Shaji N. Karun Died At the Age of 73: मलयालम सिनेमा के मशहूर डायरेक्टर और सिनेमैटोग्राफर शाजी एन. करुण (Shaji N. Karun) का 28 अप्रैल 2025 को तिरुवनंतपुरम में निधन हो गया। 73 साल की उम्र में कैंसर से जूझते हुए उन्होंने आखिरी सांस ली। इस खबर के सामने आने के बाद से सिनेमा जगत में शौक की लहर दौड़ पड़ी है। शाजी एन. करुण ने अपनी फिल्मों से मलयालम सिनेमा को दुनिया भर में पहचान दिलाई। उनकी फिल्म पिरावी (Piravi) ने 1989 में कान्स फिल्म फेस्टिवल में कैमरा डी’ओर स्पेशल मेंशन जीता, जबकि स्वाहम (Swaham) 1994 में कान्स में बेस्ट फिल्म का अवॉर्ड ले आई। वनप्रस्थम (Vanaprastham) में मोहनलाल (Mohanlal) के साथ उनकी जोड़ी ने कमाल कर दिखाया, जिसने तीन नेशनल अवॉर्ड्स जीते।
शाजी एन. करुण ने 1971 में पुणे के फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट से सिनेमैटोग्राफी की पढ़ाई की और 40 फिल्मों में कैमरा वर्क किया। उनकी पहली फिल्म थम्पू (Thampu) ने 1979 में नेशनल अवॉर्ड जीता था। वो सिर्फ डायरेक्टर ही नहीं, बल्कि केरल स्टेट चलचित्र अकादमी के पहले चेयरमैन भी रहे। उन्होंने इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ केरल (IFFK) को मशहूर बनाने में बड़ी भूमिका निभाई। 2010 में उन्हें पद्म श्री और फ्रांस के ऑर्डर ऑफ आर्ट्स एंड लेटर्स से सम्मानित किया गया। उनकी आखिरी फिल्म ऊलु (Oolu) 2018 में रिलीज हुई थी।
शाजी एन. करुण ने अपनी पत्नी अनसुया वारियर (Anasuya Warrier) और दो बेटों, अनिल और अप्पू, ने उनके साथ आखिरी पल बिताए। फैंस और इंडस्ट्री उनके योगदान को याद कर रही है। शाजी एन. करुण की फिल्में, जो इमोशंस और खूबसूरत विजुअल्स से भरी थीं, हमेशा प्रेरणा देती रहेंगी।
