यूपी में सियासी संग्राम की जमीन तैयार, योगी-अखिलेश के बीच आर-पार, करहल में सबसे बड़ा घमासान

यूपी उपचुनाव से सबसे बड़ा घमासान करहल सीट पर देखने को मिलेगा जहां मुलायम सिंह यादव के पोते तेज प्रताप यादव मैदान में हैं। इस चुनाव की दिलचस्प कहानी और समीकरण को समझते हैं।

UP Bypolls: उत्तर प्रदेश उपचुनाव के लिए सियासी संग्राम की जमीन तैयार हो गई है। 9 सीटों पर हो रहे उपचुनाव में इंडिया बनाम एनडीए की जंग दिखेगी। जहां इंडिया गठबंधन से समाजवादी पार्टी अकेले मैदान में है, वहीं भारतीय जनता पार्टी 8 और आरएलडी एक सीट पर चुनाव लड़ रही है। तीनों दलों ने अपने-अपने उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर दिया है। कांग्रेस ने कोई उम्मीदवार नहीं उतारा है और वह सपा को समर्थन दे रही है। इनमें से सबसे बड़ा घमासान करहल सीट पर देखने को मिलेगा जहां मुलायम सिंह यादव के पोते तेज प्रताप यादव मैदान में हैं। ये उपचुनाव पूरी तरह से सीएम योगी बनाम अखिलेश यादव की लड़ाई का मैदान बनेगा और दोनों के लिए ही किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं होगा। इस चुनाव की दिलचस्प कहानी और सियासी समीकरण को समझते हैं।

UP byelection

यूपी उपचुनाव में सियासी घमासान

सपा-कांग्रेस की रणनीति से बढ़ी सरगर्मी

उत्तर प्रदेश की नौ विधानसभा सीट पर 13 नवंबर को होने जा रहे उपचुनाव में समाजवादी पार्टी द्वारा अकेले उतरने की बुधवार आधी रात को की गई घोषणा ने अगले दिन राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा दी। सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी और विपक्षी बहुजन समाज पार्टी ने अपने उम्मीदवारों की सूची जारी की जबकि कांग्रेस ने त्रिकोणीय मुकाबले से बाहर रहने और इंडिया गठबंधन का समर्थन करने का विकल्प चुना। कांग्रेस को लेकर उठ रहे सवालों के बीच पार्टी नेताओं ने गुरुवार को संवाददाता सम्मेलन में बताया कि कि इंडिया गठबंधन एकजुट होकर उपचुनाव में उतरेगा। इसके बाद सपा ने बाकी दो सीटों गाजियाबाद और अलीगढ़ में खैर के लिए भी उम्मीदवारों की घोषणा कर दी। सपा ने कांग्रेस के मद्देनजर इन दो सीटों पर उम्मीदवारों का ऐलान नहीं किया था।

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