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12 साल...12 ऐतिहासिक फैसले, मोदी सरकार में कितनी बदली देश की तस्वीर?

नरेंद्र मोदी ने जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ते हुए भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने का रिकॉर्ड बनाते हुए 4,399 दिनों का कार्यकाल पूरा किया है। आइए जानते हैं 12 साल में 12 बड़े फैसले क्या रहे...

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मोदी सरकार के 12 ऐतिहासिक फैसले
Written by: अमित कुमार मंडल
Updated Jun 10, 2026, 14:50 IST
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12 Year Of Modi Govt: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए 12 वर्ष का कार्यकाल पूरा कर लिया है। 26 मई, 2014 को शपथ ग्रहण करने वाले मोदी का कार्यकाल व्यापक सामाजिक-आर्थिक विकास, बुनियादी ढांचे के विस्तार और डिजिटल परिवर्तन पर केंद्रित रहा है, जिसका लक्ष्य 2047 तक एक विकसित भारत का निर्माण करना है। उन्होंने जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ते हुए भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने का रिकॉर्ड बनाते हुए 4,399 दिनों का कार्यकाल पूरा किया है। नेहरू भारत के पहले प्रधानमंत्री थे, जिन्होंने अपनी मृत्यु तक 16 वर्ष और 286 दिनों तक सेवा की, जबकि मोदी निर्वाचित सरकार के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले प्रमुख हैं (प्रधानमंत्री और गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में उनका कार्यकाल मिलाकर)।

गरीब कल्याण से लेकर महिला सशक्तिकरण तक

मोदी सरकार के पिछले 12 वर्षों ने विकास, जन कल्याण और नागरिक-केंद्रित शासन के एक नए युग की शुरुआत की है। गरीब कल्याण से लेकर महिला सशक्तिकरण तक, किसान कल्याण से लेकर युवाओं के लिए नए अवसर सृजन तक, आधुनिक बुनियादी ढांचे से लेकर राष्ट्रीय सुरक्षा तक, 12 वर्षों की सेवा ने हर क्षेत्र में बदलाव, विकास और आत्मविश्वास की एक नई गाथा लिखी है। पिछले 12 वर्षों में, महिलाओं के लिए 32 करोड़ से अधिक जन धन खाते खोले गए हैं, जबकि 91 लाख से अधिक स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण को मजबूत किया गया है।

उपलब्धियों का आंकड़ा

सरकार की अन्य अहम उपलब्धियों में 26 शहरों में 1,100 किमी से अधिक मेट्रो रेल नेटवर्क का विस्तार, 164 वंदे भारत ट्रेनों का संचालन, हवाई अड्डों की संख्या 74 से बढ़कर 164 होना और देश भर में 2.2 लाख से अधिक स्टार्टअप की स्थापना शामिल है। आंकड़ों से पता चलता है कि प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत वित्तीय समावेशन प्रयासों के परिणामस्वरूप 58 करोड़ से अधिक बैंक खाते खोले गए हैं, जिनमें कुल जमा राशि लगभग ₹3 लाख करोड़ से अधिक हो गई है। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत शहरी स्ट्रीट वेंडरों को सहायता देने के लिए 1.15 करोड़ से अधिक सूक्ष्म ऋणों के माध्यम से 18,600 करोड़ रुपये से अधिक की राशि वितरित की गई है। पिछले 12 वर्षों में भारत ने बुनियादी ढांचे, डिजिटल क्रांति, महिला सशक्तिकरण, किसान कल्याण और वैश्विक संपर्क सहित विभिन्न क्षेत्रों में नए आत्मविश्वास के साथ प्रगति की है।

मोदी सरकार के 12 साल

मोदी सरकार के 12 साल

मोदी सरकार के कार्यकाल के दौरान 12 अहम फैसले

डिजिटल इंडिया क्रांति

डिजिटल इंडिया अभियान के साथ मोदी सरकार ने डिजिटल प्लेटफॉर्म, ऑनलाइन भुगतान, ई-गवर्नेंस और इंटरनेट कनेक्टिविटी के जरिए शासन और सार्वजनिक सेवाओं में क्रांतिकारी बदलाव किए। आज भारत दुनिया की सबसे बड़ी डिजिटल अर्थव्यवस्थाओं में से एक है।

बुनियादी ढांचा

भारत में राजमार्गों, एक्सप्रेसवे, रेलवे आधुनिकीकरण, हवाई अड्डों, मेट्रो नेटवर्क और ग्रामीण सड़क संपर्क, विशेष रूप से दूरस्थ क्षेत्रों में, में तेज वृद्धि देखी गई है। नितिन गडकरी के तहत आने वाले मंत्रालय ने पूरे देश में सड़कों का जाल बिछाया है। बाते चाहे दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस की हो या दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस या बुंदेलखंड एक्सप्रेस, विकास की एक नई तस्वीर सामने आई है।

यूपीआई और डिजिटल भुगतान

यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) के बाद भारत का भुगतान तंत्र बदल गया, जिससे डिजिटल लेनदेन शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में तेज, सुलभ और व्यापक रूप से उपयोग में आने लगे। हर छोटे और बड़े भुगतान के लिए यह नंबर वन तरीका बन गया है। चाहे छोटे दुकानदार हों या बड़े कारोबारी, डिजिटल भुगतान हर किसी की पहली पसंद है।

राम मंदिर निर्माण

दशकों की कानूनी और राजनीतिक बहस के बाद अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण लाखों लोगों के लिए एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मील का पत्थर साबित हुआ। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद मंदिर निर्माण का रास्ता साफ हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 5 अगस्त 2020 को मंदिर निर्माण का भूमि पूजन किया गया था इसके बाद 22 जनवरी 2024 को गर्भगृह में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा संपन्न हुई।

वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी):

जीएसटी ने कई अप्रत्यक्ष करों को एक एकीकृत कर प्रणाली से प्रतिस्थापित किया, जिसका उद्देश्य कराधान को सरल बनाना और एक एकल राष्ट्रीय बाजार का निर्माण करना था। शुरुआत में दिक्कतें आईं, लेकिन बाद में इसने रफ्तार पकड़ ली। भारत में वस्तु एवं सेवा कर (GST) 1 जुलाई 2017 को लागू हुआ था। इसे 30 जून 2017 की मध्यरात्रि को संसद के केंद्रीय हॉल में एक विशेष सत्र के दौरान लॉन्च किया गया था।

अनुच्छेद 370 निरस्त

मोदी सरकार ने 5 अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 को निरस्त कर जम्मू और कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त कर दिया और क्षेत्र को केंद्र शासित प्रदेशों में पुनर्गठित किया। ये मोदी सरकार का सबसे बड़ा फैसला रहा जिसने पूरी तस्वीर ही बदलकर रख दी। केंद्र हाथों कमान आने के बाद सुरक्षाबलों ने केंद्रशातित राज्य में आतंकवाद की कमर तोड़कर रख दी।

तीन तलाक पर प्रतिबंध

तीन तलाक पर प्रतिबंध नरेंद्र मोदी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है। भारत में 'तीन तलाक' (तलाक-ए-बिद्दत) पर 1 अगस्त 2019 को पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया। इस कानून ने तत्काल तीन तलाक की प्रथा को अपराध घोषित कर दिया और इसे मुस्लिम महिलाओं के लिए न्याय, सम्मान और सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया गया है।

स्वच्छ भारत मिशन

इस राष्ट्रव्यापी स्वच्छता अभियान का उद्देश्य शहरी और ग्रामीण भारत में स्वच्छता, शौचालय निर्माण और स्वच्छता जागरूकता फैलाना था। इसने सही मायनों में लोगों पर असर छोड़ा और हर किसी ने इसमें बढ़-चढ़कर अपना योगदान दिया।

आत्मनिर्भर भारत पहल

इस आत्मनिर्भरता अभियान ने घरेलू विनिर्माण, स्थानीय उद्योगों को प्रोत्साहित किया और आयात पर निर्भरता कम की। मेक इन इंडिया के तहत भारत में ही उत्पाद तैयार करने का अभियान चलाया गया। चाहे बात सेना के लिए हथियार बनाने की हो या कोई अन्य उत्पाद, आत्मनिर्भरता ने एक नया विश्वास दिया है।

उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत योजनाएं

प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत और जल जीवन मिशन जैसी योजनाओं ने लाखों लाभार्थियों तक कल्याणकारी योजनाओं की पहुंच का विस्तार किया।

भारत की वैश्विक कूटनीति

भारत ने सक्रिय कूटनीति, अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों और जी20 जैसे मंचों में नेतृत्वकारी भूमिकाओं के माध्यम से अपनी वैश्विक उपस्थिति को मजबूत किया। इन 12 वर्षों में वैश्विक मंच पर भारत की धमक लगातार बढ़ी है। आज हर देश भारत से दोस्ती करना चाहता है। भारत ग्लोबल साउथ की प्रमुख आवाज बनकर उभरा है।

स्टार्टअप और विनिर्माण क्षेत्र में बढ़ोतरी

स्टार्टअप इंडिया और मेक इन इंडिया जैसी पहलों ने उद्यमिता को बढ़ावा दिया है, नवाचार को गति दी है और विनिर्माण क्षेत्र में निवेश आकर्षित किया है। इसका भारत को सीधे तौर पर फायदा मिला है और वैश्विक मंदी के दौर में भी भारत ने विकास की गति को बनाए रखा है।

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