कैसी है राघव जुयल की मूवी ( pic credit- bhai tera star hai movie)
raghav juyal
Bhai Tera Star Hai Review: राघव जुयाल की पहली सोलो लीड फिल्म 'भाई तेरा स्टार है' रिलीज हो चुकी है। फैंस को फिल्म से बड़ी उम्मीदें थीं, लेकिन क्या यह उम्मीदों पर खरी उतरती है? जानिए पूरा रिव्यू।
Bhai Tera Star Hai Review: राघव जुयाल (Raghav Juyal) की फिल्म 'भाई तेरा स्टार है' (Bhai Tera Star Hai) का फर्स्ट लुक सामने आते ही सोशल मीडिया पर जबरदस्त चर्चा शुरू हो गई थी। किल जैसी फिल्मों से अपनी अलग पहचान बना चुके राघव की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए फैंस को इस फिल्म से काफी उम्मीदें थीं। लोगों को लगा था कि राघव इस बार सोलो लीड के तौर पर बड़ा धमाका करेंगे। हालांकि, फिल्म रिलीज होने के बाद दर्शकों की राय बंटी हुई नजर आ रही है। किसी को राघव की एक्टिंग पसंद आई, तो कई लोग कहानी और स्क्रीनप्ले से निराश दिखे। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या 'भाई तेरा स्टार है' वाकई थिएटर जाकर देखने लायक फिल्म है? आइए इस रिव्यू में जानते हैं। (Times Now Navbharat पर ये भी पढ़ें-Exclusive: 'टीवी वाला एक्टर' कहने पर Raghav Juyal ने दिया रिएक्शन, कहा- 'जब शाहरुख खान को...')
फिल्म की शुरुआत अजय (राघव जुयाल) के एक कॉन्सर्ट परफॉर्मेंस से होती है। इसके बाद कहानी लंदन पहुंचती है, जहां एक बार में फैटी (संजय कपूर) अजय से अपने पैसे वापस मांगता है और उसे आधी रात तक का समय देता है। यहीं से अजय की मुश्किलें शुरू हो जाती हैं। वह पैसे जुटाने के लिए इधर-उधर भागता है, लेकिन हर कदम पर नई परेशानी उसका इंतजार कर रही होती है। जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है, अजय की जिंदगी में उसकी बहन का एक्स-हसबैंड सिड (विवान भटेना), गर्लफ्रेंड रोशनी (निहारिका एनएम), लैला (बरखा सिंह), दोस्त जेडी और कई अन्य किरदार जुड़ते जाते हैं। हालांकि, हर कुछ मिनट में नए किरदार और नए ट्विस्ट आने की वजह से कहानी काफी उलझी हुई लगने लगती है। कई घटनाओं का आपस में कोई मजबूत संबंध नहीं बन पाता, जिससे फिल्म का प्लॉट बिखरा हुआ और कन्फ्यूजिंग महसूस होता है। कई बार दर्शकों के लिए यह समझना भी मुश्किल हो जाता है कि आखिर कहानी किस दिशा में आगे बढ़ रही है।
भाई तेरा स्टार है' की सबसे बड़ी कमी इसकी कॉमेडी है। फिल्म दर्शकों को हंसाने की पूरी कोशिश करती है, लेकिन ज्यादातर जोक्स फीके पड़ जाते हैं और कोई खास असर नहीं छोड़ते। इसके साथ ही कहानी, स्क्रीनप्ले और एडिटिंग भी कमजोर नजर आती है। कई जगह घटनाएं इतनी बिखरी हुई लगती हैं कि समझना मुश्किल हो जाता है कि आखिर कहानी किस दिशा में आगे बढ़ रही है। कमजोर राइटिंग के कारण फिल्म दर्शकों को पूरी तरह बांधने में सफल नहीं हो पाती।
राघव जुयाल पूरी लीड रोल में है लेकिन कई जगह ऐसा लगता है कि फिल्म का फोकस विवान भटेना और बरखा सिंह पर ज्यादा है। राघव अपनी पूरी कोशिश करते हैं लेकिन उन्हें मजबूत स्क्रिप्ट का साथ नहीं मिलता। उनका निहारिका एनएम के पास करने के लिए ज्यादा कुछ नहीं है, जबकि संजय कपूर और निकी वालिया जरूरत से ज्यादा ओवरएक्टिंग करते नजर आते हैं। बरखा सिंह अपने हिस्से के किरदार में मेहनत करती हैं, लेकिन कमजोर कहानी उनके काम का असर कम कर देती है।
कुल मिलाकर राघव जुयाल की फिल्म 'भाई तेरा स्टार है' एक कमजोर फिल्म साबित होती है। हम आपको ये फिल्म देखने के लिए बिल्कुल भी फोर्स नहीं करेंगे लेकिन फिर भी आपका मन हो तो देख सकते हैं। हम इस मूवी को 2 स्टार देते हैं।