Brigade Parade Ground: लाल झंडों से भगवा मंच तक... ब्रिगेड परेड ग्राउंड की बदलती राजनीतिक कहानी

Brigade Parade Ground: कोलकाता का ब्रिगेड परेड ग्राउंड आज एक नए अध्याय का गवाह बना, जहां बीजेपी की पहली सरकार ने शपथ ली, कभी वाम से लेकर टीएमसी के शक्ति प्रदर्शन का साक्षी रहा यह ग्राउंड आज भगवामय नजर आया।

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में स्थित ब्रिगेड परेड ग्राउंड (Brigade Parade Ground), जहां कभी वाम दल की शक्ति प्रदर्शन होता था, आज वहीं बंगाल की पहली बीजेपी सरकार ने शपथ ली है। जिस वाम दल को उखाड़ने में सुवेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) ने कभी बड़ी भूमिका निभाई थी, आज वही सुवेंदु अधिकारी इसी मैदान में मुख्यमंत्री पद की शपथ ले चुके हैं। ब्रिगेड परेड ग्राउंड में उमड़ी ये भीड़, बंगाल की बदली हुई राजनीति की कहानी भी बयां कर रही है, कभी ये भीड़ वाम दल और टीएमसी के लिए उमड़ा करती थी।

Brigade Parade Ground.

ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आज सुवेंदु अधिकारी ने ली सीएम पद की शपथ

ब्रिगेड के राजनीतिक इतिहास में एक और अध्याय

पीढ़ियों से, प्रतिष्ठित विक्टोरिया मेमोरियल के बगल में स्थित विशाल हरा-भरा क्षेत्र राज्य के मुख्य राजनीतिक रंगमंच के रूप में कार्य करता रहा है - जहां राजनीतिक दल संगठनात्मक शक्ति का प्रदर्शन करते हैं, नेता जनता के मूड का परीक्षण करते हैं, और शासन व्यवस्थाएं अपनी अपरिहार्यता का प्रदर्शन करती हैं। शनिवार को जब भाजपा नेतृत्व समर्थकों की भारी भीड़ के सामने सुवेंदु ने शपथ ली, तो ब्रिगेड के राजनीतिक इतिहास में एक और अध्याय जुड़ गया। इस परिवर्तन की शुरुआत महीनों पहले ही हो गई थी जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने चुनाव कार्यक्रम की घोषणा से कुछ समय पहले 14 मार्च को ’ब्रिगेड’ में एक विशाल रैली को संबोधित किया था। कोलकाता के एक राजनीतिक विश्लेषक ने कहा, ’’बंगाल की हर प्रमुख राजनीतिक शक्ति ने ’ब्रिगेड’ के माध्यम से भावनात्मक और प्रतीकात्मक वैधता हासिल करने की कोशिश की है। भाजपा स्पष्ट रूप से संदेश देना चाहती है कि बंगाल के राजनीतिक केंद्र में बदलाव आया है।’’

सुभेंदु अधिकारी ने ली बंगाल के पहले बीजेपी सीएम की शपथ

ब्रिगेड परेड ग्राउंड का इतिहास

ब्रिगेड परेड ग्राउंड आजादी से पहले अंग्रेजों की सैन्य शक्ति के प्रदर्शन के केंद्र था। भारत जब आजाद हुआ तब ब्रिगेड परेड ग्राउंड, बंगाल की राजनीति का शक्ति बन केंद्र बन गया। इस विशाल मैदान में 1950 के दशक से, सोवियत नेता निकिता ख्रुश्चेव, बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान और वेनेजुएला के राष्ट्रपति ह्यूगो शावेज़ जैसी अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक हस्तियां कार्यक्रमों में भाग लिया है। दशकों से, ब्रिगेड स्टेडियम में भीड़ का आकार बंगाल की राजनीतिक मुद्रा बना रहा है। मैदान जितना भरा होता है, संदेश उतना ही सशक्त होता है।

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