भारत के पाकिस्तान पर किए गए एयर स्ट्राइक के बाद से न तो जैश का चीफ मसूद अजहर सामने आया है और न ही लश्कर का चीफ हाफिद सईद, जबकि दोनों ही आतंकी आकाओं के करीबियों की मौत हुई है, परिवार के लोगों की मौत हुई है, लेकिन न तो मसूद अजहर किसी के जनाजे में आया और न ही हाफिद सईद। अब सवाल ये है कि कहीं ये दोनों भी तो एयर स्ट्राइक के लपेटे में नहीं आ गए, क्योंकि भारत ने जैश और लश्कर दोनों के मुख्यालयों पर हमला बोला था।
मसूद अजहर और हाफिज सईद, दोनों है 'गायब'
चिट्ठी तो आई लेकिन मसूद अजहर सामने नहीं आया
भारत के एयर स्ट्राइक में बहावलपुर में बना जैश-ए-मोहम्मद का मुख्यालय तबाह हो गया था। भारतीय सशस्त्र बलों के हमले में मसूद अजहर की बहन, जीजा, भांजा समेत 10 परिवार के लोग और 4 करीबी लोग मारे गए थे। घायल भाई ने भी गुरुवार को दम तोड़ दिया, ऐसी खबर भी आई। परिवार वालों की मौत के बाद मसूद अजहर ने पत्र लिखकर खुद इसकी जानकारी थी। लिखा था- मैं भी मर जाता तो अच्छा था। इतना सबकुछ होने के बाद भी मसूद अजहर खुद सामने नहीं आया। न बहन के जनाजे में आया, न भांजे के।
भारत के एयर स्ट्राइक में तबाह आतंकी ठिकाने
कहां छिपा है मसूद अजहर
मसूद अजहर के सामने नहीं आने के बाद से कई सवाल उठ रहे हैं। कहा जा रहा है कि कहीं जैश का चीफ मसूद अजहर भारतीय हमले में घायल तो नहीं हो गया। कहीं ज्यादा जख्मी तो नहीं है? बता दें कि मसूद अज़हर एक पाकिस्तानी आतंकवादी और जैश-ए-मोहम्मद (JeM) संगठन का संस्थापक है, जिसे भारत में कई बड़े आतंकी हमलों के लिए जिम्मेदार माना जाता है। मसूद अजहर को भारत से छुड़ाने के लिए 24 दिसंबर 1999 को इंडियन एयरलाइंस का विमान IC-814 का अपहरण कर लिया गया था। आतंकियों ने विमान को कंधार, अफगानिस्तान में ले जाकर भारतीय जेलों में बंद आतंकवादियों की रिहाई की मांग की। भारत सरकार को मसूद अजहर, अहमद उमर सईद शेख और मुश्ताक अहमद ज़रगर को रिहा करना पड़ा था। जिसके बाद मसूद अजहर ने 2001 संसद हमला, 2016 पठानकोट, और 2019 पुलवामा जैसे बड़े आतंकी हमलों को अंजाम दिया। अगर मसूद अजहर जिंदा है तो वो या तो पीओके में छिपा या फिर पाकिस्तान में किसी सुरक्षित ठिकाने में पनाह ले रखी है।
हाफिज सईद भी गायब
भारत के एयर स्ट्राइक के बाद से लश्कर का चीफ हाफिज सईद भी नहीं दिखा है। भारत के एयर स्ट्राइक में आतंकी हाफिज सईद के आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का लाहौर से 30 किलोमीटर दूर मुरीदके में स्थित मुख्यालय तबाह हो गया था। इन हमलों के बाद न तो हाफिज सईद का कोई बयान सामने आया है और न ही वो खुद। हाफिज सईद बिलकुल अंडर ग्राउंड हो रखा है।
आतंकी के जनाजे में पाकिस्तानी सेना के अफसर
क्यों उठ रहे हैं सवाल
गुरुवार को पाकिस्तान में उन आतंकियों का दफनाया गया, जो भारत के हमले में मारे गए थे। इन आतंकियों के जनाजे में सेना के बड़े अफसर, लश्कर के टॉप के कमांडर तो दिखे, लेकिन हाफिज सईद नहीं दिखा। रिपोर्ट्स की मानें तो इस जनाजे में राष्ट्रपति की ओर से फूल भेजे गए थे, लश्कर का कमांडर हाफिज अब्दुल रउफ नमाज पढ़ रहा था, इसके पीछे पाकिस्तानी सेना के बड़े अफसर खड़े थे, लेकिन हाफिज सईद नहीं था। अब सवाल है ऐसा कौन आतंकी मारा गया था, जिसके जनाजे में पाकिस्तान की बड़ी-बड़ी हस्तियां पहुंची या फूल भेजे?
