जब राबड़ी देवी के लिए लालू यादव बन गए 'साहेब', संबोधन के साथ-साथ बदल गई बिहार की राजनीति

बिहार में अब तक 23 मुख्यमंत्री बने हैं, लेकिन लालू प्रसाद यादव और उनकी पत्नी राबड़ी देवी इकलौते दंपति हैं जिन्होंने मुख्यमंत्री पद संभाला है। दोनों की निजी और राजनीतिक यात्रा एक-दूसरे से गहराई से जुड़ी रही है। इसी में लालू के लिए राबड़ी का संबोधन 'साहेब' के सफर की कहानी भी शामिल है।

बिहार में अबतक 23 नेता मुख्यमंत्री बन चुके हैं, लेकिन लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी इकलौते ऐसे सीएम रहे हैं जो न केवल एक ही परिवार से आते हैं, बल्कि पति-पत्नी भी हैं। राजनीति की दुनिया में लालू यादव और राबड़ी देवी की प्रेम कहानी के कई किस्से हैं, जिसमें उनकी शादी से लेकर अबतक की जिंदगी शामिल है। इन किस्सों में एक ऐसा घटनाक्रम भी शामिल है, जिसमें बिहार की राजनीति और लालू-राबड़ी की प्रेम कहानी एक साथ न केवल करवट लेती है, बल्कि वो पूरी तरह से बदल भी जाती है। जिस लालू यादव से राबड़ी की शादी हुई, वो लालू जब सीएम की गद्दी तक पहुंचे तो न केवल बिहार की राजनीति बदली बल्कि राबड़ी देवी का संबोधन भी बदल गया, राबड़ी देवी के लिए अब लालू यादव 'साहेब' हो गए।

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राबड़ी देवी द्वारा लालू यादव को साहेब कहने के पीछे है दिलचस्प कहानी (फोटो- Lalu Yadav, Rabri Devi Facebook)

जब राबड़ी देवी की हुई लालू यादव के साथ शादी

राबड़ी देवी की शादी जब लालू यादव से हुई तब वो मात्र 14 साल की थीं, तब उन्होंने लालू यादव को 'ईह' कहकर बुलाना शुरू किया। वरिष्ठ पत्रकार संकर्षण ठाकुर अपनी किताब बंधु बिहारी में लिखते हैं कि जब लालू यादव की शादी हुई, तब वो पटना पशु चिकित्सा महाविद्यालय में निचले दर्जे के एक कर्मचारी थे, एक क्लर्क थे, जो सबकी टेबल पर चाय और एक अफसर से दूसरे अफसर की टेबल तक फाइलें पहुंचाते थे। इसलिए 'ईह' पर्याप्त था।

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