आतंकवाद से लड़ाई पर PM मोदी ने खींच दी है 'नई लकीर', 'नई नीति' का उद्घोष करती हैं प्रधानमंत्री की ये 3 बातें

सोमवार रात देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साफ तौर पर कहा कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई अब नए तौर-तरीके और अपनी शर्तों पर होगी। उन्होंने पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा कि 'ऑपरेशन सिंदूर' खत्म नहीं हुआ है बल्कि इसे थोड़े समय कि लिए स्थगित किया गया है।

India New Doctrine against Terrorism : आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति जीरो टॉलरेंस की रही है। बीते एक दशक में देश में हुए आतंकवादी हमलों का भारत ने कड़ाई से जवाब भी दिया है। 2016 में उरी में सेना के कैंप पर और 2019 में पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर आतंकवादी हमले का जवाब भारत ने बेहद सख्ती से दिया लेकिन बीते 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के गुनहगारों को सजा देने के लिए चलाए गए अपने 'ऑपरेशन सिंदूर' के जरिए भारत ने आतंकवाद के खिलाफ एक 'नई लकीर' खींच दी है। सोमवार रात राष्ट्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद मोदी ने आतंकवाद और पाकिस्तान के लिए जो बातें कहीं और जो चेतावनी दी, वह आतंकवाद के खिलाफ भारत के 'नए डॉक्ट्रिन' का उद्घोष करता है। पीएम की ये बातें स्पष्ट तौर पर इशारा करती हैं कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई अब नए तौर-तरीके और ज्यादा प्रभावी तरीके से होगी।

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पीएम मोदी ने पाकिस्तान को दी है सख्त चेतावनी।

परमाणु हथियार की धमकी बर्दाश्त नहीं करेंगे-पीएम

प्रधानमंत्री ने कहा है कि आतंकवाद से लड़ाई अब तीन बिंदुओं को प्रमुखता से ध्यान में रखते हुए लड़ी जाएगी। पहला यह कि आतंकवादी हमला होने पर उसका जवाब भारत अपनी शर्तों और अपने तरीके से देगा। आतंक और आतंकियों को जवाब कैसे देना है, इसके बारे में कोई देश हमें नहीं बता सकता। दूसरा, आतंकियों को पालने-पोसने और उन्हें संरक्षण देने वाले देशों की परमाणु हथियार की धमकी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जाहिर है कि उनका इशारा पाकिस्तान की तरफ है। और सबसे बड़ी बात भारत अब आतंकवादियों, उनके आकाओं और इन्हें संरक्षण एवं बढ़ावा देने वाली सरकार के बीच कोई अंतर नहीं करेगी। यानी कि ऐसे देश (पाकिस्तान) यदि आतंकियों को प्रश्रय एवं संरक्षण देंगे तो वे भी उतने ही गुनहगार माने जाएंगे जितने कि आतंकी। आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति में यह एक बहुत बड़ा बदलाव है। अब तक आतंकवादियों और उन्हें संरक्षण देने वालों के लिए भारत की नीति अलग थी लेकिन अब दोनों को बराबर सजा मिलेगी, कोई अंतर नहीं किया जाएगा।

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