क्या होता है एयर टर्बुलेंस? आसमान में विमान के लिए यह कैसे हो जाता है खतरनाक

टर्बुलेंस एक तरह की अनियमित और अप्रत्याशित वायु गति है जिससे हवाई जहाज को झटके लगते हैं। यह कई कारणों से हो सकती है, जैसे तूफान, पहाड़ों के पास की हवा, और तेज़ वायुमंडलीय धाराएं जिन्हें जेट स्ट्रीम कहा जाता है। टर्बुलेंस चार तरह के होते हैं-हल्का, मध्यम, गंभीर और अत्यंत गंभीर।

What is Air Turbulence : विमान का एयर टर्बुलेंस में फंसना कोई नई बात नहीं है। मौसम खराब होने पर ये अक्सर एयर टर्बुलेंस में फंस जाते हैं। हजारों फीट की ऊंचाई पर उड़ान भर रहे विमान खराब मौसम में एयर टर्बुलेंस की जद में आ जाते हैं। ये टर्बुलेंस हल्के, मध्यम, तीव्र और खतरनाक स्तर के होते हैं । हल्के एवं मध्यम स्तर के टर्बुलेंस से विमान को नुकसान पहुंचने का खतरा कम होता है और वे खुद को नियंत्रित भी कर लेते हैं लेकिन तीव्र और खतरनाक स्तर के एयर टर्बुलेंस का सामना होने पर उन्हें नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ जाता है।

Air Turbulence

एयर टर्बुलेंस में हवा की गति काफी तेज होती है।

टर्बुलेंस का सामना होने पर विमान हिलने लगता है। टर्बुलेंस तेज होने पर कई बार तो विमान अपने निर्धारित मार्ग से हट जाते हैं। यही नहीं कई बात तो ये चंद सेकेंड में सैकड़ों फीट नीचे तक आ जाते हैं। इस दौरान यात्रियों की सांसें अटकी रहती हैं। ऐसे में पायलट की सूझबूझ और अनुभव काफी काम आता है। 21 मई को श्रीनगर के लिए इंडिगो की फ्लाइट संख्या 6ई-2142 एयर टर्बुलेंस में फंस गई। ओलावृष्टि और बिजली गिरने से विमान का आगे का हिस्सा तक टूट गया। पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए विमान को श्रीनगर एयरपोर्ट पर लैंड कराया। इससे विमान में सवार 230 यात्रियों ने राहत की सांस ली।

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