Desk Job Health Risk: भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानी जाने वाला वर्किंग फोर्स यानी मैन पावर आज एक गंभीर हेल्थ चुनौती से जूझ रहा है। हाल ही में अपोलो हॉस्पिटल की सामने आई एक एक रिपोर्ट ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। जिसके मुताबिक करीब 80% कामकाजी भारतीय अधिक वजन या मोटापे की समस्या से ग्रस्त हैं। यह केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि एक आने वाले बड़े स्वास्थ्य संकट की चेतावनी है। जिसके कारण कुछ लोग मधुमेह, उच्च रक्तचाप और हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। यदि आप कामकाजी हैं और मोटापे (obesity) की समस्या से जूझ रहे हैं, तो आपको कुछ हेल्दी टिप्स फॉलो करने चाहिए।
भारतीयों में तेजी से बढ़ा मोटापा
आधुनिक लाइफस्टाइल का साइड इफेक्ट
आज की कॉर्पोरेट लाइफस्टाइल ने काम को आसान जरूर बनाया है, लेकिन शरीर के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। दिनभर डेस्क पर बैठे रहना, घंटों स्क्रीन के सामने काम करना और फिजिकल एक्टिविटी बहुत कम होना, ये सभी कारण धीरे-धीरे वजन बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं। इसके साथ अनियमित खानपान और लगातार बढ़ता तनाव हमारी इस समस्या को और गंभीर बना रहे हैं।
बीमारियों का बढ़ता खतरा
वजन बढ़ने का असर सिर्फ शरीर के आकार तक सीमित नहीं रहता है। यह कई गंभीर बीमारियों का दरवाजा भी धीरे से खोल देता है। हेल्थ रिपोर्ट के अनुसार, कामकाजी लोगों में टाइप-2 डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और हार्ट रोगों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। पहले ये सभी बीमारी 40-50 साल से ज्यादा उम्र के लोगों में देखने को मिलती थीं, लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि अब 30 साल से कम उम्र के लोग भी इन बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं।
इसके अलावा ऐसे लाइफस्टाइल से कुछ ऐसे खतरे भी बढ़ रहे हैं, जो शुरुआत में तो दिखाई नहीं देते हैं, लेकिन धीरे-धीरे जानलेवा हो जाते हैं। जैसे फैटी लिवर, या धमनियों में कोलेस्ट्रॉल का जमा होना ऐसी ही कुछ गंभीर समस्याएं हैं। यह समस्याएं समय रहते पहचान न होने पर जानलेवा भी हो सकती हैं।
कैसे करें बचाव
इस मोटापे के संकट से निपटने के लिए एक साथ बड़े-बड़े बदलावों की नहीं, बल्कि छोटे-छोटे लेकिन रेगुलर प्रयासों की जरूरत है। जैसे-
- दिन में कम से कम 30 मिनट तेज चलना या हल्की एक्सरसाइज करना।
- ऑफिस में काम करते वक्त हर घंटे कुछ मिनट खड़े होकर स्ट्रेचिंग करना।
- ऑफिस या घर में नीचे से ऊपर जाते समय लिफ्ट की जगह सीढ़ियों का उपयोग करना।
हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि केवल 5% वजन कम करना भी शरीर पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। उदाहरण के लिए समझें यदि एक 80 किलो वजन वाला व्यक्ति अगर 4 किलो वजन घटा ले, तो उसके ब्लड शुगर, कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर लेवल में सुधार देखा जा सकता है।
खानपान के साथ मेंटल हेल्थ पर ध्यान जरूर दें
मोटापा के खिलाफ इस लड़ाई में संतुलित आहार ही सबसे मजबूत हथियार है। प्रोटीन, फाइबर और आवश्यक पोषक तत्वों से भरपूर भोजन शरीर को ऊर्जा देता है और वजन नियंत्रित रखने में मदद करता है। इसके साथ ही मानसिक स्वास्थ्य को नजरअंदाज करना भी भारी पड़ सकता है। तनाव, नींद की कमी और चिंता सीधे तौर पर वजन बढ़ाने और मेटाबॉलिक समस्याओं से जुड़े होते हैं। इसलिए हमेशा खुश रहें और वजन को बढ़ने से रोकें।
