Exclusive: बृजेन्द्र काला ने किया आमिर खान का समर्थन, बोले "ओटीटी को ना कहने के लिए हिम्मत चाहिए..."

Exculsive talk with Brijendra Kala: एक्टर बृजेन्द्र काला ने टाइम्स नाउ नवभारत के साथ लेटेस्ट इंटरव्यू में अपकमिंग मूवी जान अभी बाकी है के बारे में बात की। उन्होंने अपनी हालिया रिलीज सितारे जमीन पर है का भी जिक्र किया। एक इन्साइडर के तौर पर उन्होंने ओटीटी और सिनेमाघरों के बीच हो रहे घमासान पर अपनी राय रखी।

Exculsive talk with Brijendra Kala: अपनी कलाकारी से दर्शकों के बीच अमिट छाप छोड़ने वाले एक्टर बृजेन्द्र काला( Brijendra Kala) किसी पहचान के मोहताज नहीं है। उन्होंने सितारे जमीन पर, मामला लीगल है , गुड लुक, पीके और न जाने कितनी ही बॉलीवुड फिल्मों में काम किया। बृजेन्द्र काला की एक्टिंग के लोग दीवाने हैं और जब तक वह स्क्रीन पर नजर आते हैं तो सारी लाइमलाइट लूट ले जाते हैं। एक्टर जल्द "जान अभी बाकी है" फिल्म में नजर आने वाले हैं। उनकी ये मूवी 1 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। फिल्म के बारे में चर्चा करते हुए एक्टर ने फिल्मी दुनिया से जुड़े ढेर सारे अनुभव साझा किए। टाइम्स नाउ नवभारत को दिए इंटरव्यू में बृजेन्द्र ने अपनी हालिया रिलीज फिल्म सितारे जमीन पर है के बारे में भी बात की। आइए बताते हैं उन्होंने क्या बताया

Exculsive talk with Brijendra Kala

Pic Credit: Bijendra kala Instagram

आमिर खान( Aamir Khan) ने अपनी फिल्म 'सितारे जमीन पर' है को ओटीटी पर रिलीज न करने का फैसला लिया था उसपर आपका क्या कहना है?

इस सवाल पर बृजेन्द्र काला( Brijendra Kala) ने बताया कि उन्होंने अपनी फिल्म के लिए सही कदम उठाया जिसकी सभी ने सरहाना भी की। ओटीटी को ना कहने के लिए हिम्मत चाहिए। जिस तरह से ओटीटी का प्रचलन बढ़ रहा है लोग थिएटर छोड़ ओटीटी की तरफ जा रहे हैं। सितारे जमीन पर है एक असधाराण फिल्म है जिसके लिए पूरी टीम ने बहुत मेहनत की है। ओटीटी पर इसे रिलीज न करना और थिएटर में इसे दिखाना ये सबकुछ कलाकारों की मेहनत को देखकर किया गया है जो बिल्कुल सही है।

आजकल फिल्में ओटीटी पर ज्यादा देखी जा रही हैं थिएटर से लोग पीछे भाग रहे हैं, इसका क्या कारण है?

इस सवाल का जवाब देते हुए बृजेन्द्र काला ने कहा कि मुझे इसका सबसे बड़ा कारण लगता है' महंगी टिकटें 'आजकल थिएटर्स की टिकट बहुत महंगी हो गई है। जिस वजह से लोग सिनेमाघरों में फिल्में देखना अवॉइड करते हैं। बजाए इसके वह ओटीटी पर फिल्में देख लेते हैं जो उन्हें आसान पड़ता है। उन्होंने फैंस से गुजारिश की कि आपको असली सिनेमा का अनुभव करने के लिए फिल्में थिएटर में देखनी चाहिए और सिनेमाघरों के मालिकों को भी टिकट रेट में छूट देनी चाहिए।

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