महाराष्ट्र (Maharashtra) के दिग्गज नेता शरद पवार (Sharad Pawar) ही नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (Nationalist Congress Party : NCP) के चीफ रहेंगे। ऐसा इसलिए क्योंकि शुक्रवार (पांच मई, 2023) को उन्होंने अपना इस्तीफा वापस ले लिया। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने अपने इस कदम के पीछे का असल कारण बताया और कहा, "मैं अपना इस्तीफा वापस लेता हूं। मैं जन भावनाओं का अपमान नहीं कर सकता हूं। लोगों के प्यार की वजह से मैं उस मांग का सम्मान कर रहा हूं, जिसमें मुझसे इस्तीफा वापस लेने के लिए कहा गया था और इस बाबत वरिष्ठ एनसीपी नेताओं की ओर से प्रस्ताव भी पास किया गया था।"
पीसी के दौरान अजित पवार की गैर-मौजूदगी को लेकर पूछे जाने पर उन्होंने बताया, "बाकी लोग तो यहां हैं। कमेटी ने फैसला लिया है और उनके निर्णय के बाद मैंने अपना इस्तीफा वापस लिया है। हम सभी एक हैं और इस बारे में चर्चा हो चुकी है। सीनियर नेता भी समिति में थे। हर कोई पीसी में नहीं शामिल हो सकता है। कुछ यहां हैं, जबकि कुछ नहीं हैं। लेकिन आज सुबह पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने सर्वसम्मति से फैसला लिया और मुझे इससे अवगत कराया। उस फैसले के जरिए सभी ने अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। इसलिए, यह सवाल उठाना कि यहां कौन मौजूद है और कौन नहीं है या इसका मतलब तलाशना सही नहीं है।"
पवार के इस ऐलान के बाद मुंबई में वाईबी चव्हाण सेंटर के बाहर एनसीपी कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाया। वैसे, इससे पहले एनसीपी का नया चीफ चुनने के लिए बनाई गई कमेटी ने एक प्रस्ताव पारित कर पार्टी के अध्यक्ष का पद छोड़ने के पवार के फैसले को खारिज कर दिया। यह जानकारी राकांपा के सीनियर नेता प्रफुल्ल पटेल की ओर से शुक्रवार को समाचार एजेंसी पीटीआई-भाषा दी गई। उन्होंने इसके साथ ही मीटिंग के बाद बताया, “समिति ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया है। यह प्रस्ताव पवार के पद छोड़ने के फैसले को खारिज करता है और उनसे पार्टी का अध्यक्ष बने रहने का आग्रह करता है।”
दरअसल, 82 साल के शरद पवार ने मंगलवार (दो मई, 2023) को यह कहकर सभी लोगों को चौंका दिया था कि वह एनसीपी (साल 1999 में उन्होंने ही इसकी स्थापना की थी) के प्रमुख का पद छोड़ रहे हैं। हालांकि, राज्यसभा सदस्य और विपक्ष के दिग्गज नेताओं में से एक पवार ने यह भी साफ किया था कि वह एनसीपी चीफ का पद छोड़ रहे हैं, मगर सार्वजनिक जीवन से संन्यास नहीं ले रहे हैं।
पवार की यह घोषणा उन अटकलों के बीच हुई कि अजित पवार और कुछ विधायक सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) से हाथ मिला सकते हैं। वैसे, पूर्व डिप्टी-सीएम ने इस तरह की बात का खंडन करते हुए दावा किया कि वह आजीवन एनसीपी के साथ ही रहेंगे। शरद की ओर से उनका उत्तराधिकारी चुनने के लिए गठित समिति में अजित, सुप्रिया सुले, पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रफुल्ल पटेल और भुजबल हैं।
