Explained: NDA की 19 तो महागठबंधन की 14 सीटों की जीत में जन सुराज का था हाथ; बिहार के 35 क्षेत्रों में पीके ने कैसे किया खेला

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने भले ही एक भी सीट न जीती हो, लेकिन 35 विधानसभा क्षेत्रों में उसके वोट जीत के अंतर से ज्यादा रहे। इन सीटों पर JSP की मौजूदगी ने मुकाबला त्रिकोणीय बना दिया और एनडीए से लेकर महागठबंधन तक सभी दलों के समीकरण बदल दिए। जानें कैसे जन सुराज ने चुनावी परिणामों को प्रभावित किया, पार्टी का बढ़ता जनाधार कैसा दिखा और बिहार की राजनीति में इसका क्या असर पड़ सकता है।

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों में भले ही प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज एक भी सीट नहीं जीत पाई हो, लेकिन इसके आधार पर पार्टी के भविष्य का आकलन करना जल्दबाजी होगी। ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि सीट-दर-सीट विश्लेषण ये साबित करता है कि पार्टी की मौजूदगी ने चुनावी समीकरण को गहराई से प्रभावित किया है। भले ही जन सुराज की तकरीबन 99 फीसदी सीटों पर जमानत जब्त हो गई हो लेकिन शुक्रवार को आए नतीजे बताते हैं कि 35 विधानसभा क्षेत्रों में जन सुराज को मिले वोट, जीत के अंतर से ज्यादा थे। यह साफ संकेत है कि जन सुराज ने कई जगह मुकाबला त्रिकोणीय बनाया और जीत-हार का अंतर पूरी तरह बदल दिया।

jan suraj performance in bihar election

बिहार की 35 सीटों पर पीके की पार्टी ने हासिल किया जीत के अंतर से अधिक वोट

कैसे बदला 35 सीटों का समीकरण

चुनावी डेटा यह दिखाता है कि जहां-जहां जन सुराज ने अपेक्षा से अधिक वोट हासिल किए, वहां मुख्य मुकाबले का संतुलन बदल गया। इन 35 सीटों पर जन सुराज के उतने वोट थे कि अगर पार्टी मौजूद न होती, तो नतीजे बिल्कुल अलग हो सकते थे। हालांकि यह कहना संभव नहीं कि ये वोट किस दल को जाते, लेकिन इतना जरूर है कि पीके की पार्टी ने मुकाबले की दिशा बदल दी और कई बड़े खिलाड़ियों का समीकरण बिगाड़ दिया।

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