Sameer Wankhede V/S The Bads of Bollywood: शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान की वेब सीरीज 'द बैड्स ऑफ बॉलीवुड' ने हर जगह हंगामा खड़ा कर दिया था। जब यह सीरीज रिलीज हुई, तब बॉलीवुड इंडस्ट्री के बारे में कई सवाल सामने आए। हालांकि इसमें जो बात सबसे ज्यादा बढ़ी, वो थी समीर वानखेडे की कोर्ट में याचिका। एक्स नारकोटिक्स चीफ समीर वानखेडे ने रेड चिलीज पर मुकदमा दायर किया। जिसकी सुनवाई अभी तक जारी है। कल, सोमवार को फिर से समीर वानखेडे और रेड चिलीज ( Red Chillies) ने दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया। दिल्ली हाई कोर्ट में हुई इस बहस में समीर के वकील ने अपना पक्ष रख, साथ ही दिल्ली हाईकोर्ट ने भी कई सवाल उठाए हैं। आइए आपको बताते हैं क्या है पूरा मामला
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समीर वानखेड़े( Sameer Wankhede) का आरोप है कि इस शो में उनके और आर्यन खान के बीच हुए क्रूज़ ड्रग्स केस को आधार बनाकर एक सीन जानबूझकर ऐसा दिखाया गया है, जिससे उनकी छवि खराब होती है। उनका कहना है कि मेकर्स ने बिना आधार के उनके बारे में गलत धारणा फैलाने की कोशिश की है।
रेड चिलीज़ का दावा—"यह व्यंग्य है"
मामले की सुनवाई के दौरान शाहरुख खान की कंपनी रेड चिलीज़ की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कौल ने कहा कि, यह शो व्यंग्य है और उन्हें ऐसा कंटेंट बनाने का पूरा अधिकार है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि–“कार्टूनिस्ट आर.के. लक्ष्मण भी प्रधानमंत्री सहित कई बड़े नेताओं का व्यंग्य के माध्यम से मज़ाक उड़ाते थे। ऐसे ही रचनात्मक स्वतंत्रता क्रिएटर्स की होती है।” वकील ने यह भी कहा कि किसी किरदार का चेहरा किसी असली व्यक्ति से मिलता–जुलता दिखना कोई अपराध नहीं है। उनका कहना है कि अगर हर कोई ऐसा सोचता है तो हर दूसरे दिन सीरीज को लेकर कोई न कोई मुकदमा दायर कर सकता है।
कोर्ट ने उठाया “पक्षपात” का सवाल
दिल्ली हाई कोर्ट ने इस तर्क पर सवाल उठाए और कहा कि–आर.के. लक्ष्मण के कार्टून्स में कभी कोई पक्षपात या एकतरफा दृष्टिकोण नहीं होता था, लेकिन नेटफ्लिक्स की इस सीरीज़ में एक तरफा दिखाने की आशंका साफ दिखाई देती है।
वानखेड़े के वकील की दलील
वानखेड़े की ओर से अधिवक्ता जे. साई दीपक ने कहा कि यदि रेड चिलीज़ यह दावा कर रही है कि शो व्यंग्य है, तो उन्हें यह स्पष्ट करना होगा कि यह व्यंग्य किस पर आधारित है। क्योंकि यह सीरीज़ बिना किसी अतिरिक्त डिस्क्लेमर के सच्ची घटनाओं से प्रेरित लगती है।
