Unified Pension Scheme kya Hai: केंद्र सरकार ने शनिवार को सरकारी कर्मचारियों के लिए नई पेंशन स्कीम की घोषणा की है। नई पेंशन स्कीम को यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) का नाम दिया गया है। नई पेंशन स्कीम के तहत कर्मचारियों को कई सुविधाएं मिलेंगी, जो पहले की स्कीम में नहीं थी। आइए समझते हैं कि यूनिफाइड पेंशन स्कीम क्या है और इससे सरकारी कर्मचारियों को कितना फायदा होगा।
यूनिफाइड पेंशन स्कीम क्या है, समझिए
10 प्वाइंट में समझिए यूनिफाइड पेंशन स्कीम क्या है (What is Unified Pension Scheme)
- एकीकृत पेंशन योजना (यूपीएस) के तहत सरकारी कर्मचारी अब सेवानिवृत्ति से पहले अंतिम 12 महीनों में मिले औसत मूल वेतन का 50 प्रतिशत पेंशन के रूप में पाने के हकदार होंगे।
- पेंशन के रूप में वेतन का 50 प्रतिशत पाने के लिए न्यूनतम सेवा अवधि 25 वर्ष होनी चाहिए।
- न्यूनतम 10 साल तक की सेवा अवधि के लिए आनुपातिक रूप से पेंशन दी जाएगी।
- नयी पेंशन योजना न्यूनतम 10 वर्ष की सेवा के बाद सेवानिवृत्ति पर 10,000 रुपये प्रति माह की न्यूनतम पेंशन की गारंटी भी देती है।
- मृतक कर्मचारी के जीवनसाथी को एक सुनिश्चित पारिवारिक पेंशन प्रदान की जाएगी।
- कर्मचारी सेवानिवृत्ति के समय ग्रेच्युटी के अलावा एकमुश्त रकम के पात्र होंगे।
- इसके अलावा, सुनिश्चित पेंशन, सुनिश्चित पारिवारिक पेंशन और सुनिश्चित न्यूनतम पेंशन पर महंगाई सूचकांक भी होगा।
- कार्यरत कर्मचारियों की तरह औद्योगिक श्रमिकों के लिए अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (एआईसीपीआई-आईडब्ल्यू) के आधार पर महंगाई राहत दी जाएगी।
- इस वैकल्पिक योजना से केन्द्र सरकार के 23 लाख कर्मचारियों को लाभ मिलेगा।
- यदि राज्य सरकारें इस योजना में शामिल होना चाहें तो कर्मचारियों की संख्या बढ़कर 90 लाख हो जाएगी।
यूनिफाइड पेंशन स्कीम से सरकार पर कितना बोझ
सरकार के मुताबिक एरियर पर 800 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। पहले वर्ष में वार्षिक लागत वृद्धि लगभग 6,250 करोड़ रुपये होगी। यह योजना 1 अप्रैल, 2025 से प्रभावी होगी। केंद्र सरकार के कर्मचारियों को एनपीएस और यूपीएस के बीच चयन करने का विकल्प दिया जाएगा। केंद्र सरकार के एनपीएस ग्राहकों को यूपीएस पर स्विच करने का विकल्प भी दिया जाएगा।
काफी समय से थी ये मांगें
नई योजना के बारे में जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि सरकारी कर्मचारियों ने नई पेंशन योजना में कुछ बदलाव की मांग की थी। इसके लिए पीएम मोदी ने कैबिनेट सचिव टी.वी.सोमनाथन की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया। इस समिति ने विभिन्न संगठनों और लगभग सभी राज्यों के साथ 100 से अधिक बैठकें कीं और इन सिफारिशों के आधार पर एकीकृत पेंशन योजना तैयार की गई है।
