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'गाजा पीस बोर्ड' में भारत के साथ पाकिस्तान भी आमंत्रित, क्या हैं इसके मायने, कैसे करेगा काम ?

अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने गाजा शांति समझौते के लिए भारत को अन्य वैश्विक साझेदारों के साथ 'बोर्ड ऑफ पीस' (Gaza Board of Peace) का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित किया है। आखिर क्या है 'गाजा पीस बोर्ड' और क्या हैं इसके मायने

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आखिर क्या है 'गाजा पीस बोर्ड?

गाजा में संघर्ष को खत्म करने और दूसरे चरण के शांति समझौते को लागू करने के लिए गठित 'बोर्ड ऑफ पीस' (Gaza Board of Peace) में शामिल होने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने कुछ देशों को आमंत्रित किया है। यह बोर्ड इजरायल और हमास के बीच गाजा पट्टी में हुए संघर्षविराम समझौते के दूसरे चरण के तहत गठित किया गया है। इसके मायने क्या हैं और कैसे यह करेगा काम ?, इसे जानने की कोशिश करते हैं।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को गाजा पीस बोर्ड का हिस्सा बनने का निमंत्रण भेजा। राष्ट्रपति ट्रंप ने यह निमंत्रण एक पत्र के माध्यम से भेजा, जिसे भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने सोशल मीडिया पर शेयर किया।

इस अहम पत्र में क्या लिखा है ट्रंप ने?

अपने पत्र में ट्रंप ने कहा कि यह उनके लिए सम्मान की बात है कि वह पीएम मोदी को मध्य पूर्व में शांति को मजबूत करने के लिए ऐतिहासिक और निर्णायक प्रयास में शामिल होने के लिए आमंत्रित कर रहे हैं। ट्रंप ने लिखा कि यह पहल न केवल गाजा में शांति स्थापित करने की दिशा में अहम होगी, बल्कि वैश्विक संघर्षों को सुलझाने के लिए एक नया रास्ता भी खोलेगी। यह बोर्ड इजरायल और हमास के बीच गाजा पट्टी में हुए संघर्षविराम समझौते के दूसरे चरण के तहत गठित किया गया है।

ट्रंप ने कहा- यह पहल गाजा में शांति स्थापित करने की दिशा में अहम

पाकिस्तान को भी गया है 'बोर्ड ऑफ पीस' में शामिल होने का निमंत्रण

पाकिस्तान ने कहा कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा के लिए 'बोर्ड ऑफ पीस' में शामिल होने के लिए निमंत्रण दिया है। पाकिस्तान विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान को औपचारिक निमंत्रण प्राप्त हुआ है। एक बयान में कहा, 'पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को अमेरिका के राष्ट्रपति से गाजा के लिए 'बोर्ड ऑफ पीस' में शामिल होने का निमंत्रण मिला है।' उन्होंने कहा, 'पाकिस्तान गाजा में शांति और सुरक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रयासों में शामिल रहेगा, जिससे संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों के अनुसार फलस्तीन मुद्दे का स्थायी समाधान हो सके।'

बोर्ड में शामिल नामों में ये हैं अहम!

यह बोर्ड इजरायल और हमास के बीच गाजा पट्टी में हुए संघर्षविराम समझौते के दूसरे चरण के तहत गठित किया गया है। बोर्ड में शामिल नामों में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो, ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर, ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ, विश्व बैंक के अध्यक्ष अजय बंगा और ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर शामिल हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका ने गाजा पीस बोर्ड के लिए भारत, तुर्किये, मिस्र, मोरक्को, ब्रिटेन, जर्मनी, कनाडा, अर्जेंटीना और ऑस्ट्रेलिया सहित 60 देशों के प्रमुखों को आमंत्रित किया है।

गाजा युद्ध विराम योजना का एक बड़ा हिस्सा

गाजा युद्ध विराम योजना का एक बड़ा हिस्सा

गाजा पीस बोर्ड (Gaza Board of Peace) की बात करें तो एक अंतरराष्ट्रीय शांति/पुनर्निर्माण मंच है, जिसे इस्लामिक गाजा संघर्ष के बाद गाजा पट्टी में स्थिरता, शासन और पुनर्निर्माण को आगे बढ़ाने के लिए बनाया गया है। इसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषित किया है और यह गाजा युद्ध विराम योजना का एक बड़ा हिस्सा माना जा रहा है।

गाजा पीस बोर्ड के मुख्य उद्देश्य क्या है?

गाजा पीस बोर्ड के मुख्य उद्देश्य क्या है?

इस सवाल की बात करें तो गाजा के लिए शांति, सुरक्षा और विकास का अंतरराष्ट्रीय नेतृत्व देना इसमें शामिल है। गाजा के लिए एक नई फिलिस्तीनी समिति की स्थापना और तकनीकी प्रशासन की निगरानी करना। वहीं हमास का निरस्त्रीकरण करना, अंतर्राष्ट्रीय स्थिरीकरण बल की तैनाती करना और क्षेत्र के पुनर्निर्माण में मदद करना। इसके साथ ही बड़ी वित्तीय मदद जुटाना बताया जा रहा है। इसका उद्देश्य गाजा के पुनर्निर्माण से कहीं आगे का माना जा रहा है और माना जा रहा है कि आगे चलकर यह वैश्विक संघर्षों का समाधान करेगा। वहीं राजनयिकों का कहना है कि यह योजना संयुक्त राष्ट्र के कार्यों को नुकसान पहुंचा सकती है। पर इसे देखते हुए विभिन्न देशों की सरकारों ने अपनी-अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त दी है।

गाजा में युद्ध के बाद शांति प्रक्रिया का दूसरा चरण

यह गाजा में युद्ध के बाद शांति प्रक्रिया का दूसरा चरण माना जा रहा है। यह पारंपरिक अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की भूमिका के बजाय एक संयुक्त वैश्विक पहल की तरह देखी जा रही है।इसमें भारत, पाकिस्तान समेत कई देशों को शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है, जो क्षेत्रीय और वैश्विक राजनीति में भी अहम बिंदु है। एक अंतरराष्ट्रीय शांति और पुनर्निर्माण मंच, जिसका मकसद गाजा में संघर्ष के बाद स्थिर शासन, सुरक्षा और विकास सुनिश्चित करना है।

भविष्य के संघर्षों के लिए मॉडल?

भविष्य के संघर्षों के लिए मॉडल?

ट्रंप इसे गाजा तक सीमित न रखकर भविष्य के वैश्विक विवादों को सुलझाने के लिए एक मॉडल के रूप में भी देख रहे हैं। इजराइल के दो वर्षों के सैन्य अभियान के दौरान गाजा पट्टी पूरी तरह तबाह हो गई है।अमेरिका के राष्ट्रपति ने गाजा पट्टी में इजराइल और हमास के बीच युद्धविराम समझौते के दूसरे चरण के तहत इस बोर्ड का अनावरण किया। पिछले साल अक्टूबर में इजराइल और हमास ने ट्रंप की शांति योजना पर सहमति जताई थी।

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