पिटल, फरीदाबाद के सीनियर कंसल्टेंट एवं असिस्टेंट प्रोफेसर (न्यूरोसाइंसेज, न्यूरोलॉजी एंड स्ट्रोक मेडिसिन) डॉ. अमित कुमार अग्रवाल के अनुसार, हमारा दिमाग तभी अच्छी तरह काम करता है, जब उसे लगातार पर्याप्त ऑक्सीजन और पोषण मिलता रहे। जब कोई व्यक्ति लंबे समय तक एक ही जगह बैठा रहता है और शरीर की गतिविधि बहुत कम (sedentary lifestyle) होती है, तो शरीर की कार्यप्रणाली भी धीमी पड़ने लगती है। इसका असर धीरे-धीरे दिमाग पर भी पड़ सकता है। इसलिए शरीर को समय-समय पर चलाते रहना जरूरी है।

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