Ayurvedic Tips To Reduce Constipation In Hindi: बहुत से लोगों के साथ यह समस्या देखने के लिए मिलती है कि वे सुबह शौच के लिए जाते हैं तो उनका पेट ठीक से साफ नहीं होता है। इसकी वजह से उन्हें बार-बार पेट में मरोड़ और ऐंठन महसूस होती है, साथ ही बार-बार शौच जाने की इच्छा महसूस होती है। अगर आपके साथ भी अक्सर ऐसा होता है, तो आपको बता दें कि ऐसा कब्ज होने के कारण होता है। कब्ज की समस्या आजकल लोगों में बहुत आम हो गई है। इससे हर दूसरा व्यक्ति पीड़ित है। आजकल लोगों का खानपान और जीवनशैली बहुत खराब हो गई है, जो कब्ज के कारण बनती है। आयुर्वेद के अनुसार, कब्ज की समस्या शरीर में वात-पित्त दोष के असंतुलन के कारण देखने को मिलती है। वहीं मेडिकल साइंस की मानें, तो डाइट में फाइबर की कमी के कारण कब्ज होती है। अगर कोई व्यक्ति लंबे समय से कब्ज से पीड़ित है और समय रहते कब्ज के लिए उपचार नहीं लेता है, तो इसके कारण मल के साथ खून आना और बवासीर जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। अच्छी बात यह है कि अगर आप अपनी जीवनशैली में सुधार कर लें, फाइबर से भरपूर फूड्स खाएं और कुछ आयुर्वेदिक टिप्स को फॉलो करें, तो आसानी से कब्ज से छुटकारा पा सकते हैं। इस लेख में हम आपको कब्ज से छुटकारा पाने के लिए 5 आयुर्वेदिक उपाय बता रहे हैं....
Ayurvedic Tips To Reduce Constipation In Hindi
कब्ज से राहत के लिए आजमाएं ये आयुर्वेदिक उपाय- Ayurvedic Tips To Reduce Constipation In Hindi
1. त्रिफला का सेवन करें
त्रिफला आंवला, हरड़ और बहेड़ा जैसी तीन जड़ी-बूटियों का शक्तिशाली मिश्रण है, जो पेट के स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभकारी होता है। इसे लेने से पाचन दुरुस्त होता है, पेट की गैस, अपच, ब्लोटिंग और कब्ज आदि जैसी समस्याएं दूर होती हैं।
2. दूध में घी डालकर पिएं
अगर आप रात में सोने से पहले दूध में देसी गाय का घी मिलाकर पीते हैं, तो यह पुरानी से पुरानी कब्ज को ठीक करने में आपकी मदद कर सकता है। इससे आंतों को स्वस्थ रखने और मलत्याग की प्रक्रिया को दुरुस्त करने में मदद मिलती है।
3. घी, हरीतकी और शहद मिक्स करके खाएं
हरीतकी या हरड़ पित्त दोष को संतुलित करने में मदद करती है। हरड़, घी और शहद का मिश्रण भी कब्ज के लिए एक रामबाण उपाय है। इनका सेवन करने से वात दोष को कम करने में मदद मिलती है। आप आधा कप गुनगुने दूध में 1 चम्मच हरीतकी और 1 चम्मच घी और शहद मिलाकर रात को सोने से पहले पी सकते हैं।
4. फल जरूर खाएं
फलों में डाइट्री फाइबर भरपूर मात्रा में होता है। कब्ज से पीड़ित व्यक्ति को दिन में 200 ग्राम तक कोई भी मौसमी फल जरूर खाने चाहिए। इससे मल को सख्त करने और पेट साफ करने में बहुत मदद मिलती है।
5. दही में इसबगोल मिलाकर खाएं
दही आंत में अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाने और पाचन को दुरुस्त करने में मदद करती है। वहीं, इसबगोल फाइबर का कम करता है। यह मलत्याग की प्रक्रिया को बेहतर बनाते हैं। आप दिन में किसी भी समय इसका सेवन कर सकते हैं।
हेल्थ के लिए डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
