विकास बनाम आंदोलन: क्या था सिंगूर विवाद, जिसने ममता बनर्जी को दिलाई थी सत्ता, अब BJP का बड़ा वादा

Singur Controversy: पश्चिम बंगाल का सिंगूर विवाद भारत के औद्योगिक और राजनीतिक इतिहास की एक महत्वपूर्ण घटना है, जिसने राज्य की सत्ता का रुख ही बदल दिया।

Singur Controversy: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव (bengal chunav 2026) को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आज अपना संकल्प पत्र जारी किया। यह संकल्प पत्र केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) की मौजूदगी में पेश किया गया। इस दौरान उन्होंने कहा कि पार्टी का मुख्य लक्ष्य राज्य में कानून-व्यवस्था को मजबूत करना और विकास को नई रफ्तार देना है। भाजपा (BJP sankalp Patra) ने अपने घोषणापत्र में महिलाओं, युवाओं, किसानों, बुजुर्गों और व्यापारियों को ध्यान में रखते हुए कई बड़े वादे किए हैं। इन्हीं में एक अहम वादा सिंगूर में इंडस्ट्रियल पार्क बनाने का भी शामिल है।

Singur vivad

सिंगूर बना सबसे बड़ा सियासी हथियार (फोटो: एआई)

सिंगूर (Singur vivad) का मुद्दा पश्चिम बंगाल की राजनीति में बेहद महत्वपूर्ण रहा है। यह केवल एक जमीन विवाद नहीं था, बल्कि इसने राज्य की सत्ता और राजनीति की दिशा ही बदल दी। इस पूरे विवाद की शुरुआत साल 2006 में हुई, जब उस समय की वामपंथी सरकार ने हुगली जिले के सिंगूर में टाटा मोटर्स को ‘नैनो’ कार (Tata Nano Project) बनाने के लिए करीब 997 एकड़ जमीन दी। सरकार ने यह जमीन पुराने भूमि अधिग्रहण कानून के तहत ली थी, लेकिन कई किसानों ने इसका विरोध किया।

End of Feed