अंधविश्वास की भेंट चढ़ गया गोविंदा का चमकता करियर, ज्योतिषियों की सलाह मान 'हीरो' से 'जीरो' हो गए एक्टर

  • Authored by: अभय
  • Updated Oct 7, 2025, 08:14 PM IST

Govida: Hero No. 1 To Zero: बॉलीवुड की चकाचौंध में कुछ चेहरे इतिहास बन जाते हैं और कुछ कहानियां सबक। गोविंदा इसी का एक नाम है। एक समय पर बॉलीवुड पर राज करने वाले गोविंदा आज एक्टिंग की दुनिया में वापसी के लिए तरस रहे हैं। तो चलिए जानते हैं गोविंदा कैसे हीरो नंबर 1 से जीरो हो गए।

Govida: Hero No. 1 To Zero: बॉलीवुड की चकाचौंध वाली दुनिया में कुछ चेहरे ऐसे होते हैं जो कभी आसमान छूते हैं, तो कभी धरती पर सराबोर हो जाते हैं। ऐसे ही एक स्टार का नाम है गोविंदा, जो 90 के दशक में वो न सिर्फ डांसिंग किंग थे, बल्कि कॉमेडी के भी बादशाह थे। उनकी फिल्में देखकर थिएटर में तालियां बजतीं, सड़कों पर फैंस ठुमके लगाते थे। लेकिन आज 2025 में जब हम पीछे मुड़कर देखते हैं, तो सवाल उठता है आखिर वो अर्श से फर्श पर कैसे आ गए? एक ऐसा सितारा जो बीबीसी पोल में अमिताभ बच्चन के साथ 'ग्रेटेस्ट स्टार' की लिस्ट में शुमार था, आज छोटे-मोटे प्रोजेक्ट्स या रियलिटी शोज में नजर आता है। आइए, गोविंदा के करियर की इस ट्रेजिक जर्नी को खोलते हैं जहां हिट्स की बारिश के बाद सूखा आ गया।

Govinda Hero To Zero

Image Source: IMDb

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डेब्यू करते ही मचाया धमाल

गोविंदा का सफर शुरू होता है 1986 से, जब 'इल्जाम' ने उन्हें लॉन्च किया गया। एक मिडिल क्लास फैमिली से निकले इस लड़के ने रातोंरात स्टारडम हासिल कर लिया। बीकॉम की डिग्री के बाद पिता की सलाह पर फिल्मों में कूदे गोविंदा ने 'डिस्को डांसर' देखकर डांस सीखा। बेहद कम उम्र में ही गोविंदा के आगे फिल्मों की लाइन लग गई। लेकिन असली धमाका 90 के दशक में हुआ, जब उन्होंने डेविड धवन के साथ काम करना शुरू किया। इस जोड़ी ने बड़े पर्दे पर धमाल मचा दिया। फिल्म 'शोला और शबनम' (1992) से शुरू हुआ ये सफर 'आंखें' (1993), 'कुली नंबर 1' (1995), 'हीरो नंबर 1' (1997), 'दूल्हे राजा' (1998), 'हसीना मान जाएगी' (1999) जैसी फिल्मों तक चला। इन फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा दिया। इस दौरान गोविंदा एक-एक दिन में 18 घंटे काम किया करते थे। इस दौरान गोविंदा फिल्म के लिए एक करोड़ रुपये तक फीस लेते थे।

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