उपेंद्र कुशवाहा पहुंचे पटना, NDA के सीट बंटवारे के बाद X पर फिर छलका दर्द, कहा- ‘जहां मेरा घर था वहीं बारिश की’

Bihar Assembly Election 2025: बिहार चुनाव को लेकर एनडीए में सीटों की घोषणा के बाद राष्ट्रीय लोक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा आज पटना पहुंचे। जहां वे मीडिया से बात किए बिना ही अपने घर के लिए रवाना हो गए। एनडीए ने उनकी पार्टी को 6 सीट दी हैं। जिससे वे खुश नजर नहीं आ रहे हैं। उपेंद्र कुशवाहा द्वारा एक्स पर की गई अलग-अलग पोस्ट से उनकी नाराजगी साफ झलक रही है।

Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में सीटों के बंटवारे के बाद उपेंद्र कुशवाहा आज पटना पहुंचे। जहां उन्होंने मीडिया से कोई बातचीत नहीं की। वे चुपचाप ही एयरपोर्ट से अपने घर के लिए रवाना हो गए। एनडीए के सीट बंटवारे में उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) को 6 सीटें मिलीं है। लेकिन उपेंद्र कुशवाहा इस सीट बंटवारे से खुश नहीं है। उनके सोशल मीडिया पोस्ट से नाराजगी साफ झलक रही है। वे लगातार अलग-अलग पोस्ट से अपना दर्द भी बयां कर रहे हैं। सोमवार सुबह उन्होंने X पर एक पोस्ट की। जिसमें उन्होंने कहा 'आज बादलों ने फिर साजिश की, जहां मेरा घर था वहीं बारिश की। अगर फलक को जिद है बिजलियां गिराने की, तो हमें भी जिद है वहीं पर आशियां बसाने की।'

Upendra Kushwaha

NDA के सीट बंटवारे के बाद उपेंद्र कुशवाहा पहुंचे पटना

कुशवाहा ने इससे पहले भी अपने एक्स अकाउंट से एक पोस्ट की थी। जिसमें उन्होंने मन के मुताबिक सीट नहीं मिलने का जिक्र किया था। उपेंद्र कुशवाहा ने रविवार को पोस्ट में कहा था कि 'प्रिय मित्रों/साथियों, आप सभी से क्षमा चाहता हूं। आपके मन के अनुकूल सीटों की संख्या नहीं हो पायी। मैं समझ रहा हूं, इस निर्णय से अपनी पार्टी के उम्मीदवार होने की इच्छा रखने वाले साथियों सहित हजारों - लाखों लोगों का मन दुखी होगा। आज कई घरों में खाना नहीं बना होगा। परन्तु आप सभी मेरी एवं पार्टी की विवशता और सीमा को बखूबी समझ रहे होंगे। किसी भी निर्णय के पीछे कुछ परिस्थितियां ऐसी होती हैं जो बाहर से दिखतीं हैं मगर कुछ ऐसी भी होती हैं जो बाहर से नहीं दिखतीं। हम जानते हैं कि अन्दर की परिस्थितियों से अनभिज्ञता के कारण आपके मन में मेरे प्रति गुस्सा भी होगा, जो स्वाभाविक भी है। आपसे विनम्र आग्रह है कि आप गुस्सा को शांत होने दीजिए, फिर आप स्वयं महसूस करेंगे कि फैसला कितना उचित है या अनुचित। फिर कुछ आने वाला समय बताएगा। फिलहाल इतना ही।'

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