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जेलेंस्की को NATO नहीं, जी7 में रूस की वापसी : रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म कराने के लिए ट्रंप का क्या है 28 सूत्री प्लान

ट्रंप के इस 28 सूत्री प्लान या एजेंडे की दुनिया भर में चर्चा हो रही है। इस 28 सूत्री शांति प्लान पर जेलेंस्की ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह इस पर ईमानदारी एवं रचनात्मक रूप से आगे बढ़ेंगे। जेलेंस्की का यह बयान एक तरह से संकेत है कि वह पीस डील के लिए तैयार हैं। जेलेंस्की का यह बयान यूएस आर्मी के सेक्रेटरी डैन ड्रिसकॉल से मुलाकात के बाद आया।

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रूस-यूक्रेन युद्ध पर ट्रंप ने तैयार किया पीस प्लान। तस्वीर-AP

Trump 28 point plan : रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म कराने के लिए बीते समय में जिम्मेवार देशों एवं संगठनों ने कई कोशिश की लेकिन ये पहल कुछ खास नहीं कर पाए लेकिन अब इस युद्ध के खत्म होने की उम्मीद जगने लगी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार सक्रिय हुए हैं और इस संघर्ष को खत्म कराने के लिए उन्होंने एक प्लान तैयार किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने खत्म कराने के लिए एक 28 सूत्री फॉर्मूला तैयार किया है। इस 28 प्वाइंट में सुलह की वे बातें लिखी हुई हैं जिन पर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की गंभीर दिख रहे हैं। रिपोर्टों में कहा गया है कि इसे लेकर अगले कुछ दिनों में ट्रंप की पुतिन से मुलाकात हो सकती है। बीते गुरुवार को जेलेंस्को को यह पीस प्लान सौंपा गया। मोटे तौर पर यह पीस प्लान काफी व्यापक और युद्ध को खत्म कराने का इरादा रखता है। इसमें दोनों पक्षों की चिंताओं का समाधान निकालने की कोशिश की गई है। पीस प्लान में जो 28 बातें रखी गई हैं उसके अंश कुछ इस प्रकार हैं-

ईमानदारी एवं रचनात्मक रूप से आगे बढ़ूंगा-जेलेंस्की

ट्रंप के इस 28 सूत्री प्लान या एजेंडे की दुनिया भर में चर्चा हो रही है। इस 28 सूत्री शांति प्लान पर जेलेंस्की ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह इस पर ईमानदारी एवं रचनात्मक रूप से आगे बढ़ेंगे। जेलेंस्की का यह बयान एक तरह से संकेत है कि वह पीस डील के लिए तैयार हैं। जेलेंस्की का यह बयान यूएस आर्मी के सेक्रेटरी डैन ड्रिसकॉल से मुलाकात के बाद आया। दरअसल, पीस डील को दोबारा आगे बढ़ाने के लिए ट्रंप ने ड्रिसकॉल को यूक्रेन भेजा था। मुलाकात के बाद जेलेंस्की ने कहा कि उनकी टीम ट्रंप प्रशासन के अधिकारियों के साथ मिलकर इस पीस डील के प्वाइंट्स पर काम करेगी। ऐसे में यहां पीस डील के उन 28 प्वाइंट्स के बारे में जानना जरूरी हैं जिन पर पुतिन और जेलेंस्की दोनों तैयार हो सकते हैं।

अभी अंतिम रूप नहीं लिया 28 सूत्री पीस प्लान

तो, दोनों देशों के बीच युद्ध खत्म कराने वाले इस पीस डील का ड्राफ्ट कथित रूप से ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और रूसी सॉवरेन वेल्थ फंड के प्रमुख किरिल दमित्रिएव ने तैयार किया है। न्यूज आउटलेट एक्सिओस की रिपोर्ट के मुताबिक पीस प्लान तैयार करने के लिए विटकॉफ ने विदेश मंत्री मार्को रूबियो और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के दामाद जेयर्ड कुश्नर से इनपुट मांगे। द टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिकअक्टूबर के अंत में इस प्लान पर कथित रूप से विटकॉफ और दमित्रिएव के बीच कथित रूप से तीन दिन चर्चा हुई जिसके बाद दोनों के बीच सहमति बनी।

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24 फरवरी 2022 को रूस ने यूक्रेन पर हमला किया। तस्वीर-AP

इस बैठक के बाद दमित्रिएव ने कहा कि इसमें रूस की चिंताओं पर ध्यान दिया गया है, इसलिए उन्हें इस पीस डील से उम्मीद है। 28 सूत्री पीस प्लान क्या अंतिम रूप ले चुका है, इस पर स्थिति अभी पूरी तरह से साफ नहीं है। हालांकि, जेलेंस्की ने कहा है कि उन्हें पीस डील के मसौदे की एक कॉपी मिली है। हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि इस पीस डील पर अभी भी काम चल रहा है और इस पर सहमति केवल यूक्रेन की नहीं बल्कि दोनों पक्षों की होनी चाहिए।

1. यूक्रेन की संप्रभुता का सम्मान होगा।

2. रूस, यूक्रेन और यूरोप के बीच एक बड़ा नॉन-अग्रेसन एग्रीमेंट किया जाएगा। पिछले 30 सालों की सभी गतिरोधों को सुलझा हुआ माना जाएगा।

3. उम्मीद है कि रूस पड़ोसी देशों पर हमला नहीं करेगा और नाटो आगे नहीं बढ़ेगा।

4. सुरक्षा से जुड़े सभी मुद्दे सुलझाने और तनाव घटाने के लिए अमेरिका की मध्यस्थता रूस और नाटो के बीच बातचीत होगी।

5. यूक्रेन को भरोसेमंद सुरक्षा गारंटी मिलेगी।

6. यूक्रेन की सेना का आकार 600,000 तक सीमित रहेगा।

7. यूक्रेन अपने संविधान में यह शामिल करने के लिए सहमत है कि वह नाटो में शामिल नहीं होगा और नाटो अपने कानूनों में यह प्रावधान करेगा कि यूक्रेन भविष्य में इस संगठन में शामिल नहीं होगा।

8. नाटो यूक्रेन में अपनी सेना नहीं भेजेगा।

9. यूरोपियन फाइटर जेट पोलैंड में तैनात किए जाएंगे।

10. यूएस की गारंटी में कई चीजें शामिल हैं जैसे कि गारंटी के लिए यूएस को मुआवजा मिलेगा। इसमें यह भी हैकि अगर यूक्रेन रूस पर हमला करता है, तो वह गारंटी खो देगा। और यदि रूस यूक्रेन पर हमला करता है, तो एक निर्णायक समन्वियत सैन्य जवाब के अलावा उस पर सभी वैश्विक प्रतिबंध दोबारा लगा दिए जाएंगे। अगर यूक्रेन बिना किसी वजह के मॉस्को या सेंट पीटर्सबर्ग पर मिसाइल लॉन्च करता है, तो उसे मिली सुरक्षा गारंटी रद्द हो जाएगी।

11. यूक्रेन EU मेंबरशिप के लिए योग्य है और इस मुद्दे पर विचार किए जाने तक उसे यूरोपियन मार्केट में शॉर्ट-टर्म प्रिफरेंशियल एक्सेस मिलेगा।

12. यूक्रेन को फिर से बनाने के लिए उपायों का एक पावरफुल ग्लोबल पैकेज मिलेगा।

— टेक्नोलॉजी, डेटा सेंटर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सहित तेजी से बढ़ते इंडस्ट्री में इन्वेस्ट करने के लिए एक यूक्रेन डेवलपमेंट फंड बनाना।

— यूनाइटेड स्टेट्स यूक्रेन के गैस इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलकर फिर से बनाने, डेवलप करने, मॉडर्न बनाने और ऑपरेट करने में यूक्रेन के साथ सहयोग करेगा, जिसमें पाइपलाइन और स्टोरेज फैसिलिटी शामिल हैं।

— शहरों और रिहायशी इलाकों को ठीक करने, फिर से बनाने और मॉडर्न बनाने के लिए युद्ध से प्रभावित इलाकों को फिर से बसाने की मिलकर कोशिशें।

— इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास। मिनरल और प्राकृतिक संसाधनों का निकालना।

— वर्ल्ड बैंक इन कोशिशों को तेज़ करने के लिए एक खास फाइनेंसिंग पैकेज बनाएगा।

13. रूस को वैश्विक अर्थव्यवस्था में फिर से शामिल किया जाएगा:

— पाबंदियों को हटाने पर अलग-अलग चरण में और हर मामले के आधार पर चर्चा की जाएगी और सहमति बनाई जाएगी।

— अमेरिका एनर्जी, प्राकृतिक संसाधन, इंफ्रास्ट्रक्चर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा सेंटर, आर्कटिक में रेयर अर्थ मेटल निकालने के प्रोजेक्ट और दूसरे आपसी फायदे वाले कॉर्पोरेट मौकों के क्षेत्रों में आपसी विकास के लिए एक लंबे समय के आर्थिक सहयोग समझौते में शामिल होगा।

— रूस को G7 में फिर से शामिल होने के लिए बुलाया जाएगा, जिससे वह G8 बन जाएगा।

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इस युद्ध में रूस और यूक्रेन दोनों को हुआ है भारी नुकसान। तस्वीर-AP

14. फ्रीज़ किए गए फंड का इस्तेमाल इस तरह किया जाएगा:

— $100 बिलियन की फ्रीज की गई रूसी संपत्ति को यूक्रेन को फिर से बनाने और उसमें निवेश करने के लिए अमेरिका की अगुवाई वाली कोशिशों में लगाया जाएगा।

— इस काम से होने वाले मुनाफे का 50 परसेंट अमेरिका को मिलेगा। यूक्रेन के रिकंस्ट्रक्शन के लिए उपलब्ध इन्वेस्टमेंट की रकम बढ़ाने के लिए यूरोप $100 बिलियन और देगा। फ्रोजन यूरोपियन फंड्स को अनफ्रोजन किया जाएगा। बाकी फ्रोजन रशियन फंड्स को एक अलग US-रशियन इन्वेस्टमेंट व्हीकल में इन्वेस्ट किया जाएगा जो खास एरिया में जॉइंट प्रोजेक्ट्स को लागू करेगा। इस फंड का मकसद रिश्तों को मजबूत करना और कॉमन इंटरेस्ट्स को बढ़ाना होगा ताकि लड़ाई में वापस न लौटने के लिए एक मजबूत इंसेंटिव बनाया जा सके।

15. इस एग्रीमेंट के सभी प्रोविजन्स का पालन करने को बढ़ावा देने और पक्का करने के लिए सिक्योरिटी इश्यूज पर एक जॉइंट अमेरिकन-रशियन वर्किंग ग्रुप बनाया जाएगा।

16. रूस यूरोप और यूक्रेन के प्रति नॉन-अग्रेसन की अपनी पॉलिसी को कानून में शामिल करेगा।

17. यूनाइटेड स्टेट्स और रूस START I ट्रीटी सहित न्यूक्लियर वेपन्स के नॉन-प्रोलिफरेशन और कंट्रोल पर ट्रीटीज की वैलिडिटी बढ़ाने पर सहमत होंगे।

18. यूक्रेन न्यूक्लियर वेपन्स के नॉन-प्रोलिफरेशन पर ट्रीटी के अनुसार एक नॉन-न्यूक्लियर स्टेट बनने के लिए सहमत है।

19. जापोरिज्जिया न्यूक्लियर पावर प्लांट IAEA की देखरेख में शुरू किया जाएगा, और इससे बनने वाली बिजली रूस और यूक्रेन के बीच बराबर बांटी जाएगी।

20. दोनों देश स्कूलों और समाज में ऐसे एजुकेशनल प्रोग्राम लागू करने का वादा करते हैं जिनका मकसद अलग-अलग कल्चर की समझ और टॉलरेंस को बढ़ावा देना और नस्लवाद और भेदभाव को खत्म करना है:

— यूक्रेन धार्मिक टॉलरेंस और भाषाई माइनॉरिटीज की सुरक्षा पर EU के नियमों को अपनाएगा।

— दोनों देश सभी भेदभाव वाले तरीकों को खत्म करने और यूक्रेनी और रूसी मीडिया और शिक्षा के अधिकारों की गारंटी देने पर सहमत होंगे।

— सभी नाज़ी सोच और एक्टिविटीज़ को खारिज किया जाना चाहिए और उन पर रोक लगाई जानी चाहिए।

21. इलाके

— क्रीमिया, लुहांस्क और डोनेट्स्क को असल में रूस का माना जाएगा, जिसमें अमेरिका भी शामिल है।

— खेरसॉन और जापोरिज्जिया को लाइन ऑफ कॉन्टैक्ट के साथ फ्रीज कर दिया जाएगा, जिसका मतलब होगा लाइन ऑफ़ कॉन्टैक्ट के साथ असल में पहचान।

— रूस इन पांच इलाकों के बाहर अपने कंट्रोल वाले दूसरे सहमत इलाकों को छोड़ देगा।

— यूक्रेनी सेना डोनेट्स्क ओब्लास्ट के उस हिस्से से हट जाएगी जिस पर अभी उनका कंट्रोल है, और इस वापसी वाले जोन को एक न्यूट्रल डीमिलिटराइज़्ड बफर जोन माना जाएगा, जिसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रूसी फेडरेशन का इलाका माना जाएगा। रूसी सेना इस डीमिलिटराइज्ड जोन में नहीं घुसेगी।

22. भविष्य के इलाके के इंतजामों पर सहमत होने के बाद, रूसी फेडरेशन और यूक्रेन दोनों यह वादा करते हैं कि वे इन इंतजामों को जबरदस्ती नहीं बदलेंगे। इस प्रतिबद्धता और वादों के उल्लंघन की स्थिति में कोई भी सुरक्षा गारंटी लागू नहीं होगी।

23. रूस यूक्रेन को कमर्शियल एक्टिविटीज के लिए नीपर नदी का इस्तेमाल करने से नहीं रोकेगा, और ब्लैक सी के पार अनाज के फ्री ट्रांसपोर्ट पर एग्रीमेंट किए जाएंगे।

24. बाकी मामलों को सुलझाने के लिए एक मानवीय कमेटी बनाई जाएगी:

— बाकी सभी कैदियों और लाशों की अदला-बदली ‘सबके बदले सब’ के आधार पर की जाएगी।

— सभी आम कैदियों और बंधकों को वापस कर दिया जाएगा, जिसमें बच्चे भी शामिल हैं।

— एक परिवार को फिर से मिलाने का प्रोग्राम लागू किया जाएगा।

— लड़ाई के शिकार लोगों की तकलीफ कम करने के लिए कदम उठाए जाएंगे।

25. यूक्रेन में 100 दिनों में चुनाव होंगे।

26. इस लड़ाई में शामिल सभी पार्टियों को युद्ध के दौरान अपने कामों के लिए पूरी माफी मिलेगी और वे भविष्य में कोई दावा नहीं करेंगे या किसी शिकायत पर विचार नहीं करेंगे।

27. यह समझौता कानूनी तौर पर जरूरी होगा। इसे लागू करने की निगरानी और गारंटी प्रेसिडेंट डोनाल्ड जे ट्रंप की अध्यक्षता वाली पीस काउंसिल करेगी। उल्लंघन के लिए सजा दी जाएगी।

28. एक बार जब सभी पार्टियां इस मेमोरेंडम पर सहमत हो जाएंगी, तो समझौते को लागू करने के लिए दोनों पक्षों के सहमत वाले स्थान पर जाने के तुरंत बाद सीजफायर लागू हो जाएगा।

पीस प्लान रूस के पक्ष में ज्यादा

पहली नजर में यह पीस प्लान यूक्रेन के पक्ष में कम, रूस के पक्ष में ज्यादा दिखाई देता है। यह पीस प्लान कहता है कि यूक्रेन को अपनी जमीन रूस को सौंपनी होगी और आशंकि रूप से उसे अपनी सेना की संख्या घटानी और अमेरिकी हथियारों को वापस करना होगा। यही नहीं पुतिन जिस भाग को जंग में जीत नहीं पाए हैं, वह इलाका भी उन्हें मिलेगा क्योंकि पीस प्लान में कहा गया है कि डोनबास क्षेत्र को मास्को को सौंपना होगा। इस इलाके का 14 प्रतिशत हिस्सा अभी भी यूक्रेन के नियंत्रण में है। दूसरा, इस पीस डील के साथ नाटो में शामिल होने का यूक्रेन का सपना हमेशा के लिए खत्म हो जाएगा। यही नहीं, यह पीस डील पुतिन को दोबारा दुनिया के मंच पर स्थापित करेगी। जी-7 फिर से जी-8 का शक्ल लेगा। बता दें कि रूस 2014 तक जी-8 का हिस्सा था लेकिन क्रीमिया पर कब्जा करने के बाद उसे इस समूह से बाहर कर दिया गया।

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आलोक कुमार राव
आलोक कुमार राव Author

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारो... और देखें

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