West Bengal Assembly Elections 2026: विशेष पुलिस पर्यवेक्षक अजय पाल शर्मा ने बुधवार को पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले का दौरा किया और विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के दौरान मतदान प्रक्रिया पर नजर रखी। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। शर्मा उत्तर प्रदेश कैडर के भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के अधिकारी हैं और वर्तमान में प्रयागराज में एसीपी के पद पर तैनात हैं। पिछले दो दिनों में डायमंड हार्बर क्षेत्र में डराने-धमकाने और हिंसा रोकने के उनके सक्रिय कदमों को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। इस क्षेत्र को तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी का गढ़ माना जाता है।
बंगाल चुनाव: IPS अधिकारी अजय पाल शर्मा ने संभाला दक्षिण 24 परगना में मोर्चा, TMC कर रही प्रदर्शन
अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के कारण 'सिंघम' के नाम से पहचाने जाने वाले शर्मा को मंगलवार को तृणमूल नेताओं और कार्यकर्ताओं के विरोध का सामना करना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि वह अपनी भूमिका से आगे बढ़कर काम कर रहे हैं और चुनाव से पहले पार्टी कार्यकर्ताओं को 'डरा-धमका' रहे हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शर्मा को संदिग्ध उपद्रवियों को यह चेतावनी देते सुना गया कि यदि उन्होंने राज्य में मतदान बाधित करने की कोशिश की तो उनके खिलाफ 'सख्त कार्रवाई' की जाएगी। वह फाल्टा विधानसभा क्षेत्र के तृणमूल उम्मीदवार जहांगीर खान के घर भी पहुंचे थे और कहा था कि यदि मतदाताओं को डराने-धमकाने की खबर मिली तो प्रशासन 'सख्त और तत्काल कदम' उठाएगा।
IPS के खिलाफ हाई कोर्ट गई TMC
तृणमूल शर्मा के खिलाफ कलकत्ता उच्च न्यायालय भी गयी है लेकिन इसके बावजूद आईपीएस अधिकारी को क्षेत्र में तैनात सशस्त्र केंद्रीय बलों के साथ समन्वय करते और उन मतदान केंद्रों की ओर जाते देखा गया, जहां लोग सुबह से ही मतदान के लिए कतार में लगे थे।
शर्मा ने बुधवार सुबह निर्वाचन क्षेत्र के दौरे पर निकलने से पहले सीआरपीएफ महानिदेशक ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह तथा बल के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बंद कमरे में 30 मिनट तक बैठक की। सिंह राजनीतिक रूप से संवेदनशील डायमंड हार्बर में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने इस क्षेत्र में पहुंचे थे।
केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) ने X पर एक पोस्ट में कहा कि महानिदेशक ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बंगाल चुनाव के दूसरे चरण के दौरान डायमंड हार्बर में एडहॉक 343 की बी/4 कंपनी का दौरा किया। पोस्ट में कहा गया है, 'महानिदेशक ने ड्यूटी पर तैनात जवानों से सीधे बातचीत की, जमीनी स्थिति की जानकारी ली और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने तैनात जवानों के लिए साजो सामान संबंधी व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। उनका दौरा शांतिपूर्ण और पारदर्शी चुनाव कराने के लिए प्रतिबद्ध हमारे जवानों का मनोबल बढ़ाता है।'
अमित मालवीय का आरोप
अब तक इस क्षेत्र से किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है जिसे चुनाव आयोग ने अत्यधिक संवेदनशील घोषित किया है। हालांकि, भाजपा के आईटी प्रकोष्ठ के प्रमुख अमित मालवीय ने आरोप लगाया कि फाल्टा के कई मतदान केंद्रों पर ईवीएम के मतदान बटन पर टेप चिपकाकर भाजपा को वोट देने का विकल्प रोक दिया गया था और उन्होंने प्रभावित बूथों पर पुनर्मतदान की मांग की।
मालवीय ने X पर लिखा, 'यह तथाकथित ’डायमंड हार्बर मॉडल’ है, यही तरीका ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी को लोकसभा सीट जिताने में इस्तेमाल हुआ था।' भाजपा के भवानीपुर से उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि पार्टी इस घटनाक्रम पर नजर रखे हुए है और उचित कदम उठाएगी।
उन्होंने कहा, ’’निर्वाचन आयोग ने भी इसका संज्ञान लिया है। अगर यह इसी तरह काम करेगा, तो जो जरूरी होगा वह किया जाएगा। मैं उम्मीदवार से इस पर चर्चा करूंगा। अभी कुछ मिनट पहले गृह मंत्री अमित शाह जी का फोन आया था। मैंने उन्हें फाल्टा की घटना के बारे में बताया। यह तृणमूल का हथकंडा है।’’
इस बीच, तृणमूल ने आरोप लगाया कि फाल्टा के बेलसिंघा गांव में केंद्रीय बल आम मतदाताओं पर बर्बर बल प्रयोग कर रहे हैं। उसने आरोप लगाया कि एक मतदान केंद्र के पास भीड़ को तितर-बितर करने के दौरान विशेष रूप से महिलाओं को पीटा गया।
पार्टी प्रवक्ता अनिर्बान बनर्जी ने कहा, 'सुरक्षा सुनिश्चित करने के नाम पर केंद्रीय बलों के जवान महिलाओं को भी नहीं बख्श रहे, जिन पर बेरहमी से लाठीचार्ज किया गया। निहत्थे ग्रामीणों पर पुरुष जवानों द्वारा किए गए इस बर्बर बल प्रयोग का तृणमूल विरोध करती है। हम चुनाव आयोग का ध्यान सीएपीएफ की ऐसी अवैध कार्रवाइयों की ओर दिलाते हैं और चुनाव निकाय से इस तरह के बल प्रयोग पर रोक लगाने के आदेश जारी करने की मांग करते हैं। हमें विश्वास है कि बंगाल की जनता इसका जवाब ईवीएम पर देगी।'
अब तक कितना मतदान हुआ?
पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण के मतदान के दौरान दोपहर तीन बजे तक 3.21 करोड़ मतदाताओं में से 78. 68 प्रतिशत से अधिक ने मतदान किया। इस दौरान विभिन्न इलाकों से छिटपुट हिंसा की खबरें भी आईं। पश्चिम बंगाल में दो चरणों में हो रहे विधानसभा चुनाव के लिए मतगणना चार मई को होगी।
