दुनिया की कई सभ्यताएं जब लुप्त हुईं तो उनको मानने या अपना बताने वाले लोग कहीं नहीं बचे, लेकिन माया सभ्यता के साथ ऐसा नहीं है। सबसे रहस्यमयी माने जाने वाली माया सभ्यता को मानने वाले लोग न केवल आज भी मौजूद हैं, बल्कि वो उसी पद्धित, उसी भाषा, उसी कैलेंडर को अपनाकर जिंदगी जी रहे हैं, जिनका अस्तित्व हजारों साल पहले था। इसलिए माया सभ्यता का इतिहास प्राचीन काल से लेकर वर्तमान काल तक मौजूद माना जाता है। माया सभ्यता जितनी रहस्यमयी सभ्यता शायद ही कोई थी, जहां विकास भी अपने चरम पर था, विज्ञान भी और जब विनाश हुआ तो भी एक रहस्य के रूप में।
कब और कहां हुआ था माया सभ्यता का विकास?
माया सभ्यता का विकास लगभग 2000 ईसा पूर्व से शुरू हुआ और इसका उत्कर्ष काल करीब 250 ईस्वी से 900 ईस्वी के बीच माना जाता है। इसका विकास जंगलों में हुआ था। जिसका क्षेत्र था मेसोअमेरिका। जिसे दुनिया के वर्तमान नक्शे पर देखें तो यहां मेक्सिको, ग्वाटेमाला, बेलीज, होंडुरास और अल साल्वाडोर मौजूद हैं। यह इलाका घने वर्षावनों, पहाड़ी क्षेत्रों और उपजाऊ मैदानों से भरा था। यह क्षेत्र घने जंगलों, चूना पत्थर के आधार और 'सेनोट्स' (प्राकृतिक जल कुंड) के लिए जाना जाता है, जो माया लोगों के लिए पानी का मुख्य स्रोत थे। जिसने माया सभ्यता को विकास करने के लिए भरपूर मौका दिया और माया सभ्यता के लोगों ने भी इस पूरा फायदा उठाया।
maya civilization
माया सभ्यता की पहचान
माया सभ्यता की पहचान, उसका धर्म, विज्ञान, कृषि, सटीक कैलेंडर, चित्रलिपि, राजनीतिक व्यवस्था और कला जैसी कई महत्वपूर्ण चीजें थीं। ये चीजें जिस पर वर्तमान दुनिया टिकी है, वो हजारों साल पहले माया सभ्यता के पास थी। सोचिए वो कितनी विकसित सभ्यता रही होगी।1. उन्नत नगर और पिरामिड
माया सभ्यता ने विशाल पत्थर के शहर बसाए। ऊंचे पिरामिड, मंदिर और महल इसकी प्रमुख पहचान बने। यह सभ्यता भले ही लुप्त हुई, लेकिन इसके शहर आज भी धरती पर उसी जगह मौजूद हैं, जहां ये बसाए गए थे। इसके प्रमुख शहरों की लिस्ट में- चिचेन इट्ज़ा, कलाकमुल उक्समल, पालेन्के (मेक्सिको), टिकल (ग्वाटेमाला), कोपान (होंडुरास) शामिल हैं। अन्य शहरों में बोनाम्पाक, डोस पिलास, उआक्सैक्टून, कोबा, और अल्टुन हा हैं। शहर केंद्र में पत्थरों से निर्मित पिरामिडनुमा मंदिर, महल और खेल के मैदान होते थे, जिनके चारों ओर सामान्य जनता के साधारण घर बने थे। प्रत्येक शहर एक स्वतंत्र 'नगर-राज्य' की तरह काम करता था, जिसका शासन एक राजा करता था।2. सटीक कैलेंडर प्रणाली
माया लोगों ने अत्यंत सटीक कैलेंडर विकसित किया। उनका 365 दिन का सौर कैलेंडर आधुनिक गणना से लगभग मेल खाता था। कहा जाता है कि इसकी भविष्यवाणी गलत नहीं होती थी, हालांकि 2012 में दुनिया को खत्म होने वाली भविष्यवाणी गलत निकली थी, लेकिन इस भविष्यवाणी के अर्थ पर ही सवाल है। माया लोगों के अनुसार 2012 में दुनिया खत्म होने की भविष्यवाणी नहीं थी, बल्कि कैलेंडर के फिर से शुरू होने की भविष्यवाणी थी।3. गणित में शून्य का प्रयोग
माया सभ्यता की एक बड़ी उपलब्धि शून्य (0) की अवधारणा का उपयोग था। उनकी गणना प्रणाली 20 आधारित (विगेसिमल) थी।
4. खगोल विज्ञान में दक्षता
उन्होंने सूर्य, चंद्रमा और ग्रहों की गति का गहन अध्ययन किया। वे ग्रहणों और खगोलीय घटनाओं की भविष्यवाणी कर सकते थे।5. चित्रलिपि लेखन प्रणाली
माया सभ्यता की अपनी हाइरोग्लिफिक लिपि थी, जिसके माध्यम से उन्होंने इतिहास, धार्मिक ग्रंथ और राजाओं की उपलब्धियां दर्ज कीं।6. कृषि आधारित अर्थव्यवस्था
मकई (मक्का) उनकी मुख्य फसल थी। कृषि ही समाज की आर्थिक नींव थी।Paris Codex pages
माया सभ्यता के खत्म होने का रहस्य क्या है?
माया सभ्यता के तेजी से गिरावट के असली कारण आज भी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाए हैं। इतिहासकार और वैज्ञानिक वर्षों से इस बात की पड़ताल कर रहे हैं कि आखिर ऐसा क्या हुआ जिसने इतने विकसित समाज को कमजोर कर दिया। कई शोधों में यह आशंका जताई गई है कि लंबे समय तक पड़े सूखे ने खेती को बुरी तरह प्रभावित किया, जिससे खाद्यान्न की कमी हुई और लोग भूख व संकट की स्थिति में पहुंच गए। लगभग 9वीं शताब्दी के बाद माया सभ्यता का पतन होने लगा। कई प्रमुख शहर अचानक खाली होने लगे। इसे “क्लासिक माया पतन” कहा जाता है। इस समय मध्य माया क्षेत्र में राजनीतिक व्यवस्था कमजोर पड़ गई। आपसी संघर्ष और गृहयुद्ध बढ़ गए, कई बड़े शहर खाली होने लगे और बड़ी संख्या में लोग उत्तरी क्षेत्रों की ओर पलायन कर गए। इस तरह उस क्षेत्र में माया शक्ति का धीरे-धीरे पतन होने लगा।
स्पेनियों के आक्रमण का माया सभ्यता पर असर
16वीं शताब्दी में स्पेनिश विजेताओं के आगमन के बाद माया सभ्यता को भारी झटका लगा। उत्तर शास्त्रीय दौर में उत्तरी क्षेत्र में चिचेन इट्जा एक प्रमुख शक्ति बनकर उभरा, जबकि ग्वाटेमाला के पहाड़ी इलाकों में किचे साम्राज्य ने अपना प्रभाव तेजी से बढ़ाया और कई क्षेत्रों पर नियंत्रण स्थापित किया। 16वीं शताब्दी में स्पेनिश साम्राज्य ने मेसोअमेरिका पर कब्जा जमाना शुरू किया। कई सैन्य अभियानों और संघर्षों के बाद अंततः 1697 में आखिरी स्वतंत्र माया नगर नोजपेटेन भी स्पेनिश शासन के अधीन आ गया, जिसके साथ माया राजकीय सत्ता का अंत हो गया।
Spanish conquest of Iximche
आज कहां रहते हैं माया के वशंज?
माया सभ्यता के पतन के बाद भी उनकी पहचान लुप्त नहीं हुई। माया लोगों की भाषा, परंपराएं और सांस्कृतिक पहचान आज भी लाखों लोग अपनाए हुए हैं। आज सात मिलियन से अधिक माया लोग अपने मूल निवास स्थान मेसोअमेरिका और दुनिया भर के अन्य देशों में रहते हैं। ग्वाटेमाला में तो कुल आबादी का बड़ा हिस्सा माया समुदाय से जुड़ा है।
