Jharkhand Assembly Elections: झारखंड में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा, कांग्रेस और भाजपा सहित तमाम राजनीतिक दलों ने रणनीति बनाना शुरू कर दिया है। इस बीच, कांग्रेस राज्य सरकार की 'मैयां सम्मान योजना' और 'संविधान' को सबसे बड़ा चुनावी मुद्दा बनाने की तैयारी में है, लेकिन सीट बंटवारे को लेकर अभी पेंच फंसा हुआ है।
राहुल गांधी (फोटो साभार: कांग्रेस)
झारखंड विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने बीती रात 21 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी की है। कांग्रेस ने अपने राज्य के वित्त मंत्री रामेश्वर उड़ाव, कांग्रेस पूर्व अध्यक्ष डॉ अजय कुमार, बन्ना गुप्ता, इरफान अंसारी, जयमंगल सिंह ,पूर्णिमा निरज सिंह, अंबा प्रसाद साहू, दीपिका पांडे सिंह, ममता देवी, अजय नाथ शाहदेव सहित अन्य को उम्मीदवार बनाया है।
सरकार हर माह देती है हजार रुपये
पार्टी के एक वरिष्ठ सूत्र ने बताया कि कांग्रेस राज्य में गठबंधन सरकार के कार्यों को उजागर करेगी और पिछले पांच वर्षों में लाई गई योजनाओं को जनता तक लेकर जाएगी। कांग्रेस झारखंड में 'मैयां सम्मान योजना' को प्रमुखता से उजागर करेगी, जो पहले 18 से 50 वर्ष की महिलाओं को 1,000 रुपये प्रति माह देती थी। हेमंत सोरेन सरकार ने 14 अक्टूबर को कैबिनेट बैठक में इस योजना की राशि को बढ़ाकर 2,500 रुपये प्रति माह करने की घोषणा की थी, जो दिसंबर से लागू होगी।
वहीं, विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने 19 अक्टूबर को रांची में 'संविधान सम्मान सम्मेलन' को संबोधित किया था, इसलिए पार्टी राज्य में संविधान के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाएगी। कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि भाजपा झारखंड में रोहिंग्या और राज्य में आदिवासियों व हिंदुओं की घटती जनसंख्या का मुद्दा उठा रही है, जो भाजपा के ध्रुवीकरण वाले अभियान के जवाब में कांग्रेस 'संविधान' से काटने की कोशिश करेगी। पार्टी का मानना है कि झारखंड में बड़ी संख्या में आदिवासी, दलित, ईसाइयों के लिए मौजूदा सरकार ने कई महत्वाकांक्षी योजनाएं चलाई हैं, उन पर चुनाव लड़ा जाए, न की धार्मिक ध्रुवीकरण के जाल में फंसे।
गौरतलब है कि झारखंड में दो चरण में 13 और 20 नवंबर को चुनाव होने वाला है और 'इंडी' गठबंधन में सीटों को लेकर पेंच फंसा हुआ है। कांग्रेस और जेएमएम के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर लगभग राय बन गई है, लेकिन भाकपा माले और राजद की ओर से मामला फंसता हुआ दिखाई दे रहा है।
