Main Vaapas Aaunga Box Office Day 4: दिलजीत-शरवरी स्टारर को नहीं मिल रहा दर्शकों का प्यार, कमाए इतने करोड़

Main Vaapas Aaunga Box Office Day 4: दिलजीत दोसांझ, वेदांग रैना और शरवरी की रोमांटिक ड्रामा 'मैं वापस आऊंगा' को दर्शकों का भरपूर प्यार नहीं मिल रहा है। इस मूवी का कलेक्शन अब करोड़ों से लाखों में आ गया है।

Main Vaapas Aaunga Box Office Day 4: बॉलीवुड इंडस्ट्री के फेमस निर्माता-निर्देशक इम्तियाज अली (Imtiaz Ali) के डायरेक्शन में बनी फिल्म 'मैं वापस आऊंगा' (Main Vaapas Aaunga) 12 जून को मेकर्स द्वारा रिलीज की गई थी। फिल्म क्रिटिक्स और दर्शकों ने इस मूवी को अच्छे रिव्यू दिए, इसके बाद भी फिल्म की कमाई में बड़ा उछाल देखने को नहीं मिला। इसका असर फिल्म के बॉक्स ऑफिस कलेक्शन पर साफ दिखाई पड़ रहा है। यह मूवी 4 दिनों में घरेलू बॉक्स ऑफिस पर 10 करोड़ रुपये का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाई है। (टाइम्स नाउ नवभारत पर इसे भी पढ़ें: Sanchita Ugale से पहले इन 6 हसीनाओं ने की थी आत्महत्या, फैन्स भी रह गए सन्न)

Main Vaapas Aaunga Box Office Day 4

'मैं वापस आऊंगा' का नहीं दिखा बॉक्स ऑफिस पर दम (Pic Credit: Instagram)

'मैं वापस आऊंगा' का नहीं दिखा बॉक्स ऑफिस पर दम

Sacnilk द्वारा साझा किए गए ताजा अपडेट के अनुसार फिल्म 'मैं वापस आऊंगा' ने सोमवार को 97 लाख रुपये अपने खाते में जोड़े हैं। बीते 4 दिनों में इस मूवी की यह अब तक की सबसे कमाई है। फिल्म ने पहले दिन 1.15 करोड़ कमाए थे। वीकेंड पर इसमें कुछ बढ़ोतरी देखी गई, जिसके बाद फिल्म ने शनिवार को 1.85 करोड़ और रविवार को 2.50 करोड़ का बिजनेस किया। इन 4 दिनों में इस मूवी की भारत ग्रॉस कमाई 7.74 करोड़ हो गई है। टाल भारत नेट कमाई 6.67 करोड़ रुपये रही है। (टाइम्स नाउ नवभारत पर इसे भी पढ़ें: Bharat Bhhagya Viddhaata Box Office Day 4: फ्लॉप साबित होगी कंगना रनौत की फिल्म, धड़ाम से गिरी कमाई)

'भारत भाग्य विधाता' से हुई थी क्लैश

दिलजीत दोसांझ, वेदांग रैना, शरवरी और नसीरुद्दीन शाह की फिल्म 'मैं वापस आऊंगा' की टक्कर 12 जून को कंगना रनौत की फिल्म 'भारत भाग्य विधाता' से हुई थी। हालांकि दिलजीत और शरवरी की रोमांटिक ड्रामा ने कंगना रनौत स्टारर को मात दे दी है। यह फिल्म एक 95 साल के बुजुर्ग (नसीरुद्दीन शाह) की कहानी बताती है। वह पाकिस्तान जा रहे होते हैं तभी उन्हें स्ट्रोक आ जाता है। उनका पोता बंटवारे से पहले की पुरानी यादों के टुकड़ों को जोड़-जोड़कर समझने की कोशिश करता है। फिल्म सीमाएं बनने के बहुत साल बाद भी लोगों पर उसके असर को समझने की कोशिश करती है।

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