Javed on Pahalgam terror attack: पहलगाम आतंकी हमले में 26 निर्दोष भारतीयों की जान चली गई। आतंकवादियों ने लोगों का धर्म पूछ-पूछकर उन्हें गोली मारी थी, जिस कारण देशवासियों में काफी गुस्सा है। भारतीय लेखक जावेद अख्तर ने ग्लोरियस महाराष्ट्र फेस्टिवल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बारे में बात की और पाकिस्तान को तगड़ा संदेश देने की पैरवी की। जावेद अख्तर ने भारतीय सरकार से गुजारिश की है कि पाकिस्तान को जल्द ही ऐसा सबक सिखाया जाए, जिसे वो सालों साल न भूल पाए।
जावेद अख्तर ने कहा है, 'ऐसा पहली बार नहीं हुआ है, पिछले कई मौके पर ऐसा हो चुका है। मैं भारतीय सरकार से गुजारिश करना चाहूंगा कि जल्द से जल्द कड़े कदम उठाए जाएं। सीमा पर होने वाली छोटी-छोटी झड़पें मदद नहीं करने वाली हैं। हमें कड़े कदम उठाने होंगे और कभी न भुलाए जाने वाला सबक सिखाना पड़ेगा।'
जावेद अख्तर ने पाकिस्तानी आर्मी चीफ के बयान पर भी जुबान खोली और कहा, 'पाकिस्तानी आर्मी चीफ ने कहा है कि हिन्दू और मुस्लिम दो अलग-अलग कम्यूनिटीज हैं। क्या उन्हें इस बात का अहसास है कि उनके देश में भी हिन्दू हैं। क्या वो अपने देश के लोगों की भी इज्जत नहीं करते हैं? क्या कोई अच्छी समझ वाला इंसान ऐसे कमेंट दे सकता है।'
जावेद अख्तर ने अपने लाहौर दौरे के बारे में बात की और बताया, 'जब मैं कुछ समय पहले लाहौर गया था तब वहां एक एक बूढ़ी महिला आई और उन्होंने मुझसे कहा कि हिन्दुस्तान में उनके देश के लोगों को आतंकियों के रूप में देखा जाता है। मैंने उनसे कहा कि मैं जिस शहर में रहता हूं, उसे मैंने जलते हुए देखा है। जो लोग मेरा शहर जलाने के लिए आए थे, वो आपके शहर में अब तक फ्री घूम रहे हैं। इसका उनके पास कोई जवाब नहीं था।'
जावेद अख्तर ने पाकिस्तान के प्रोपेगेंडा की भी हवा निकाली और कहा, 'पाकिस्तान के लोग कहते हैं कि कश्मीरी दिल से पाकिस्तानी हैं। ये सरासर झूठ है। सच ये है कि जब साल 1948 में पाकिस्तानियों ने कश्मीर पर हमला किया था, तब वहां लोगों ने 3 दिनों तक उन्हें रोके रखा। हमारे देश की सेना तो तीन दिन बाद पहुंची थी। सच ये है कि कश्मीरी लोग भारत के बिना रह ही नहीं सकते हैं।'
