Opposition Unity : बेंगलुरु में दो दिनों की बैठक के बाद विपक्ष का नया रूप सामने आया है। 2024 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाले एनडीए को परास्त करने के लिए विपक्ष के 26 दल एक साथ आए हैं। विपक्षी एकजुटता को नया नाम भी मिला है। इसका नाम अब संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) नहीं बल्कि 'INDIA' हो गया है। I से इंडियन, N से नेशनल, D से डेवलपमेंटल, I से इन्क्लूसिव और A से अलायंस है। कहा जा रहा है बैठक में यह नाम कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सुझाया और ममता बनर्जी ने इस नाम को आगे बढ़ाया।
20 जुलाई से संसद का मानसून सत्र।
- भाजपा -92
- मनोनीत-5
- एआईएडीएमके-4
- आरपीएफ 1
- नेशनल पीपुल्स पार्टी 1
- असम गण परिषद 1
- मिजो नेशनल फ्रंट-1
- पट्टाली मक्कल काची-1
- सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट-1
- टीएमसी (मूपनार)-1
- यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी -1
- (लिबरल)
- राकांपा 1
- निर्दलीय एवं अन्य 1
20 जुलाई से शुरू हो रहा मानसून सत्र
अपनी इस बैठक के बाद विपक्ष उत्साहित है और 20 जुलाई से शुरू हो रहे मानसून सत्र में सरकार को कई मोर्चों एवं मुद्दों पर घेरने की तैयारी में है। विपक्ष की पहली 'अग्निपरीक्षा' दिल्ली अध्यादेश पर होगी। अध्यादेश के खिलाफ कांग्रेस का समर्थन मिलने के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) को उम्मीद जगी है कि वह केंद्र के इस अध्यादेश को रोकने में कामयाब हो सकती है। यह बात सही है कि कांग्रेस के बदले रुख से राज्यसभा में AAP को राहत मिल सकती है लेकिन यह राहत इतनी बड़ी भी नहीं है कि अध्यादेश पर मतदान होने की सूरत में वह जीत जाए।
अन्य दल
कुल 28
उच्च सदन में भाजपा का पलड़ा अभी भी भारी
राज्यसभा में भाजपा का पलड़ा विपक्ष के मुकाबले अभी भी भारी है। राज्यसभा के मौजूदा सदस्यों की अगर बात करें तो अभी यह संख्या 237 है। उच्च सदन में किसी विधेयक को पारित कराने के लिए सरकार को 119 सदस्यों के समर्थन की जरूरत पड़ेगी। राज्यसभा में भाजपा के सदस्यों की संख्या 92 है। मनोनीत 5 सदस्यों एवं एनडीए के घटक दलों की संख्या अगर जोड़ ली जाए तो यह कुल संख्या 111 होती है। विधेयक के रूप में पेश अध्यादेश को पारित कराने के लिए भाजपा को आठ और सदस्यों की जरूरत पड़ेगी। इसके लिए उसे बीजद, वाईएसआर कांग्रेस एवं अन्य दलों के सदस्यों के समर्थन की जरूरत पड़ सकती है।
विपक्ष
- कांग्रेस 30
- तृणमूल कांग्रेस 13
- आम आदमी पार्टी 10
- डीएमके 10
- राजद 6
- माकपा 5
- जदयू 5
- एनसीपी 3
- समाजवादी पार्टी 3
- निर्दलीय एवं अन्य 2
- शिवसेना 3
- भाकपा 2
- झामुमो 2
- रालोद 1
- इंडियन यूनियन मु. लीग 1
- केरल कांग्रेस (एम) 1
- एमडीएमके 1
विपक्ष के दम खम की होगी 'अग्निपरीक्षा'
दिल्ली अध्यादेश पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है। दिल्ली में अधिकारियों एवं कर्मचारियों के ट्रांसफर और पोस्टिंग से जुड़े मामलों पर केंद्र के इस अध्यादेश को उन्होंने चुनौती दी है। इस अध्यादेश के खिलाफ समर्थन जुटाने के लिए केजरीवाल बीते दिनों ममता बनर्जी, नीतीश कुमार, शरद पवार सहित विपक्ष के तमाम नेताओं से मिले। पटना में हुई विपक्ष की बैठक के बाद उन्होंने यहां तक कहा दिया कि अगली बैठक में वह तभी शामिल होंगे जब अध्यादेश के खिलाफ कांग्रेस उन्हें अपना समर्थन देगी। अब कांग्रेस ने समर्थन देने की घोषणा कर दी है। अब सवाल है कि इस समर्थन के बाद क्या विपक्ष राज्यसभा में इस अध्यादेश को रोक पाएगा, यह देखने वाली बात होगी। इस मुद्दे पर विपक्ष के दम खम की 'अग्निपरीक्षा' हो जाएगी।
