ट्रंप का सीधा दखल, जेलेंस्की भी नरम...फिर रूस-यूक्रेन डील की उम्मीदें क्यों हो रहीं धूमिल?

पिछले कुछ महीनों से अमेरिकी अधिकारी रूस और यूक्रेन से समझौता करने का आग्रह कर रहे हैं, क्योंकि ट्रंप द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यूरोप के सबसे बड़े संघर्ष को जल्दी से जल्दी समाप्त करना चाहते हैं।

Russia-Ukraine Peace Deal: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा रूस और यूक्रेन के नेताओं के साथ फोन पर बातचीत से उम्मीदें और मजबूत हो गई हैं कि इन देशों के बीच तीन साल से अधिक समय से चल रहे युद्ध को खत्म करने की दिशा में जल्द ही खुशखबरी मिल सकती है। जब ट्रंप ने रूसी राष्ट्रपति पुतिन को फोन लगाया तो लगा कि रूस-यूक्रेन में युद्धविराम का ऐलान किसी भी वक्त हो सकत है। पूरी दुनिया की नजर इस बातचीत पर थी। दोनों के बीच ये बातचीत करीब दो घंटे तक चली। इसमें दोनों नेताओं खासकर ट्रंप ने उम्मीद जताई कि युद्धविराम संभव है। लेकिन कई घंटे बीतने के बावजूद कहीं कोई प्रगति नहीं दिख रही है। समझते हैं आखिर क्यों इस मामले में अब तक कोई अहम प्रगति नहीं हुई है।

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कब तक होगा रूस-यूक्रेन युद्धविराम?

बातचीत की धीमी गति से उम्मीदें धूमिल

दरअसल, बातचीत की धीमी गति और अब तक कोई अहम सफलता नहीं मिलने की निराशा ने उम्मीदों को कम कर दिया है। यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने मंगलवार को टेलीग्राम पर कहा, यह स्पष्ट है कि रूस युद्ध और कब्जे को जारी रखने के लिए समय लेने की कोशिश कर रहा है। हम रूसियों पर अलग व्यवहार करने के लिए दबाव डालने के लिए भागीदारों के साथ काम कर रहे हैं।

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