Sanjay Dutt के नाइटक्लब में बिना लाइसेंस बज रहे थे गाने, बॉम्बे हाई कोर्ट ने लगाई रोक

  • Authored by: अभय
  • Updated Aug 13, 2026, 06:43 PM IST

Sanjay Dutt Nightclub Case: संजय दत्त (Sanjay Dutt) से जुड़े पुणे के एक नाइटक्लब को लेकर बॉम्बे हाई कोर्ट का अहम आदेश सामने आया है। मामला गानों के इस्तेमाल और अनुमति से जुड़ा है।

Sanjay Dutt Nightclub Case: बॉलीवुड के फेमस स्टार संजय दत्त (Sanjay Dutt) एक बार फिर चर्चा में हैं, लेकिन इस बार वजह उनकी कोई फिल्म या नया किरदार नहीं, बल्कि पुणे स्थित उनके नाइटक्लब से जुड़ा मामला है। इस मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट (Bombay High Court) ने अहम निर्देश दिया है। कोर्ट का ये मामला क्लब में गाने बजाने के लिए जरूरी अनुमति से जुड़ा है। ऐसे में यह खबर सिर्फ संजय दत्त के फैंस ही नहीं, बल्कि म्यूजिक इंडस्ट्री और एंटरटेनमेंट बिजनेस से जुड़े लोगों के लिए भी ध्यान खींच रही है। तो चलिए जानते हैं संजय दत्त से जुड़ा ये पूरा मामला क्या है।

Sanjay Dutt Nightclub Case

संजय दत्त के क्लब के खिलाफ कोर्ट ने सुनाया फैसला (Image Source: AI)

कोर्ट ने दिया ये आदेश

एक्टर संजय दत्त एक बार फिर से खबरों में आ गए हैं। इसकी वजह संजय दत्त के नाइटक्लब से जुड़ा एक मामला है। Mid-Day की खबर के मुताबिक पीपीएल के एक प्रतिनिधि 24 जून को बलर गए थे। वहां उन्होंने कई हिट गाने बजते पाए जैसे बदतमीज दिल, दर्द-ए-डिस्को, ओ साकी साकी, दस बहाने, मौज ही मौज, जस्टिन बीबर का वॉट डू यू मीन और दुआ लिपा का लेविटेटिंग। इन गानों के कॉपीराइट पीपीएल के पास हैं। कोर्ट में सुनवाई के दौरान कहा गया कि बलर ने पहले लाइसेंस लिया था, लेकिन वो खत्म हो चुका है और उन्होंने अभी तक रिन्यू नहीं कराया। इसलिए कोर्ट ने बिना लाइसेंस के पीपीएल के गाने बजाने से रोक दिया।दूसरी तरफ पीपीएल के वकील हितेन वासन ने कहा कि वो बिना इजाजत के गाने बजाने के मामलों को पकड़ते रहेंगे और कानूनी कार्रवाई करते रहेंगे। उन्होंने बयान में कहा, 'बॉम्बे हाईकोर्ट ने जो अंतरिम रोक लगाई है, उससे साफ संदेश जाता है कि कॉपीराइट वाले गाने बिना इजाजत के बजाने पर भारी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।'

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