क्या भारत को अक्साई चिन का नामकरण नहीं करना चाहिए, चीन की नापाक चाल को जवाब !

  • Authored by: ललित राय
  • Updated Apr 7, 2023, 02:05 PM IST

India China Relationship: क्या सभी वैश्विक परेशानियों की वजह बन रहा है। कोविड से जूझ रही दुनिया कहीं ना कहीं चीन को जिम्मेदार मानती है। इन सबके बीच ताइवान के साथ तनाव, भारत के साथ तनाव बढ़ाने की कोशिश में जुटा है। हाल ही में अरुणाचल प्रदेश के 11 जगहों का नामकरण किया तो एक कोने से आवाज उठी कि भारत अक्साई चिन का नामकरण क्यों नहीं कर सकता

India China Relationship: क्या चीन पर भरोसा करना चाहिए। दरअसल यह सवाल खुद में उलझा हुआ है। कूटनीति में यह माना जाता है कि पड़ोसी मुल्कों के साथ संबंधों को एक जैसा बनाए रखना संभव नहीं होता। अगर दो पड़ोसी मुल्क ज्यादा ताकतवर हों तो मुश्किल बढ़ जाती है। जानकार कहते हैं कि फर्ज करें कि अगर नेपाल, भारत और चीन(Nepal buffer state) के बीच बफर स्टेट के तौर पर नहीं होता तो क्या होता। यहां पर हम बात करेंगे कि अरुणाचल प्रदेश(Arunachal pradesh) के उन 11 जगहों के बारे में जिसका नामकरण चीन ने किया है। यहीं एक बड़ा सवाल उठ खड़ा होता है कि अगर पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर स्थित अक्साई चिन(Aksai chin naming) का नामकरण भारत कर दे तो किस तरह के हालात बनेंगे। इस पूरे विषय को समझने से पहले चीन के प्रवक्ता माओ निंग ने 5 अप्रैल को क्या कहा था समझना जरूरी है।

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हाल ही में अरुणाचल में 11 जगहों के नाम को चीन ने बदला

चीनी प्रवक्ता ने क्या कहा था

माओ निंग ने कहा था कि भारत का अरुणाचल प्रदेश (चीनी लोग इसे Zangnan in Han Chinese कहते हैं)चीन का ही हिस्सा था। चीन ने अगर कुछ जगहों के नामों को बदला है तो वो उसका अधिकार है। बता दें कि 2017 से अब तक चीन ने 32 जगहों का नामकरण किया है। बता दें कि चीन की इस हरकत पर भारत सरकार ने साफ कर दिया कि नाम बदलने से क्या होता है। यहां समझना जरूरी है कि तिब्बत के दक्षिण वाले हिस्से को चीन बृहत्तर तिब्बत का हिस्सा मानता है।

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