Ramayana: 'इतिहास की सबसे गलत समझी गई महिला', कैकेयी के किरदार पर Lara Dutta ने कही दिल छू लेने वाली बात

  • Authored by: अभय
  • Updated Nov 5, 2026, 12:03 PM IST

Lara Dutta on Kaikeyi Role in Ramayana: फिल्म रामायण में कैकेयी का किरदार निभा रहीं लारा दत्ता (Lara Dutta) ने अपने नए पोस्ट से सबका ध्यान खींचा है। एक्ट्रेस ने इस किरदार को लेकर खास बात कही है।

Lara Dutta on Kaikeyi Role in Ramayana: बॉलीवुड एक्ट्रेस लारा दत्ता (Lara Dutta) इन दिनों फिल्म रामायण (Ramayana) को लेकर चर्चा में हैं। फिल्म में लारा दत्ता कैकेयी का किरदार निभा रही हैं। इस फिल्म के रिलीज होने के मौके पर एक्ट्रेस ने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट शेयर किया है। इसमें उन्होंने अपने किरदार को लेकर कई बातें लिखी हैं। लारा ने बताया कि उनके लिए इस रोल को निभाना कितना खास और बड़ी जिम्मेदारी वाला अनुभव है। उन्होंने कैकेयी के किरदार को समझने के साथ-साथ दर्शकों से भी एक खास अपील की है। तो चलिए जानते हैं कि लारा दत्ता ने अपनी पोस्ट में क्या लिखा है।

Lara Dutta on Kaikeyi Role in Ramayana

रामायण की कैकेयी को विलेन नहीं मानतीं Lara Dutta, दर्शकों से की सदियों पुरानी सोच बदलने की अपील (Image Source: Lara Dutta Instagram)

कैकेयी को लेकर क्या बोलीं लारा दत्ता?

लारा दत्ता एक बार फिर से चर्चा में आ गई हैं। इसकी वजह लारा दत्ता की अभी हाल ही में शेयर की गई एक पोस्ट है। लारा दत्ता ने अपने पोस्ट में माता कैकेयी को इतिहास की सबसे गलत समझी गई महिलाओं में से एक बताया। लारा दत्ता ने पोस्ट में लिखा कि 'कई साल पहले एक ख्वाहिश के रूप में जो शुरुआत हुई थी, वो ख्वाहिश थी खुद से भी बड़ी किसी चीज का हिस्सा बनने की। किसी ऐसे उद्देश्य का, जो सामूहिक सोच से भी कहीं बड़ा हो। जो समय की सीमाओं से परे हो और हमारी रगों में, हमारे अस्तित्व में बसा हो। और आज, उस ख्वाहिश को एक ऐसी कहानी में अपनी जगह मिल गई है, जो अनंत काल से चली आ रही है। मेरे लिए यह बेहद खास और सौभाग्य की बात है कि मुझे एक ऐसी मां का किरदार निभाने का मौका मिला, जिन्हें शायद इतिहास की सबसे गलत समझी गई महिलाओं में से एक माना जाता है। उनकी इंसानियत, उनकी बेचैनी, उनकी कमजोरियों, उनके अपराधबोध और पछतावे को पर्दे पर उतारने की जिम्मेदारी मिलना मेरे लिए बहुत बड़ी बात है। एक ऐसी महिला, जिसने इतिहास की दिशा बदल दी। या शायद यह कहना ज्यादा सही होगा कि उन्होंने इतिहास को उसी रास्ते पर आगे बढ़ाया, जिस पर उसे पहले से ही चलना था। मैं खुद को बहुत सौभाग्यशाली मानती हूं और इसके लिए दिल से आभारी हूं।'

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