Bangladesh Measles Outbreak: दक्षिण एशिया में एक बार फिर खसरा यानी मीजल्स को लेकर चिंता बढ़ने लगी है। बांग्लादेश में बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। यह बीमारी भले ही पुरानी हो, लेकिन आज भी बच्चों के लिए बेहद खतरनाक मानी जाती है। खासतौर पर ऐसे देशों में जहां टीकाकरण पूरी तरह से नहीं हो पाता है, वहां खसरा तेजी से फैल सकता है। हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, खसरा सिर्फ एक सामान्य वायरल इंफेक्शन नहीं है, बल्कि यह कमजोर इम्यूनिटी वाले बच्चों में गंभीर जटिलताएं पैदा कर सकता है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर खसरा क्या है, यह कैसे फैलता है और क्या भारत को भी इससे खतरा हो सकता है? आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से...
बांग्लादेश में खसरे का खतरा
क्या है खसरा? - What is Measles
खसरा एक बेहद संक्रामक वायरल बीमारी है, जो “मीजल्स वायरस” के कारण होती है। यह बीमारी मुख्य रूप से बच्चों को प्रभावित करती है, लेकिन जिन लोगों को वैक्सीन नहीं लगी या जिनकी इम्यूनिटी कमजोर है, वे भी इसकी चपेट में आ सकते हैं। खसरा की शुरुआत आमतौर पर तेज बुखार, नाक बहना, खांसी और आंखों में लालपन से होती है। इसके कुछ दिनों बाद शरीर पर लाल रंग के दाने निकलने लगते हैं। ये दाने पहले चेहरे से शुरू होकर पूरे शरीर में फैल सकते हैं।
कैसे फैलता है खसरा? - How Measles Spreads
खसरा दुनिया की सबसे तेजी से फैलने वाली बीमारियों में गिना जाता है। खसरे से संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने या बात करने से वायरस हवा में फैल जाता है। यही वजह है कि एक संक्रमित व्यक्ति कई अन्य लोगों को आसानी से बीमार कर सकता है।
हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि वायरस हवा में कुछ समय तक मौजूद रह सकता है। ऐसे में संक्रमित व्यक्ति के कमरे में जाने वाला दूसरा व्यक्ति भी इसकी चपेट में आ सकता है। यही कारण है कि स्कूल, भीड़भाड़ वाले इलाके और कम टीकाकरण वाले क्षेत्र खसरा फैलने के बड़े कारण बनते हैं।
क्या भारत में भी बढ़ सकता है खतरा?
भारत में भी खसरा अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। हालांकि सरकार लगातार टीकाकरण अभियान चला रही है, लेकिन कुछ इलाकों में अब भी वैक्सीन कवरेज कम है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि टीकाकरण में लापरवाही बरती गई तो संक्रमण के फैलने का खतरा बढ़ सकता है। खासतौर पर बांग्लादेश के सीमावर्ती राज्यों और घनी आबादी वाले क्षेत्रों में सतर्क रहने की जरूरत है।
अच्छी बात यह है कि भारत में बच्चों को नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के तहत खसरा-रूबेला (MR) वैक्सीन दी जाती है, जो इस बीमारी से बचाव में काफी प्रभावी मानी जाती है।
खसरा से बचाव कैसे करें?
खसरा से बचने का सबसे प्रभावी तरीका वैक्सीनेशन है। बच्चों को समय पर खसरे की दोनों डोज लगवाना बेहद जरूरी है। इसके अलावा संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाना, साफ-सफाई रखना और भीड़भाड़ वाली जगहों पर सावधानी बरतना भी जरूरी है।
यदि किसी बच्चे को तेज बुखार, खांसी और शरीर पर दाने जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। शुरुआती पहचान संक्रमण को फैलने से रोकने में मदद कर सकती है।
