Kangana on Sharmila Tagore’s On Vande Mataram: बॉलीवुड इंडस्ट्री एक्ट्रेस और बीजेपी सांसद कंगना रनौत (Kangana Ranaut) ने दिग्गज अदाकारा शर्मिला टैगोर के ‘वंदे मातरम’ (Vande Mataram) को लेकर दिए बयान पर रिएक्शन दिया है। शर्मिला टैगोर (Sharmila Tagore) ने हाल ही में कहा था कि कुछ धार्मिक लोगों के लिए राष्ट्रगीत के कुछ हिस्सों को स्वीकार करना मुश्किल हो सकता है क्योंकि वे सिर्फ एक ईश्वर में विश्वास करते हैं। अब कंगना रनौत ने शर्मिला टैगोर के बयान पर रिएक्शन देते हुए तंज कसा है। (टाइम्स नाउ नवभारत पर इसे भी पढ़ें: Deepika Padukone को इसलिए किया गया था 'Spirit' से बाहर !! वजन जानकर उड़ जाएंगे होश)
शर्मिला टैगोर के कमेंट पर कंगना रनौत ने कसा तंज (Pic Credit: Instagram)
शर्मिला टैगोर के कमेंट पर कंगना रनौत ने किया रिएक्ट
कंगना रनौत ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर शर्मिला टैगोर के इंटरव्यू का वीडियो शेयर किया। इसके साथ उन्होंने अपनी बात रखते हुए शर्मिला टैगोर की सोच को ‘सीमित और बनावटी’ बताया। कंगना ने कहा कि वह शर्मिला जी की इस बात की सराहना करती हैं कि उन्होंने ‘वंदे मातरम’ को लेकर अपनी राय खुलकर रखी लेकिन एक एक्टर होने के नाते उन्हें देखकर हैरानी होती है कि कला और कविता को लेकर उनकी सोच इतनी सीमित कैसे हो सकते हैं?
कंगना के मुताबिक कविता या गीत में शब्दों का इस्तेमाल अक्सर रूपकों के तौर पर किया जाता है। कलाकार अपनी कल्पना के जरिए अलग-अलग उदाहरण और समानताएं पेश करता है, ताकि लोगों तक अपनी बात प्रभावी तरीके से पहुंचा सके। कंगना ने आगे कहा कि ‘वंदे मातरम’ आजादी की लड़ाई की भावना से जुड़ा हुआ गीत है। इस गीत के माध्यम से बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने देशवासियों को अपने अंदर की शक्ति को जगाने का संदेश दिया था। (टाइम्स नाउ नवभारत पर इसे भी पढ़ें: 'Peddi' और 'Devara' हुईं फ्लॉप तो Siddharth Anand ने कसा तंज, तेलुगु फैन्स हुए निराश)
उन्होंने स्वामी विवेकानंद का उदाहरण देते हुए कहा कि जब उन्होंने युवाओं से लोहे जैसी मजबूत इच्छाशक्ति और शरीर में बिजली जैसी ऊर्जा की बात की थी, तो वह मौसम की भविष्यवाणी नहीं कर रहे थे। उनके शब्दों का मकसद युवाओं में शक्ति और जोश जगाना था। कंगना ने कहा कि हम सभी को 'हिंदू-मुस्लिम वाली सोच से बाहर आने' की जरुरत है। इस पोस्ट के लास्ट में कंगना रनौत ने शर्मीला टैगोर के प्रति प्यार भी व्यक्त किया।
