Rajpal Yadav Cheque Bounce Case: बॉलीवुड इंडस्ट्री के दिग्गज अभिनेता और कॉमेडियन राजपाल यादव की चेक बाउंस केस में कानूनी मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। राजपाल यादव 9 करोड़ रुपये से चेक बाउंस मामले में फरवरी में तिहाड़ जेल से रिहा हुए थे। अभिनेता ने पारिवारिक शादी में शामिल होने के लिए जमानत मांगी थी और उन्होंने शिकायतकर्ता के पास 1.5 करोड़ रुपये जमा भी किए, जिसे बाद कोर्ट ने अभिनेता को राहत दी। लगभग 2 हफ्ते पहले राहत मिलने के बाद भी राजपाल यादव की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। इस मामले में हाई कोर्ट ने राजपाल यादव के मामले में अपना फैसला सुरक्षित रखा है।
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राजपाल के खिलाफ दर्ज हैं 21 से ज्यादा मामले
वकील के हालिया बयान के अनुसार राजपाल यादव के खिलाफ 21 से ज्यादा केस दर्ज हैं। 9 करोड़ रुपये के चेक बाउंस केस में उन्होंने पेमेंट करने से इनकार कर दिया है। वकील का कहना है कि वो इसके बजाय जेल जाना पसंद करेंगे। न्यूज एजेंसी ANI द्वारा अपने ऑफिशियल X हैंडल पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में शिकायतकर्ता M/s Murli Projects Private Limited के वकील अवनीत सिंह सिक्का ने कहा कि इस मामले में काफी बहस हुई। दोनों पक्षों ने अपनी दलीलें पूरी कर लीं। (इसे भी पढ़ें: Ramayana Teaser से क्यों गायब हैं 'हनुमान' सनी देओल? LEAK हुई इनसाइड डिटेल)
दोनों पक्ष हो गए थे सहमत
सिक्का के मुताबिक कोर्ट में उनके द्वारा पेश दलीलों से सहमत नजर आया है। उन्होंने बताया कि राजपाल यादव वर्चुअली इस सुनवाई में शामिल हुए। कोर्ट ने इस मामले को समझौता करने का लास्ट मौके भी दिया लेकिन उन्होंने इसे खत्म से मना कर दिया है। सुनवाई के दौरान राजपाल यादव ने शुरू में कोर्ट द्वारा तय शर्तों पर इस मुद्दे को सुलझाने पर सहमति जताई। दोनों पक्ष एक रकम पर सहमत भी हो गए और विरोधी वकील भी इस अमाउंट के लिए तैयार थे।
जेल जाने को तैयार हैं राजपाल यादव
हालांकि जब जज ने पेमेंट करने एक मोड के बारे में पूछा तो राजपाल यादव एकदम बदल गए। उन्होंने कहा कि वह इसके बजाय जेल जाने को तैयार हैं। राजपाल यादव ने यह दवा किया है कि वो पहले ही काफी पैसे दे चुके हैं और जेल में भी रहे हैं। सिक्का ने आगे कहा कि अभिनेता के खिलाफ 21 मामले अभी भी पेंडिंग हैं। उम्मीद है कि कोर्ट इन सभी पेंडिंग केस को देखते हुए अपना फैसला सुनाएगा। अब यह देखना है कि उनके सजा मिलती है या इसे रद्द किया जाता है। (इसे भी पढ़ें: 6 ब्लॉकबस्टर फिल्मों को अजय देवगन ने चुटकियों में किया था रिजेक्ट, अब होता है पछतावा)
2010 में शुरू हुआ था यह विवाद
बताते चलें साल 2010 में इस मामले की शुरुआत हुई थी। राजपाल यादव ने अपनी फिल्म 'अता पता लापता' के लिए मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से 5 करोड़ रुपये का लोन लिया था। इस मूवी के फ्लॉप होने के बाद चेक बाउंस का मामला सामने आया। केस बाउंस में उन्हें 2018 में उन्हें दोषी ठहराया गया और छह महीने की जेल की सजा सुनाई गई। यह फैलसा 2019 में भी बरकरार रहा। बकाया राशि बढ़कर लगभग 9 करोड़ रुपये हो गई।
