Jayant Chaudhary Thank PM Modi: पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह, पी वी नरसिम्हा राव और मशहूर वैज्ञानिक एम एस स्वामीनाथन को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ (मरणोपरांत) से सम्मानित किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद ‘एक्स’ पर पोस्ट के जरिए यह जानकारी दी। इस घोषणा के तुरंत बाद जयंत चौधरी ने अनोखे अंदाज में पीएम मोदी का आभार जताया है। जयंत के ये तेवर अखिलेश यादव के लिए सिरदर्द साबित हो सकती है।
दादा को भारत रत्न मिलने पर जयंत चौधरी ने ऐसे जाहिर की खुशी।
जयंत चौधरी के दादा को भारत रत्न, ऐसे जाहिर की खुशी
राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी ने अपने दादा को भारत रत्न मिलने को लेकर पीएम मोदी का अनोखे अंदाज में आभार जताया और एक्स पर लिखा, 'दिल जीत लिया।' उन्होंने इशारों-इशारों में अखिलेश यादव और विपक्षी गठबंधन INDIA की टेंशन बढ़ा दी है। बीते कुछ दिनों से सियासी महकमे में ये चर्चा जोर पकड़ी हुई है कि जयंत भी ममता और नीतीश की तरह INDI गठबंधन को गच्चा देकर भाजपा के साथ आ सकते हैं, ऐसे में अब उनका ये पोस्ट इस दावे को और मजबूत कर रहा है।
शिवपाल यादव ने जयंत को लेकर किया ये बड़ा दावा
जयंत चौधरी के नेतृत्व वाले रालोद के यूपी में भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन में शामिल होने की अटकलों पर समाजवादी पार्टी के नेता शिवपाल सिंह यादव कहते हैं, "मैं जयंत और उनके पिता को बहुत अच्छी तरह से जानता हूं क्योंकि मैंने उनके साथ काम किया है। मुझे उम्मीद है कि जयंत किसानों के विरोध को कमजोर नहीं होने देंगे। वो कहीं नहीं जाएंगे हमें विश्वास है।'
पीएम नरेंद्र मोदी ने भारत रत्न की घोषणा की
हालांकि शिवपाल के इस दावे के तुरंत बाद जयंत के तेवर बदले-बदले नजर आ गए। एक पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, 'हमारी सरकार का यह सौभाग्य है कि देश के पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह जी को भारत रत्न से सम्मानित किया जा रहा है। यह सम्मान देश के लिए उनके अतुलनीय योगदान को समर्पित है।' प्रधानमंत्री ने कहा कि चौधरी चरण सिंह ने किसानों के अधिकार और उनके कल्याण के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया था।
पीएम मोदी ने कहा, 'उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे हों या देश के गृहमंत्री और यहां तक कि एक विधायक के रूप में भी, उन्होंने हमेशा राष्ट्र निर्माण को गति प्रदान की। वे आपातकाल के विरोध में भी डटकर खड़े रहे। हमारे किसान भाई-बहनों के लिए उनका समर्पण भाव और इमरजेंसी के दौरान लोकतंत्र के लिए उनकी प्रतिबद्धता पूरे देश को प्रेरित करने वाली है।'
यूपी में विपक्षी गठबंधन का अस्तित्व खतरे में
उत्तर प्रदेश में कुल 80 लोकसभा सीटें हैं, जो सरकार बनाने और गिराने में निर्णायक साबित होती हैं। ऐसे में सूबे की सियासी हलचल पर हर किसी की निगाहें टिकी हैं। क्या अब जयंत चौधरी भी विपक्षी दलों के गठबंधन और अखिलेश यादव को गच्चा देकर भाजपा के साथ चले जाते हैं या फिर तमाम अटकलों पर लगाम लगा देते हैं।
