CDS Chauhan Rebukes Pakistan: प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (CDS) जनरल अनिल चौहान ने ऑपरेशन सिंदूर पर पाकिस्तान को खरी-खरी सुनाते हुए कहा कि पेशेवर सेनाएं अस्थायी नुकसान से प्रभावित नहीं होतीं, क्योंकि समग्र परिणाम ऐसे नुकसान से कहीं अधिक महत्वपूर्ण होते हैं। सीडीएस चौहान ने कहा कि पाकिस्तान भारत को हजारों जख्म देकर लहूलुहान करने की नीति पर चल रहा है, लेकिन नई दिल्ली ने ऑपरेशन सिंदूर के जरिए सीमापार आतंकवाद के खिलाफ पूरी तरह एक नयी लक्ष्मण रेखा खींच दी है। सीडीएस चौहान ने क्या-क्या कहा, आइए जानते हैं।
CDS अनिल चौहान
युद्ध में नुकसान होने पर भी अपना मनोबल बनाए रखना जरूरी
सीडीएस ने कहा कि युद्ध में अगर नुकसान भी होता है, तो आपको अपना मनोबल बनाए रखना होता है। उन्होंने कहा कि नुकसान महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि परिणाम महत्वपूर्ण हैं। जनरल चौहान ने राजनीति और हिंसा सहित युद्ध के विभिन्न पहलुओं की व्याख्या करते हुए कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में भी युद्ध और राजनीति समानांतर रूप से हो रही थी।
पाक का मकसद भारत को हजारों घाव देकर खून बहाना
सीडीएस चौहान ने कहा, ऑपरेशन सिंदूर में भी युद्ध और राजनीति समानांतर रूप से हो रही थी। हमारे विरोधी का दृष्टिकोण भारत को हजारों घाव देकर खून बहाना है। पाक सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर ने पहलगाम में जो कुछ हुआ, उससे कुछ सप्ताह पहले ही भारत और हिंदुओं के खिलाफ जहर उगला था। हमने सीमा बढ़ा दी है, आतंक को पानी से जोड़ दिया है, आतंक के खिलाफ सैन्य अभियान की नई रेखा खींची है।
भारत आतंकवाद और परमाणु ब्लैकमेल से नहीं डरने वाला
ऑपरेशन सिंदूर के पीछे सोच यह थी कि पाकिस्तान से राज्य प्रायोजित आतंकवाद पर नकेल कसी जाए और उस देश को भारत को आतंकवाद का बंधक बनाने की अनुमति नहीं दी जा सकती। जनरल चौहान ने कहा कि भारत आतंकवाद और परमाणु ब्लैकमेल से डरने वाला नहीं है।
पाकिस्तानी ठिकानों पर बहुत सोच-समझकर सटीक हमले किए
भारत के सैन्य हमलों के बारे में उन्होंने कहा कि भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तानी ठिकानों पर बहुत सोच-समझकर सटीक हमले किए। शत्रुता समाप्त करने पर सहमति की प्रक्रिया को समझाते हुए उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ 48 घंटे तक जवाबी कार्रवाई करने की योजना बनाई थी, लेकिन यह योजना आठ घंटे में ही धराशायी हो गई।
पाकिस्तानी पक्ष ने बातचीत की इच्छा जताई
उन्होंने भारतीय हमलों के प्रभाव पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इसके चलते पाकिस्तानी पक्ष ने बातचीत की इच्छा जताई। चौहान ने कहा कि 10 मई की रात करीब एक बजे पाकिस्तान ने 48 घंटे में भारत को शिकस्त देने का लक्ष्य बनाया और कई हमले किए। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को लगा था कि उसका अभियान 48 घंटे तक चलेगा, लेकिन उसने आठ घंटे में ही हार मान ली और वह बातचीत की इच्छा जताने लगा।
हमने आतंकवाद के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की नयी रेखा खींची
जनरल चौहान ने कहा, जब पाकिस्तान की ओर से बातचीत और तनाव कम करने का अनुरोध आया तो हमने उसे स्वीकार कर लिया। भारत के समग्र दृष्टिकोण के बारे में उन्होंने कहा कि हमने मानदंड बढ़ा दिए हैं; हमने आतंकवाद को पानी से जोड़ा है, हमने आतंकवाद के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की नयी रेखा खींच दी है।
अपनी आलोचना को खारिज किया
सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय में अपने संबोधन में जनरल चौहान ने यह बात स्वीकार करने के लिए हो रही अपनी आलोचना को खारिज किया कि ऑपरेशन सिंदूर के प्रारंभिक चरण में भारत ने अनिर्दिष्ट संख्या में लड़ाकू जेट विमान खो दिए। उन्होंने कहा कि जब मुझसे हमारी ओर से हुई नुकसान के बारे में पूछा गया तो मैंने कहा कि यह अहम नहीं है, बल्कि परिणाम और आप कैसे काम करते हैं, यह महत्वपूर्ण है। चौहान ने एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि नुकसान और संख्या के बारे में बात करना सही नहीं होगा।
