Indo-Pak Armed Conflicts Since 1947: भारत ने पहलगाम आतंकी हमले का ऐसा बदला लिया है जिसे पाकिस्तान कभी भूल नहीं पाएगा। भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में नौ आतंकवादी ठिकानों को मिसाइल हमले में नेस्तनाबूत कर दिया। इनमें बहावलपुर भी शामिल है, जिसे जैश-ए-मोहम्मद आतंकवादी समूह का प्रमुख गढ़ माना जाता है। पहलगाम हमले के प्रतिशोध में किए गए इन हमलों को 'ऑपरेशन सिंदूर' (Operation Sindoor) नाम दिया गया। भारत-पाक सैन्य टकराव का इतिहास भारत की स्वतंत्रता और उपमहाद्वीप के विभाजन के बाद 1947 के युद्ध से शुरू होता है, जो पुलवामा आत्मघाती बम धमाके के प्रतिशोध में भारत की 2019 बालाकोट सर्जिकल स्ट्राइक तक फैला हुआ है।
भारत ने पाकिस्तान को सिखाया सबक
1947 पहला भारत-पाक युद्ध: इस युद्ध को प्रथम कश्मीर युद्ध के रूप में भी जाना जाता है, नए आजाद हुए भारत और पाकिस्तान के बीच तत्कालीन जम्मू और कश्मीर रियासत को लेकर छिड़ा था। इसकी शुरुआत अक्टूबर 1947 में हुई जब पाकिस्तान समर्थित मिलिशिया ने रियासत पर आक्रमण किया। महाराजा हरि सिंह द्वारा जम्मू और कश्मीर के भारतीय संघ में विलय के बाद, भारत ने इस क्षेत्र की रक्षा के लिए अपनी सेना भेजी, जिससे दोनों देशों के बीच बड़े पैमाने पर युद्ध हुआ। यह संघर्ष जनवरी 1949 तक जारी रहा, जब संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता से युद्ध विराम लागू किया गया। इसके परिणामस्वरूप नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर भारत और पाकिस्तान के बीच कश्मीर का विभाजन हुआ।
1965 दूसरा भारत-पाक युद्ध: 5 अगस्त, 1965 को कश्मीर को लेकर सशस्त्र संघर्ष शुरू हुआ। यह तब शुरू हुआ जब हजारों पाकिस्तानी सैनिकों ने स्थानीय विद्रोहियों के वेश में जम्मू और कश्मीर में नियंत्रण रेखा के पार भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ की। पाकिस्तान के 'ऑपरेशन जिब्राल्टर' का उद्देश्य क्षेत्र को अस्थिर करना और स्थानीय विद्रोह को भड़काना था। भारत ने जवाबी सैन्य कार्रवाई शुरू करके करारा जवाब दिया, जो अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बड़े पैमाने पर लड़ाई में बदल गया। युद्ध 23 सितंबर, 1965 तक जारी रहा। इसके बाद दोनों पक्ष सोवियत संघ और संयुक्त राज्य अमेरिका की मध्यस्थता में युद्ध विराम पर सहमत हुए।
1971 बांग्लादेश मुक्ति युद्ध: 1971 का भारत-पाक युद्ध पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) पर पाकिस्तानी सेना के दमन और उसकी स्वतंत्रता की मांग के कारण शुरू हुआ था। भारत बांग्लादेशी स्वतंत्रता आंदोलन के समर्थन में युद्ध में शामिल हुआ, और पूर्वी और पश्चिमी दोनों मोर्चों पर भीषण लड़ाई के बाद, 16 दिसंबर, 1971 को पाकिस्तान की सेना ने आत्मसमर्पण कर दिया। एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में बांग्लादेश का निर्माण हुआ।
1999 कारगिल युद्ध: 1999 का कारगिल युद्ध भारत और पाकिस्तान के बीच सबसे ऊंचाई पर लड़ा गया था। युद्ध मई से जुलाई तक लड़ा गया। पाकिस्तानी सैनिकों और आतंकवादियों ने जम्मू और कश्मीर के कारगिल सेक्टर में चोटियों पर कब्जा कर लिया था। भारत ने वायु सेना के 'ऑपरेशन सफेद सागर' के जरिए 'ऑपरेशन विजय' शुरू किया। युद्ध 26 जुलाई को भारत ने वापस नियंत्रण हासिल किया और युद्ध समाप्त हुआ। इस दिन को अब 'कारगिल विजय दिवस' के रूप में मनाया जाता है।
2016 उरी हमला: 18 सितंबर, 2016 को जम्मू और कश्मीर के उरी में भारतीय सेना के बेस पर हुए आतंकवादी हमले के बाद भारत ने 28-29 सितंबर को एलओसी के पार सर्जिकल स्ट्राइक की। भारतीय सेना ने पीओके में कई आतंकवादी लॉन्च पैड को निशाना बनाया, जिसमें घुसपैठ की तैयारी कर रहे आतंकवादी हताहत हुए थे।
2019 पुलवामा हमला: 26 फरवरी, 2019 को भारतीय वायु सेना ने पुलवामा आतंकी हमले के जवाब में पाकिस्तान के बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के आतंकवादी प्रशिक्षण शिविर पर हवाई हमले किए। पुलवामा हमले में 40 सीआरपीएफ जवान मारे गए थे। भारत ने लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल करते हुए, भारत ने पाकिस्तानी क्षेत्र में अंदर तक शिविर को निशाना बनाया, जो 1971 के युद्ध के बाद पहला ऐसा हवाई हमला था।
